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प्रकृति ने हमें ऐसे कई पेड़-पौधे दिए हैं, जिन्हें हम घरों में लगाना पसंद करते हैं. इनके फूल और फल न केवल हमें आकर्षित करते हैं बल्कि आयुर्वेदिक दृष्टि से भी बेहद उपयोगी होते हैं. करी पत्ता, तुलसी, गेंदा, गुलाब, अनार, केला और अमरूद जैसे पौधे औषधीय गुणों से भरपूर हैं, जो कई बीमारियों को दूर करने में मददगार साबित होते हैं.
प्राकृतिक रूप से मिले पेड़-पौधों को हम अक्सर अपने घर के आसपास लगाते हैं, लेकिन उनका आयुर्वेदिक महत्व नहीं जानते. जैसे स्वाद के लिए लोग करी पत्ते का उपयोग करते हैं. आयुर्वेद के अनुसार, करी पत्ता पाचन तंत्र को मजबूत बनाने में मददगार होता है. यह मधुमेह को नियंत्रित करने में भी सहायक है. इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट गुण शरीर को स्वस्थ रखते हैं और तनाव से भी बचाते हैं.

इसी तरह लोगों को अमरूद खाना काफी पसंद होता है और कई बार वे अपने बालकनी में अमरूद का पौधा भी लगाते हैं. आयुर्वेदिक दृष्टि से अमरूद विटामिन सी का अच्छा स्रोत माना जाता है, जिससे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है. यह पाचन तंत्र को मजबूत बनाने में भी सहायक है. इतना ही नहीं, दांत दर्द या मुंह में बार-बार छाले होने पर अमरूद की पत्तियां चबाने से भी काफी राहत मिलती है.

अनार को सेहत के लिए काफी लाभकारी माना जाता है, इसलिए लोग इसे खाना उपयोगी समझते हैं. आयुर्वेदिक दृष्टि से अनार में एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं, जो तनाव को दूर रखने के साथ हृदय स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में सहायक हैं. इसके अलावा, यह कैंसर के खतरे को कम करने वाला भी माना जाता है, क्योंकि इसमें ऐसे तत्व मौजूद होते हैं जो शरीर को स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं.

वर्तमान समय में हर कोई सुंदर दिखना चाहता है, जिसके लिए लोग बाजार की विभिन्न क्रीम और प्रोडक्ट खरीदते हैं. जबकि घरों में आसानी से मिलने वाला एलोवेरा काफी उपयोगी माना जाता है. यह न केवल त्वचा को सुंदर बनाने में मदद करता है, बल्कि पाचन तंत्र को मजबूत करने में भी सहायक है. इसके अंदर पाया जाने वाला जेल चेहरे की चमक बढ़ाता है और हमें आकर्षक दिखने में मदद करता है.

आयुर्वेद में तुलसी के पौधे को बेहद उपयोगी माना गया है. इसमें पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट और एंटीमाइक्रोबियल गुण शरीर के लिए लाभकारी होते हैं. तुलसी के पत्तों में तनाव रोधी गुण पाए जाते हैं, जो चिंता और तनाव को कम करने में मदद करते हैं. वहीं नजला, जुकाम और खांसी जैसी मौसमी समस्याओं से होने वाली सांस की दिक्कत को दूर करने में भी तुलसी की पत्तियां काफी उपयोगी मानी जाती हैं. इसका हर तरह से सेवन किया जा सकता है.

घर को खूबसूरत बनाने के लिए लोग अक्सर गेंदे का पौधा लगाते हैं. इसके फूल घर की सुंदरता बढ़ाते हैं. आयुर्वेदिक दृष्टि से गेंदे के फूल और पत्ते भी काफी उपयोगी माने जाते हैं, क्योंकि इनके माध्यम से कई तरह की बीमारियों का उपचार किया जाता है. गेंदे के फूलों का उपयोग त्वचा और बालों की देखभाल के लिए किया जाता है, वहीं इसके पौधे में पाए जाने वाले कीटनाशक गुण मच्छरों और अन्य कीड़ों को दूर करने में मदद करते हैं. इसका स्प्रे बनाकर घर के आसपास इस्तेमाल किया जा सकता है.

फूलों की प्रजाति में गुलाब को सबसे अनमोल माना जाता है, क्योंकि इसकी सुंदरता लोगों को आकर्षित करती है. आयुर्वेद में भी गुलाब के फूलों का विशेष महत्व है. इसके माध्यम से गुलाब जल, गुलाब तेल और गुलाब क्रीम जैसे कई सौंदर्य प्रसाधन तैयार किए जाते हैं. गुलाब की पंखुड़ियों में औषधीय गुणों का भंडार छिपा होता है, जो हमारे लिए बेहद उपयोगी है. इन्हीं पंखुड़ियों का उपयोग कर हम अपनी खूबसूरती को और बढ़ा सकते हैं.

केला भी एक महत्वपूर्ण फल माना जाता है, क्योंकि इसमें पाए जाने वाले पोटेशियम और फाइबर शरीर को स्वस्थ रखने में अहम भूमिका निभाते हैं. पोटेशियम जहां रक्तचाप को नियंत्रित करने और मांसपेशियों के कार्यों को बेहतर बनाने में मदद करता है, वहीं फाइबर पाचन तंत्र को मजबूत बनाए रखता है. केले के पत्तों पर भोजन करना भी पौष्टिक आहार माना जाता है, क्योंकि इनमें औषधीय गुणों का भंडार होता है. हालांकि, इन सबका उपयोग एक्सपर्ट की सलाह और सीमित मात्रा में ही करना चाहिए.