Last Updated:
Monsoon Indicator Bird: इंडियन पिट्टा यानी नौरंगा पक्षी मानसून की छुट्टियां बिताने बुंदेलखंड पहुंचता है. रंग-बिरंगे पंखों वाला यह खूबसूरत पक्षी बारिश का संकेतक माना जाता है. जानिए क्यों खास है यह प्रवासी पक्षी …और पढ़ें
यह छोटा-सा पक्षी किसी पर्यटक से कम नहीं लगता. इसके पंख, गर्दन और चोंच अलग-अलग रंगों के होते हैं. जब ये उड़ता है तो ऐसा लगता है मानो कोई रंगों की पेंटिंग हवा में तैर रही हो. यही कारण है कि इसे देखने वाले इसे भूल नहीं पाते.
नौरंगा पक्षी को मानसून का सूचक माना जाता है. जैसे ही यह पक्षी उत्तर भारत की ओर से बुंदेलखंड में आता है, समझ लीजिए कि मानसून दरवाजे पर दस्तक देने वाला है. यानी यह पक्षी किसानों और आम लोगों के लिए बारिश की दस्तक का प्राकृतिक संकेत बन जाता है.
नौरादेही टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर डॉ. ए.ए. अंसारी बताते हैं कि नौरंगा पक्षी मानसून से ठीक पहले यहां दिखाई देने लगता है. “हमारी कई रेंज में इस साल भी इसके दर्शन हुए हैं. यह इस बात का सबूत है कि यहां का प्राकृतिक माहौल इस पक्षी के लिए अनुकूल है और उसे यहां सुरक्षा व भरपूर भोजन मिलता है.”
नौरंगा झाड़ियों में रहना पसंद करता है. कभी पेड़ों पर तो कभी जमीन के आसपास इसे देखा जा सकता है. लेकिन दिलचस्प बात यह है कि यह पक्षी बुंदेलखंड में सिर्फ घूमने-फिरने और खाने-पीने आता है. यहां पर यह न तो घोंसला बनाता है और न ही अंडे देता है. जैसे ही मानसून का मौसम खत्म होता है, यह वापस लौट जाता है.
क्यों खास है यह पक्षी?
नौरंगा की मौजूदगी यह साबित करती है कि बुंदेलखंड का प्राकृतिक रहवास अभी भी समृद्ध और सुरक्षित है. पर्यावरण प्रेमियों और पक्षी प्रेमियों के लिए यह अच्छी खबर है कि प्रवासी पक्षियों के लिए यह क्षेत्र आज भी आकर्षण का केंद्र बना हुआ है.
.