New Covid19 Variant: अधिकतर लोगों को लगता है कि कोरोना वायरस का कहर खत्म हो चुका है, लेकिन दुनिया के कई देशों में अब भी इसका प्रकोप देखने को मिल रहा है. अमेरिका से एक नई चिंताजनक खबर सामने आई है. यहां के कई राज्यों में कोविड के नए वेरिएंट BA.3.2 के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. वैज्ञानिकों ने इस वेरिएंट को सिकाडा (Cicada) निकनेम दिया है. एक्सपर्ट्स की मानें तो इस वेरिएंट के 70 से ज्यादा म्यूटेशन देखे जा रहे हैं, जो चौंकाने वाली बात है. कई रिपोर्ट्स में कहा गया है कि यह वेरिएंट अमेरिका के अलावा कई अन्य देशों में भी मिला है.
सिकाडा क्यों पड़ा इस वेरिएंट का नाम?
कोविड के इस वेरिएंट का वैज्ञानिक नाम BA.3.2 है, लेकिन इसे सिकाडा कहा जा रहा है. यह नाम सिकाडा कीट के जीवनचक्र से प्रेरित है, जो सालों तक जमीन के नीचे रहने के बाद अचानक बाहर निकलता है. ठीक इसी तरह BA.3.2 वेरिएंट भी BA.3 के एक ऐसे स्ट्रेन से डेवलप हुआ है, जो 2022 के बाद कहीं दिखाई नहीं दिया था और अब अचानक नए रूप में उभरा है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने अभी इसे कोई आधिकारिक नाम नहीं दिया है. सिकाडा वेरिएंट में 70 से अधिक म्यूटेशन पाए गए हैं, जो इसे अत्यधिक संक्रामक बनाते हैं. इतने अधिक म्यूटेशन होने के कारण यह वायरस पिछले संक्रमणों या पुराने टीकों से बनी एंटीबॉडीज को चकमा देने में सक्षम हो सकता है. इसका मतलब है कि जिन लोगों की इम्यूनिटी अच्छी है, वे भी इसकी चपेट में आ सकते हैं. इसकी फैलने की रफ्तार भी चिंता का विषय है.
अमेरिका के किन राज्यों में फैला?
वेस्टवॉटर सर्विलांस और हवाई अड्डों पर यात्रियों की निगरानी के दौरान यह वेरिएंट अमेरिका के 25 से 29 राज्यों में पाया गया है. न्यूयॉर्क के जेएफके एयरपोर्ट पर भी इसके शुरुआती मामले देखे गए थे. प्रभावित राज्यों की सूची में कैलिफोर्निया, न्यूयॉर्क, फ्लोरिडा, टेक्सास, इलिनोयस और पेंसिल्वेनिया जैसे प्रमुख राज्य शामिल हैं. यह वेरिएंट मुख्य रूप से संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने, सांस के जरिए निकलने वाले सूक्ष्म कणों को अंदर लेने या दूषित सतहों को छूने से फैलता है.
सिकाडा वेरिएंट के लक्षण क्या हैं?
सिकाडा वेरिएंट के लक्षण काफी हद तक ओमिक्रॉन स्ट्रेन के समान हैं. अगर आप संक्रमित होते हैं, तो आपको गंभीर गले में खराश, हल्का बुखार या कंपकंपी, नाक बहना या बंद होना, सूखी खांसी, अत्यधिक थकान और मांसपेशियों या शरीर में दर्द महसूस हो सकता है. चूंकि इसके लक्षण सामान्य सर्दी-जुकाम जैसे लग सकते हैं, इसलिए कई बार लोग इसे पहचान नहीं पाते. विशेषज्ञों का कहना है कि अगर गले में बहुत ज्यादा दर्द और थकान महसूस हो, तो तुरंत जांच करानी चाहिए. अगर मरीज को आराम करते समय भी सांस लेने में कठिनाई हो, 102°F से अधिक बुखार 3 दिन से ज्यादा रहे, या ऑक्सीजन लेवल 94% से नीचे गिर जाए, तो तुरंत अस्पताल जाना चाहिए.
जान लीजिए बचाव के उपाय
CDC और WHO के अनुसार सिकाडा वेरिएंट से बचने के लिए पुराने प्रोटोकॉल्स का पालन करना अनिवार्य है. भीड़भाड़ वाली जगहों पर N95 या KN95 मास्क का उपयोग करें, क्योंकि साधारण कपड़े के मास्क इस हाई-म्यूटेटेड वेरिएंट के खिलाफ कम प्रभावी हो सकते हैं. बंद कमरों में वेंटिलेशन में सुधार करें और हाथों को बार-बार धोने की आदत बनाए रखें. हालांकि अभी भारत में इसके प्रसार की खबरें नहीं हैं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय यात्राओं के कारण सतर्क रहना ही सबसे बड़ी सुरक्षा है.