लोकतंत्र का दौर: 1951 से अब तक
1951 के बाद नेपाल में सियासत ने नया रंग लिया. मातृका प्रसाद कोइराला (1951-1952, 1953-1955) नेपाली कांग्रेस के पहले बड़े PM बने. फिर पंचायत युग (1960-1990) में सूर्यबहादुर थापा जैसे नेता सामने आए, जिन्होंने चार बार (1963-1969, 1979-1983, 1997-1998, 2003-2004) PM की कुर्सी संभाली. 1990 में संवैधानिक राजतंत्र आया और 2008 में राजशाही खत्म होने के बाद नेपाल संघीय लोकतांत्रिक गणतंत्र बना. इस दौर में सियासी अस्थिरता इतनी बढ़ी कि 14 PM सिर्फ 2008 से 2025 तक देखने को मिले.
कौन कितनी बार बना PM?
गिरिजाप्रसाद कोइराला (नेपाली कांग्रेस): वह पांच बार पीएम रहे हैं.कोइरला 1991 से 1994, 1998 से1999, 1999 से 2000, 2001, 2006 से 2008 तक पीएम रहे. वह लोकतंत्र के बड़े योद्धा थे, जिन्होंने 2006 के जनआंदोलन में माओवादियों को मुख्यधारा में लाने में मदद की.
शेरबहादुर देउवा (नेपाली कांग्रेस): देउवा भी 5 बार बार नेपाल के पीएम रहे. देउवा सबसे पहले 1995-1997, 2001-2002, 2004-2005, 2017-2018, 2021-2022 तक नेपाल के पीएम रहे.वह लंबे समय तक सत्ता में रहे.
सूर्यबहादुर थापा (राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी): सूर्यकुमार थापा नेपाल के 4 बार पीएम रहे.
केपी शर्मा ओली (CPN-UML): वर्तमान पीएम केपी शर्मा ओली भी 4 बार नेपाल के पीएम रहे.सबसे पहले वह 2015-2016, 2018-2021, 2021, 2024-2025 तक पीएम रहे. उनका आखिरी कार्यकाल 15 जुलाई 2024 से शुरू हुआ था लेकिन भ्रष्टाचार विरोधी प्रदर्शनों के दबाव में उन्होंने इस्तीफा दे दिया.
पुष्पकमल दाहाल ‘प्रचंड’ (माओवादी केंद्र): पुष्पकमल दाहाल प्रचंड 3 बार 2008-2009, 2016-2017, 2022-2024 तक पीएम रहे.
ओली का इस्तीफा और सियासी संकट
केपी शर्मा ओली ने सोशल मीडिया बैन और भ्रष्टाचार विरोधी प्रदर्शनों के दबाव में आज इस्तीफा दे दिया. काठमांडू में Gen Z के हजारों युवाओं ने संसद और ओली के घर पर हमला किया, जिसमें 19 लोग मारे गए और 300 से ज्यादा घायल हुए. ये नेपाल के हाल के सबसे बड़े प्रदर्शन थे.अभी नया PM नियुक्त नहीं हुआ है, जिससे सियासी अनिश्चितता बढ़ गई है.प्रदर्शनकारी अब संसद भंग करने और नई सरकार की मांग कर रहे हैं.
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