ब्रेस्ट कैंसर के बाद नई उम्मीद…12 लाख रुपये में लौटेगी खू्बसरती

नई दिल्ली: स्तन कैंसर हमारे देश में तेजी से बढ़ रहा है. महिलाओं में होने वाला सबसे आम कैंसर ब्रेस्ट कैंसर ही है. महिलाओं के साथ-साथ ब्रेस्ट कैंसर पुरुषों में भी होता है. हालांकि महिलाओं की तुलना में पुरुषों को यह कम होता है. एक महिला को जब ब्रेस्ट कैंसर होता है, तो पूरी सर्जरी के दौरान उसके ब्रेस्ट को निकाल दिया जाता है. जिस वजह से उसकी खूबसूरती कहीं खो सी जाती है. ऐसे में महिलाओं का आत्मविश्वास गिर जाता है और शरीर के गहरे निशान उसे काफी हद तक परेशान करते हैं.

महिलाओं की इस समस्या को दूर करने के लिए अब ब्रेस्ट रिकंस्ट्रक्शन की प्रक्रिया आ गई है, जिसे अपनाकर महिलाओं का ब्रेस्ट यानी स्तन दोबारा बना दिया जाता है, लेकिन यह इंप्लांट आर्टिफिशियल होता है, जिससे महिलाओं को उनकी खोई खूबसूरती तो मिल जाती है, लेकिन यह पूरी प्रक्रिया काफी दर्दनाक भी होती है. इसमें पूरे 6 घंटे लगते हैं. यह जानकारी लोकल18 से खास बातचीत में अपोलो एथेना विमेंस कैंसर सेंटर के प्लास्टिक एवं ब्रेस्ट रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी विभाग के लीड डॉ. वेंकट रामकृष्णन ने दी.

इस तरह होता है ब्रेस्ट रिकंस्ट्रक्शन

डॉ. वेंकट रामकृष्णन ने बताया कि ब्रेस्ट रिकंस्ट्रक्शन एक शल्य चिकित्सा प्रक्रिया है, जो स्तन कैंसर या अन्य कारणों से स्तन हटाने (मास्टेक्टॉमी) के बाद, एक या दोनों स्तनों को फिर से बनाने के लिए की जाती है.  यह या तो शरीर के दूसरे हिस्से से ऊतक जैसे पेट, पीठ या जांघ से वसा, त्वचा और मांसपेशी का इस्तेमाल करके किया जा सकता है या फिर सिलिकॉन या सलाइन इम्प्लांट लगाकर किया जा सकता है. इस सर्जरी को स्तन हटाने के तुरंत बाद (तत्काल पुनर्निर्माण) या बाद में (विलंबित पुनर्निर्माण) किया जा सकता है. उन्होंने बताया कि इसकी सफलता दर 99% से भी अधिक होती है.

जानें फायदे और नुकसान

डॉ. वेंकट रामकृष्णन ने बताया कि ब्रेस्ट रिकंस्ट्रक्शन में अक्सर कई तरह के मिले-जुले रिजल्ट आते हैं. फायदा यह है कि महिला की खूबसूरती बनी रहती है और उसे मानसिक रूप से कभी भी यह महसूस नहीं होता है कि उसके ब्रेस्ट नहीं हैं. नुकसान यह है कि असली ब्रेस्ट से ज्यादा नकली ब्रेस्ट भारी लगते हैं. कभी-कभी मरीज आते हैं, जो बताते हैं कि उन्हें बेहद घातक दर्द हो रहा है. उन्होंने बताया कि बिना दर्द के यह पूरी प्रक्रिया नहीं होती है.

नहीं करवा सकती ब्रेस्ट फीडिंग

डॉ. वेंकट रामकृष्णन ने बताया कि ब्रेस्ट रिकंस्ट्रक्शन में महिला गर्भवती तो हो सकती है. शादी भी कर सकती है. सब कुछ सामान्य होता है, लेकिन अपने बच्चों को ब्रेस्टफीडिंग नहीं करवा सकती है. क्योंकि वो सिर्फ एक प्लास्टिक सर्जरी से बनाए गए स्तन होते हैं. उसमें नेचुरल प्रोसेस नहीं होती है. इसके लिए महिला डिब्बे का दूध या डॉक्टर की सलाह लेकर बच्चों को दूध पिला सकती है.

उन्होंने यह भी बताया कि भारत में ब्रेस्ट रिकंस्ट्रक्शन की दर भारत में .5% है. जबकि यूनाइटेड किंगडम, अमेरिका और यूरोप में 70 फीसदी लोग इसे करवा रहे हैं. बात करें इसकी कीमत की, तो चेन्नई के अच्छे अस्पतालों में इसकी कीमत 6 से 7 लाख रुपए है, जबकि दिल्ली में इसकी कीमत 12 लाख रुपए तक है.

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