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Semal Tree Benefits: डॉ संतोष मौर्य लोकल 18 को बताते हैं कि सेमल के फूल औषधीय गुणों से भरपूर होते हैं. इसके फूलों का घी के साथ हलवा बनाकर खाने से महिलाओं को माहवारी के दौरान होने वाली दिक्कतों में राहत मिलती है. ज्यादा खून बहने, कमजोरी और दर्द जैसी समस्या में यह काफी मददगार माना जाता है.
खरगोन. मध्य प्रदेश के खरगोन सहित निमाड़ में बड़ी ही आसानी से पाया जाने वाला सेमल का पेड़ आयुर्वेद में बहुत खास माना जाता है. आमतौर पर लोग इसे सिर्फ इसके बड़े फूलों और रुई जैसे फलों के कारण जानते हैं लेकिन इसके कांटे, छाल, बीज और जड़ भी कई बीमारियों में काम आते हैं. आयुर्वेद विशेषज्ञों के अनुसार, सेमल के सही उपयोग से त्वचा रोग, पेट की परेशानी, जलन और महिलाओं से जुड़ी समस्याओं में राहत मिल सकती है. खरगोन के आयुर्वेद विशेषज्ञ (एमडी) डॉ संतोष मौर्य लोकल 18 को बताते हैं कि सेमल को शाल्मली भी कहा जाता है. इसका वैज्ञानिक नाम बॉम्बैक्स सीइबा (Bombax Ceiba) है. आयुर्वेद में इसे औषधीय गुणों की खान माना गया है. इसके फूल, फल, छाल, बीज, जड़, लकड़ी और यहां तक कि कांटे भी दवा के रूप में उपयोग किए जाते हैं. यदि इसका सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए, तो यह शरीर की कई बीमारियों से राहत दिलाने में मदद करता है.
वह बताते हैं कि सेमल की छाल पेट से जुड़ी परेशानियों में काफी कारगर है. इसकी छाल का काढ़ा बनाकर पीने से दस्त, पेट में मरोड़ और डिसेंट्री जैसी समस्याओं में आराम मिलता है. वहीं इसकी छाल का पाउडर बनाकर लेप के रूप में लगाने से सूजन, जलन और दर्द में राहत मिलती है. खासतौर पर जिन लोगों को बार-बार त्वचा में जलन या खुजली की समस्या होती है, उनके लिए यह उपयोगी माना जाता है.
कांटों से आएगा चेहरे पर निखार
डॉक्टर कहते हैं कि आमतौर पर लोग सेमल के कांटों से दूरी बनाकर रखते हैं लेकिन आयुर्वेद में इन्हें सुंदरता बढ़ाने का सबसे सस्ता और अच्छा स्रोत माना गया है. सेमल के कांटों को दूध में मिलाकर पत्थर पर घिसकर पेस्ट बनाया जाता है. इस पेस्ट को चेहरे पर लगाने से कील-मुंहासे, दाग-धब्बे और झाइयों में फायदा मिलता है. इससे त्वचा साफ होती है और चेहरे पर नैचुरल चमक आती है. नियमित और सही तरीके से इस्तेमाल करने पर स्किन की कई समस्याएं कम हो सकती हैं.
माहवारी में फूलों का हलवा सबसे बेस्ट
डॉ मौर्य आगे बताते हैं कि सेमल के फूल भी औषधीय गुणों से भरपूर होते हैं. इसके फूलों का घी के साथ हलवा बनाकर सेवन करने से महिलाओं को माहवारी के दौरान होने वाली समस्याओं में राहत मिलती है. खासतौर पर ज्यादा खून बहने, कमजोरी और दर्द जैसी परेशानियों में यह मददगार माना जाता है. ग्रामीण इलाकों में आज भी कई महिलाएं इस घरेलू उपाय का इस्तेमाल करती हैं.
कंद सेवन के स्वास्थ्य लाभ
वह बताते हैं कि इसके अलावा सेमल के फल और जड़ का भी आयुर्वेद में विशेष महत्व है. इसका फल कंद के रूप में पाया जाता है, जिसे सुखाकर पाउडर बनाया जाता है. इस पाउडर का सेवन शरीर की कमजोरी दूर करने और ताकत बढ़ाने के लिए किया जाता है. आयुर्वेद में इसे रसायन औषधि के रूप में भी उपयोग किया जाता है, जिससे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है और व्यक्ति लंबे समय तक स्वस्थ रह सकता है.
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राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.
Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.
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