मधुमक्खियों का शहद ही नहीं, इनका जहर भी पावरफुल दवा, ब्रेस्ट कैंसर का कर सकता है सफाया ! स्टडी में खुलासा

Last Updated:

Honeybee Venom and Breast Cancer: एक स्टडी में पता चला है कि मधुमक्खी के जहर में मौजूद मेलिटिन नामक तत्व ब्रेस्ट कैंसर की कोशिकाओं को नष्ट कर सकता है. भविष्य में यह विष कैंसर के इलाज में उपयोग किया जा सकता है.

मधुमक्खियों का विष ब्रेस्ट कैंसर सेल्स को नष्ट कर सकता है.

हाइलाइट्स

  • मधुमक्खी का जहर ब्रेस्ट कैंसर कोशिकाओं को नष्ट कर सकता है.
  • इसमें मौजूद मेलिटिन तत्व ट्रिपल-नेगेटिव ब्रेस्ट कैंसर पर प्रभावी है.
  • मधुमक्खी का जहर सामान्य कोशिकाओं पर कम असर डालता है.
Study on Honeybee Venom: मधुमक्खियां प्रकृति से शहद इकट्ठा करती हैं, जिसमें औषधीय गुणों का भंडार होता है. आयुर्वेद में शहद को प्रभावी औषधि माना गया है. यह कई स्वास्थ्य समस्याओं से राहत दिला सकता है. मधुमक्खियों के शहद के फायदे तो अधिकतर लोग जानते हैं, लेकिन क्या आपको पता है कि मधुमक्खियों के डंक में पाया जाने वाला विष (Venom) भी पावरफुल दवा का काम कर सकता है. एक स्टडी में पता चला है कि मधुमक्खियों का ब्रेस्ट कैंसर की सेल्स को नष्ट कर सकता है. खास बात यह है कि यह विष सबसे एग्रेसिव ब्रेस्ट कैंसर पर भी काफी असरदार पाया गया है.

ऑस्ट्रेलिया के हैरी पर्किन्स इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल रिसर्च की रिपोर्ट के मुताबिक एक हालिया रिसर्च में खुलासा हुआ है कि मधुमक्खियों का जहर ब्रेस्ट कैंसर की कोशिकाओं को नष्ट करने में बहुत प्रभावी हो सकता है. खासतौर से यह ट्रिपल-नेगेटिव ब्रेस्ट कैंसर (TNBC) जैसी सबसे घातक बीमारी से राहत दिला सकता है. यह रिसर्च पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया में की गई थी, जिसमें वैज्ञानिकों ने मधुमक्खियों (Honeybee) और भौंरा (Bumblebees) के जहर (Venom) का उपयोग कर रिसर्च की. इस अध्ययन में पता चला कि मधुमक्खियों का जहर ब्रेस्ट कैंसर की कोशिकाओं को तेजी से नष्ट करने में सक्षम है, जबकि सामान्य कोशिकाओं पर इसका बहुत कम असर पड़ता है.
इस रिसर्च में एक प्रमुख तत्व मेलिटिन (melittin) की पहचान की गई, जो मधुमक्खी के जहर का एक छोटा, लेकिन प्रभावी पेप्टाइड है. मेलिटिन ने ट्रिपल-नेगेटिव ब्रेस्ट कैंसर और HER2 ब्रेस्ट कैंसर कोशिकाओं की झिल्ली को 60 मिनट के भीतर पूरी तरह से नष्ट कर दिया. मेलिटिन ने कैंसर कोशिकाओं की वृद्धि और उनके विभाजन को नियंत्रित करने वाले केमिकस सिग्नल्स को भी दबा दिया. इस प्रक्रिया से कैंसर कोशिकाओं की जीवनशक्ति में भारी कमी आई, जबकि सामान्य कोशिकाएं सुरक्षित रहीं. मेलिटिन का उपयोग कीमोथेरेपी दवाओं के साथ संयोजन में किया जा सकता है. मेलिटिन कैंसर कोशिकाओं की झिल्ली में छेद बना सकता है, जिससे कीमोथेरेपी जैसी अन्य दवाओं को कोशिका के अंदर प्रवेश करने में आसानी होती है. यह कॉम्बिनेशन माउस मॉडल में ट्यूमर के विकास को काफी कम करने में सक्षम रहा. शोधकर्ताओं का कहना है कि यह संयोजन अत्यधिक आक्रामक ब्रेस्ट कैंसर के इलाज में एक नई दिशा प्रदान कर सकता है.

शोधकर्ता डॉ. सिआरा डफी ने मधुमक्खियों से विष प्राप्त करने के लिए विशेष सावधानी से काम किया. उन्होंने पर्थ में मधुमक्खियों से विष निकाला, क्योंकि पर्थ की मधुमक्खियां दुनिया की सबसे स्वस्थ मधुमक्खियां मानी जाती हैं. मधुमक्खियों के जहर ने ब्रेस्ट कैंसर कोशिकाओं पर समान प्रभाव डाला, चाहे वे ऑस्ट्रेलिया, आयरलैंड या इंग्लैंड की हों. हालांकि भौंरा के जहर का कैंसर कोशिकाओं पर कोई असर नहीं पड़ा. यह शोध बेहद महत्वपूर्ण है, लेकिन अभी इस दिशा में ज्यादा रिसर्च की जरूरत है. शोधकर्ताओं का मानना है कि मेलिटिन के उपयोग के तरीके, उसकी डोज और विषाक्तता पर ज्यादा रिसर्च की जानी चाहिए. हालांकि यह अध्ययन स्पष्ट करता है कि प्राकृतिक स्रोतों से प्राप्त मेलिटिन और मधुमक्खी के विष जैसे तत्व कैंसर के इलाज में एक नई उम्मीद जगाते हैं. भविष्य में यह अध्ययन कैंसर के उपचार के लिए एक नई क्रांति ला सकता है.

अमित उपाध्याय

अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम में सीनियर सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं. उन्हें प्रिंट और डिजिटल मीडिया में करीब 8 साल का अनुभव है. वे हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े टॉपिक पर स्टोरीज लिखते हैं. …और पढ़ें

अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम में सीनियर सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं. उन्हें प्रिंट और डिजिटल मीडिया में करीब 8 साल का अनुभव है. वे हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े टॉपिक पर स्टोरीज लिखते हैं. … और पढ़ें

homelifestyle

मधुमक्खियों का शहद ही नहीं, जहर भी पावरफुल दवा, ब्रेस्ट कैंसर से दिलाएगा राहत?

Source link

Share me..

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *