Last Updated:
North Korea Nuclear: उत्तर कोरिया ने 200 किमी रेंज की नई मिसाइल का सफल परीक्षण किया और किम जोंग उन ने बेटी के साथ परमाणु पनडुब्बी निर्माण का निरीक्षण किया. यह कदम अमेरिका, दक्षिण कोरिया और जापान के लिए सख्त चेतावनी माना जा रहा है. तस्वीरें सामने आई हैं, जिसमें दिख रहा है कि अब किम जोंग उन परमाणु पनडुब्बी पाने के करीब पहुंच गए हैं.
उत्तर कोरिया ने एक साथ दो मोर्चों पर ताकत का प्रदर्शन करते हुए साफ कर दिया है कि वह आने वाले समय में सैन्य दबाव और बढ़ाने के मूड में है. देश के सुप्रीम लीडर किम जोंग उन ने न सिर्फ लंबी दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल (Surface-to-Air Missile) के सफल परीक्षण की निगरानी की, बल्कि अपनी बेटी के साथ एक विशाल परमाणु-संचालित पनडुब्बी के निर्माण कार्य का भी निरीक्षण किया. इसे प्योंगयांग की ओर से अमेरिका, दक्षिण कोरिया और जापान के लिए सीधा और बहुस्तरीय संदेश माना जा रहा है.

उत्तर कोरियाई सरकारी मीडिया के अनुसार, बुधवार को देश के पूर्वी तट के पास की गई मिसाइल टेस्टिंग में 200 किलोमीटर दूर हवा में मौजूद लक्ष्यों को सटीकता से नष्ट किया गया.

यह परीक्षण नई हाई-एल्टीट्यूड एयर डिफेंस मिसाइल तकनीक को परखने के लिए किया गया था, जो भविष्य में रणनीतिक ठिकानों और हवाई हमलों से सुरक्षा देने में अहम भूमिका निभा सकती है. दक्षिण कोरिया की जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ ने भी इस लॉन्च की पुष्टि की और बताया कि सेना पहले से अलर्ट पर थी.
Add News18 as
Preferred Source on Google

इसी बीच किम जोंग उन एक अलग स्थान पर 8,700 टन वजनी परमाणु-संचालित पनडुब्बी के निर्माण स्थल पर पहुंचे. तस्वीरों में यह साफ दिखता है कि सबमरीन का ढांचा काफी हद तक तैयार है. दक्षिण कोरियाई और अंतरराष्ट्रीय रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि इसके हुल (ढांचे) से संकेत मिलते हैं कि इसमें न्यूक्लियर रिएक्टर लगाया जा चुका है और यह जल्द ही समुद्री परीक्षण के लिए तैयार हो सकती है.

यह पनडुब्बी सतह से हवा और सतह से सतह में मार करने वाली मिसाइलें दागने में सक्षम हो सकती है, जिससे उत्तर कोरिया की समुद्री परमाणु क्षमता कई गुना बढ़ जाएगी. किम जोंग उन ने इस मौके पर कहा कि ‘आज की दुनिया बिल्कुल भी शांत नहीं है’ और ऐसे हालात में नौसेना का आधुनिकीकरण और परमाणु ताकत का विस्तार उत्तर कोरिया के लिए ‘जरूरी और अपरिहार्य’ है.

उन्होंने सीधे तौर पर दक्षिण कोरिया और अमेरिका के बीच बढ़ते सैन्य सहयोग पर भी नाराज़गी जताई, खासकर उस समझौते पर जिसके तहत सियोल परमाणु-संचालित पनडुब्बी विकसित करने की योजना बना रहा है.

उत्तर कोरिया ने हाल ही में दक्षिण कोरिया के बुसान बंदरगाह पर एक अमेरिकी परमाणु पनडुब्बी के पहुंचने को भी ‘क्षेत्रीय तनाव बढ़ाने वाला कदम’ बताया है. प्योंगयांग का दावा है कि ऐसे कदम उसे जवाबी कार्रवाई और अपनी सैन्य क्षमताओं को तेजी से बढ़ाने के लिए मजबूर कर रहे हैं. इसके अलावा, उत्तर कोरियाई मीडिया ने जापान पर भी आरोप लगाया है कि वह परमाणु हथियार हासिल करने की दिशा में धीरे-धीरे कदम बढ़ा रहा है.

विशेषज्ञों की नजर में एक और अहम संकेत किम जोंग उन की बेटी का लगातार ऐसे सैन्य निरीक्षणों में दिखाई देना है. माना जा रहा है कि यह सिर्फ प्रतीकात्मक नहीं है, बल्कि उत्तर कोरिया के भीतर भविष्य की नेतृत्व संरचना को लेकर भी संकेत देता है. बेटी को रणनीतिक हथियारों से जुड़े कार्यक्रमों में साथ दिखाना, सत्ता के उत्तराधिकार की तैयारी के तौर पर भी देखा जा रहा है.
.