हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट नहीं, फिटनेस-परमिट अटके: निर्माता कंपनी बंद, पोर्टल पर डेटा नहीं, फिर भी वाहन स्वामियों को नहीं मिल रही कोई राहत – Bhopal News


हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (एचएसआरपी) को अनिवार्य किए जाने के बाद बंद हो चुकी वाहन निर्माता कंपनियों के हजारों वाहन मालिक बड़ी प्रशासनिक परेशानी में फंस गए हैं। निर्माता कंपनी का अस्तित्व ही न होने के कारण एचएसआरपी पोर्टल पर वाहन का डेटा है ही नहीं। इसके बाद भी परिवहन विभाग ने फिटनेस सर्टिफिकेट, परमिट नवीनीकरण और अन्य वैधानिक प्रक्रियाएं रोक रखी हैं। भोपाल में ही ऐसे करीब 1500 वाहन हैं, जबकि प्रदेशभर में यह संख्या 55 हजार से ज्यादा बताई जा रही है। इसके बाद विभाग ने इन वाहन स्वामियों के हित में इतने दिन बाद भी कोई फैसला नहीं किया है। इसे लेकर एएमडब्ल्यू कंपनी के ट्रक के वाहन स्वामी अरुण मोदी ने विभाग के अफसरों और मंत्री से शिकायत की है। अरुण का कहना है कि एएमडब्ल्यू कंपनी वर्षों पहले बंद हो चुकी है, जिससे अधिकृत एचएसआरपी प्रणाली में आवेदन संभव नहीं हो पा रहा। यह स्थिति वाहन स्वामी के दायरे से बाहर है। इसके बाद भी विभाग ने फिटनेस और परमिट रोक दिया है। विभाग की ओर से ऐसा किया जाना, प्राकृतिक न्याय सिद्धांतों के खिलाफ है। बंद कंपनियों के वाहन, कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं‎ विभागीय सूत्रों का कहना है कि यह परेशानी केवल एएमडब्ल्यू तक सीमित नहीं है। फिएट, शेवरोलेट, मित्सुबिशी, पंजाब ट्रैक्टर्स और विलीज जैसी कई कंपनियां भी बंद हो चुकी हैं, लेकिन इनके वाहनों के लिए भी परिवहन विभाग ने कोई वैकल्पिक या मैन्युअल एचएसआरपी व्यवस्था नहीं बनाई। वाहन मालिक बोले- फिटनेस अटकी तो जिम्मेदारी किसकी वाहन स्वामियों ने सवाल उठाया है कि यदि विभागीय कारणों से एचएसआरपी जारी नहीं होती है और इसी दौरान वाहन संचालन में कोई हादसा, दंडात्मक कार्रवाई, विधिक विवाद या जन-धन हानि होती है तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? क्या प्रशासनिक व कानूनी जिम्मेदारी परिवहन विभाग की होगी? क्योंकि सैकड़ों वाहन स्वामियों ने इसके लिए समय-समय पर अपनी ओर से सभी जरूरी कोशिशें कर ली हैं। वाहन स्वामियों की मांग… बंद या निष्क्रिय कंपनियों के वाहनों के लिए मैन्युअल या वैकल्पिक एचएसआरपी प्रक्रिया बनाई जाए। { फिटनेस, परमिट व अन्य वैधानिक कार्यवाही न रोकी जाए। { जब तक समाधान नहीं निकलें, तब तक ऐसे वाहन स्वामियों को राहत दी जाए। HSRP से जुड़ी 5 जरूरी बातें अनिवार्यता: सभी दोपहिया, चार पहिया, व्यावसायिक वाहनों पर एचएसआरपी लगाना अनिवार्य है।
कानूनी प्रावधान: मोटर वाहन अधिनियम, 1988 और केंद्रीय मोटर वाहन नियम के नियम 50 के तहत यह अनिवार्यता लागू की गई है।
कैसे मिलती है प्लेट: केवल परिवहन विभाग द्वारा अधिकृत वेंडर के ऑनलाइन पोर्टल के जरिए, वाहन निर्माता के डेटा के आधार पर ही मिलती है एचएसआरपी।
न लगाने पर असर: चालान के साथ फिटनेस प्रमाण पत्र, परमिट नवीनीकरण और अन्य वैधानिक प्रक्रियाएं रोकी जा सकती हैं।
क्या हो रही दिक्कत: जो वाहन निर्माता कंपनियां बंद हो चुकी हैं, उनके वाहनों का डेटा पोर्टल पर उपलब्ध नहीं होने से एचएसआरपी के लिए आवेदन संभव नहीं हो पा रहे हैं। .

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