स्वास्थ्य केंद्र पर नहीं हुई एक भी डिलीवरी, फिर भी बने 250 बर्थ सर्टिफिकेट

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मध्य प्रदेश के राजगढ़ के एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर फरवरी 2026 में एक भी डिलीवरी नहीं हुई. फिर भी यहां पर फर्जी जन्म प्रमाण पत्र जारी कर दिए गए. अब पुलिस ने इस संगठित गिरोह का भंड़ाफोड़ किया है. इस मामले ने पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है.

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फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाने वाले गिरोह का भंडाफोड़

राजगढ़ जिले की पुलिस ने बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश करते हुए जन्म प्रमाण पत्र बनाने वाले एक संगठित गिरोह को धर लिया है. 6 आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं और मुख्य आरोपी अर्जुन बैरागी (डेटा एंट्री ऑपरेटर, PHC रामगढ़) पर गंभीर आरोप लगे हैं. इस कार्रवाई का खुलासा एएसपी के.एल. बंजारे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में किया. मामला तब सामने आया जब डॉ. सुनील चौरसिया ने थाना माचलपुर में लिखित शिकायत देकर बताया कि PHC रामगढ़ से फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाए जा रहे हैं.

जांच में सामने आए चौंकाने वाले तथ्य
फरवरी 2026 में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रामगढ़ में एक भी डिलीवरी नहीं हुई, फिर भी आरोपी ने 137 जन्म प्रमाण पत्र जारी कर दिए. इन प्रमाण पत्रों के लिए कोई आवेदन पत्र नहीं मिला था. कई जन्म प्रमाण पत्र 2007 से पहले के और 1950-1980 के बीच के जारी पाए गए. जबकि उस समय इस केन्द्र में डिलीवरी होती ही नहीं थी. बड़ी संख्या में प्रमाण पत्र अन्य राज्यों राजस्थान, तेलंगाना, सिक्किम, बिहार, यूपी और पश्चिम बंगाल के व्यक्तियों के नाम पर बनाए गए.

हद तो तब हो गई, जब CRS पोर्टल पर फर्जी दस्तावेज स्कैन कर अपलोड किए गए. मेडिकल ऑफिसर को पूरी तरह अंधेरे में रखा गया था. सभी कार्यवाही रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी के माध्यम से की गई.

पूछताछ में बड़ा खुलासा
मुख्य आरोपी अर्जुन बैरागी ने पूछताछ में बताया कि फर्जी जन्म प्रमाण पत्र, आधार कार्ड में नाम/जन्मतिथि संशोधन कराने के लिए बनाए जाते थे. लोकसेवा केंद्र, आधार केंद्र और MP ऑनलाइन संचालक ग्राहक लाते थे. व्यक्तियों की जानकारी व्हाट्सऐप के माध्यम से भेजी जाती थी. बिना वैध दस्तावेज CRS पोर्टल पर एंट्री कर तात्कालिक रूप से प्रमाण पत्र जारी किए जाते थे. हर प्रमाण पत्र के 500 से 1000 रुपए वसूले जाते थे. आरोपी ने यह भी स्वीकार किया है कि लगभग 250 फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाए गए. इससे करीब 35000 रुपए की अवैध कमाई की गई.

पुलिस कर रही है आगे की कार्रवाई
पुलिस ने फर्जी प्रमाण पत्र तैयार करने में उपयोग मोबाइल फोन और PHC रामगढ़ का कंप्यूटर सिस्टम जब्त कर लिया है. पुलिस ने बताया कि नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की पहचान की जा रही है. मामले में वैधानिक कार्रवाई जारी है. कई और गिरफ्तारी की संभावना जताई जा रही है.

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