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Peepal ke Upay: हिंदू धर्म में पीपल का पेड़ पवित्र माना जाता है. इसके कई धार्मिक महत्व है. व्रत के दिन महिलाओं द्वारा इसकी पूजा और अर्चना भी की जाती है. इसके अलावा आयुर्वेद में इसका उपयोग कई रोगों के इलाज के लिए किया जाता है. लेकिन, आयुर्वेद में सबसे अधिक उपयोगी इसके तने से निकलने वाला दूध होता है. इसका उपयोग कई आयुर्वेदिक दवाओं को बनाने में किया जाता है.
भारतीय सनातन संस्कृति की अगर बात की जाए तो प्राकृतिक द्वारा प्रदान किए गए पीपल के पेड़ का काफी महत्व माना जाता है. जहां लोग उसकी पूजा अर्चना करते हुए भी दिखाई देते हैं. वहीं दूसरी ओर आयुर्वेदिक दृष्टि की बात की जाए तो यह कहीं तरह की बीमारियों के लिए काल भी माना जाता है. ऐसे में लोकल 18 की टीम द्वारा भी आयुर्वेदिक पौधों की एक्सपर्ट डॉक्टर मीनू गर्ग से खास बातचीत की गई.

डा. मीनू गर्ग ने बताया कि वर्तमान समय में त्वचा में विभिन्न प्रकार की बीमारियां उत्पन्न हो गई है. जिसका इलाज काफी महंगा होता है. जबकि आयुर्वेदिक दृष्टि की बात की जाए तो पीपल के पेड़ की छाल में कई ऐसे औषधीय गुण पाए जाते हैं. जो त्वचा के लिए काफी बेहतर होते हैं. उन्होंने बताया कि एक्जिमा, दाद आदि को कम करने में पीपल के पेड़ की छाल काफी उपयोगी मानी जाती है. आप इसकी छाल को अच्छे से पीसकर पाउडर के रूप में छाने के पश्चात उपयोग कर सकते हैं.

इसी तरह से उन्होंने बताया कि बदलती खान-पान शैली के कारण स्वास्थ्य संबंधित विभिन्न प्रकार की समस्याएं भी उत्पन्न हो रही हैं. जिसमें कि अब मुंह में दांत दर्द, मसूड़ों में दर्द आदि की समस्या भी काफी देखने को मिलती हैं. ऐसे में अगर पीपल के पत्तों का उपयोग किया जाए. तो यह मुंह के स्वास्थ्य के लिए काफी बेहतर माने जाते हैं.

सबसे महत्वपूर्ण विषय हमारी पाचन प्रक्रिया होती है. अगर हमारा पाचन तंत्र ठीक रहे तो विभिन्न प्रकार की बीमारियां उत्पन्न होने की संभावना ही कम हो जाती है. लेकिन वर्तमान समय में पाचन से संबंधित समस्याएं ही लोगों की ज्यादा देखने को मिलती है. ऐसे मगर आप पीपल के पत्ते और छाल का उपयोग करते हैं. तो यह पाचन संबंधित समस्याओं को दूर करते हुए एक बेहतर स्वास्थ्य उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं.

अब काफी लोग अस्थमा सहित ब्रोकाइट्स आदि समस्याओं से भी परेशान रहते हैं. जिसके निजात के लिए चेस्ट स्पेशलिस्ट को दिखाना उचित समझते हैं. वहीं, पीपल के पत्ते पांचन तंत्र और श्वसन तंत्र के लिए भी महत्वपूर्ण माने जाते हैं. अगर इसका उपयोग आदि संबंधित मरीज करने लगे तो उनके लिए यह काफी फायदेमंद रहता है.

उन्होंने बताया कि काफी ऐसे लोग होते हैं. जिन्हें कफ, पित्त की समस्या रहती है. अगर वह सभी पीपल की छाल का उपयोग करें, तो यह पित्त और कफ को कंट्रोल करने में काफी महत्वपूर्ण साबित हो सकती है. क्योंकि इसमें पाए जाने वाले औषधीय गुण इन सभी समस्याओं का रामवाण इलाज माने जाते हैं.

उन्होंने बताया कि अगर आप भी पीपल के पत्तों को पानी में अच्छे से धोने के पश्चात उसका उबालकर उपयोग करें. यह आपके पाचन तंत्र और श्वसन तंत्र के लिए लाभदायक है. इसी तरह से पीपल के पत्तों को पीसकर पेस्ट बनाया जा सकता है. जो त्वचा से संबंधित विभिन्न प्रकार की समस्याओं के लिए फायदेमंद होता है. इसी के साथ या पीपल के पत्तों के चाय के रूप में भी उपयोग कर सकते हैं. जो पाचन तंत्र के लिए फायदेमंद मानी जाती है.

बताते चले कि गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को पीपल के पत्तों और छाल का उपयोग नहीं करना चाहिए. साथ ही पीपल के पत्ते व छाल का उपयोग करने से पहले आयुर्वेदिक विशेषज्ञ से परामर्श करना काफी बेहतर है. क्योंकि प्रत्येक व्यक्ति की क्षमता उम्र और वजन के हिसाब से ही दवाइयां निर्धारित की जाती है. ऐसे में अगर आप सभी भी एक्सपर्ट से सलाह लेने के बाद उपयोग करेंगे. तो निश्चित तौर पर आपको काफी फायदा होगा.