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आयुष चिकित्सक डॉ. आकांक्षा दीक्षित के अनुसार, नींबू और लौंग दोनों ही सेहत के लिए वरदान हैं. हालांकि, इनका सेवन सीमित मात्रा में और समझदारी से करना चाहिए. सही मात्रा में इस्तेमाल करने पर ये दो प्राकृतिक चीजें शरीर को रोगमुक्त रखने में अहम भूमिका निभाती हैं. आइए जानते है इसके फायदे…
रसोई में रोज़ इस्तेमाल होने वाले नींबू और लौंग सिर्फ खाने का स्वाद बढ़ाने के लिए ही नहीं, बल्कि सेहत के खज़ाने भी हैं. नींबू अपने खट्टे स्वाद और विटामिन C की प्रचुरता के कारण शरीर को ऊर्जावान बनाता है.

वही, लौंग अपने तेज़ स्वाद और औषधीय गुणों से अनेक बीमारियों में राहत देती है. लेकिन इसका गलत या ज्यादा सेवन नुकसान भी पहुंचा सकता है.

नींबू में विटामिन C, पोटैशियम और एंटीऑक्सीडेंट तत्व होते हैं, जो इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाते हैं. रोज़ सुबह गुनगुने पानी में नींबू मिलाकर पीने से शरीर से टॉक्सिन्स बाहर निकलते हैं और वजन नियंत्रित रहता है. नींबू पानी पाचन को दुरुस्त रखता है.

नींबू गैस, कब्ज और अपच की समस्या को कम करता है. चेहरे पर नींबू का रस लगाने से टैनिंग और झाइयां दूर होती हैं. बालों में लगाने से रूसी और तैलीयपन घटता है. नींबू ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने और हृदय को स्वस्थ रखने में भी मददगार है.

हालांकि, नींबू अम्लीय होने के कारण ज्यादा सेवन करने से दांतों की परत (एनामेल) कमजोर हो सकती है. खाली पेट नींबू पानी पीने से कुछ लोगों को जलन और एसिडिटी की शिकायत हो सकती है. त्वचा पर सीधा लगाने से सनबर्न या जलन की संभावना भी रहती है, इसलिए सावधानी जरूरी है.

लौंग को आयुर्वेद में औषधि के रूप में जाना जाता है. इसमें एंटीबैक्टीरियल और एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं. दांत दर्द, मसूड़ों की सूजन और मुंह की दुर्गंध में यह बेहद फायदेमंद है. लौंग का तेल सिरदर्द में भी राहत देता है.

सर्दी-जुकाम या गले की खराश में लौंग, शहद और अदरक का सेवन तुरंत राहत देता है. इसके अलावा, यह पाचन को दुरुस्त रखती है और गैस या पेट दर्द जैसी समस्याओं को दूर करती है.

लौंग का अधिक सेवन मुंह और गले में जलन पैदा कर सकता है. लौंग के तेल का अधिक उपयोग लिवर को नुकसान पहुंचा सकता है. गर्भवती महिलाओं और छोटे बच्चों को इसका सेवन सीमित मात्रा में करना चाहिए.