प्रयागराज माघ मेले में पालकी रथ यात्रा रोकने के विरोध में धरने पर बैठे शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को मेला प्रशासन ने नोटिस जारी किया है। मेला प्राधिकरण ने 24 घंटे में यह साबित करने को कहा है कि वे ही असली शंकराचार्य हैं।रात 12 बजे कानूनगो अनिल कुमार शंकराचार्य के शिविर पहुंचे और समर्थकों से नोटिस रिसीव करने को कहा, लेकिन उन्होंने लेने से मना कर दिया। इसके बाद सुबह शिविर के गेट पर नोटिस चस्पा कर दिया गया। शंकराचार्य ने कहना कि प्रशासन के माफी मांगने तक वे आश्रम में प्रवेश नहीं करेंगे। उन्होंने कहा, हर मेले में प्रयागराज आऊंगा, लेकिन शिविर में नहीं, फुटपाथ पर रहूंगा।सोमवार शाम सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने फोन पर शंकराचार्य से बात की। कहा- मैं आपके साथ हूं, जल्द ही मिलने आऊंगा। दरअसल, मौनी अमावस्या पर शंकराचार्य की पालकी को पुलिस ने रोक दिया था। पुलिस ने पैदल संगम जाने को कहा, लेकिन शिष्य नहीं माने और पालकी आगे बढ़ाने लगे। इस दौरान शिष्यों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की हुई। पुलिस ने कई शिष्यों को हिरासत में ले लिया। इससे नाराज शंकराचार्य धरने पर बैठ गए और शिष्यों को छुड़ाने की मांग करने लगे।अधिकारियों ने समझाने की कोशिश की, लेकिन वे नहीं माने। करीब दो घंटे तक तनाव की स्थिति बनी रही। इसके बाद पुलिस ने और समर्थकों को हिरासत में लिया। माघ मेले से जुड़े अपडेट्स के लिए लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए… .