मुरैना जिले के ग्रामीणों को अब अपनी छोटी-छोटी समस्याओं के लिए जिला मुख्यालय के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। नवागत कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ के निर्देश पर जिले की सभी ग्राम पंचायतों में सोमवार से शुक्रवार तक रोजाना जनसुनवाई की जाएगी।
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पंचायत सचिव और रोजगार सहायक सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक ग्रामीणों की समस्याएं सुनेंगे। जिला पंचायत सीईओ कमलेश कुमार भार्गव ने इस संबंध में सभी जनपदों और पंचायतों को आदेश जारी कर दिया है।
मुख्यालय का बोझ होगा कम, ग्रामीणों को राहत प्रशासन की इस नई पहल का मुख्य उद्देश्य जिला मुख्यालय पर हर मंगलवार को होने वाली जनसुनवाई का भार कम करना है। अब ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान गांव में ही हो सकेगा, जिससे उनका जिला मुख्यालय तक आने-जाने का समय और पैसा दोनों बचेगा। खासकर निम्न वर्ग के लोग, जो मुख्यालय तक पहुंचने में असमर्थ थे, उन्हें बड़ी राहत मिलेगी।
आदेश
जिनके पास एक से ज्यादा चार्ज, उन्हें 3-3 दिन करनी होगी सुनवाई आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया कि जिन सचिवों और रोजगार सहायकों के पास एक से अधिक पंचायतों का चार्ज है, उन्हें दोनों पंचायतों में तीन-तीन दिन जनसुनवाई करनी होगी। उन्हें किस दिन किस पंचायत में बैठना है, इसकी सूचना पंचायत भवन पर चस्पा करनी होगी, ताकि ग्रामीणों को कोई असुविधा न हो।
ग्रामीणों ने किया कलेक्टर के फैसले का स्वागत कलेक्टर के इस आदेश का ग्रामीण स्वागत कर रहे हैं। सरसैनी पंचायत के किसान अजमेर सिंह ने कहा, “यह फैसला बहुत अच्छा है। मैं खेती-किसानी के काम की वजह से आज तक किसी जनसुनवाई में नहीं जा सका। शिकायतें तो मुझे भी हैं, पर मुख्यालय बहुत दूर है। अब गांव में ही सुनवाई होगी तो हम अपनी बात रख पाएंगे।”
सीईओ बोले- लापरवाही हुई तो मॉनिटरिंग टीम देखेगी जिला पंचायत सीईओ कमलेश भार्गव ने कहा कि पंचायत स्तर पर जनसुनवाई एक अच्छी पहल है। इससे ग्रामीणों को उन्हीं के स्थान पर समस्या का समाधान मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि यदि इसमें किसी तरह की कोई लापरवाही होती है तो मॉनिटरिंग टीम उस पर नजर रखेगी और शिकायतकर्ता सीधे वरिष्ठ अधिकारी को भी अवगत करा सकता है।