क्यों नहीं होता ब्रेस्ट का प्रॉपर ग्रोथ?
जेनेटिक्स, एस्ट्रोजन की कमी, अनहेल्दी डाइट, एक्सरसाइज न करना आदि चीजें ब्रेस्ट साइज को प्रॉपर तरीके से बढ़ने नहीं देतीं. जिनके ब्रेस्ट छोटे रहते हैं, उनमें से काफी महिलाएं, लड़कियां खुद को कम अट्रैक्टिव समझने लगती हैं. उन्हें लगता है कि कोई भी ड्रेस उन पर जंच नहीं रहा, फिट नहीं हो रहा है. इससे काफी महिलाओं में आत्मविश्वास की भी कमी देखी जाती है. लेकिन, इसके लिए किसी भी तरह की सर्जरी का सहारा लेना अपने शरीर के साथ खिलवाड़ है. आप नेचुरल तरीके से ब्रेस्ट साइज बढ़ाने के लिए ये काम कर सकती हैं.
हर महिला का शरीर अलग है, इसलिए किसी भी बदलाव के लिए धैर्य और नियमितता जरूरी है. प्राकृतिक तरीके से ब्रेस्ट शेप और साइज में सुधार करने के लिए थोड़ा धैर्य और रेगुलर प्रयास करना जरूरी है.
1. जेनेटिक फैक्टर- परिवार में महिलाओं के स्तन का आकार छोटा है तो अगली पीढ़ी में भी ये समस्या देखी जा सकती है.
3. पोषण की कमी- प्रोटीन, हेल्दी फैट और विटामिन की कमी ब्रेस्ट टिशू के विकास में बाधा डाल सकती है.
5. स्वास्थ्य समस्याएं- थायरॉइड या अन्य हार्मोनल डिसऑर्डर से भी ब्रेस्ट साइज छोटे रहते हैं.
किस उम्र तक होता है ब्रेस्ट का विकास?
प्राकृतिक रूप से ब्रेस्ट साइज बढ़ाने के टिप्स और डाइट
प्रोटीन- इससे भरपूर चीजों का सेवन करें. इसके लिए अंडा, दाल, दूध, पनीर, मछली डाइट में शामिल करें.
हेल्दी फैट्स- बादाम, अखरोट, एवोकाडो, पीनट बटर का सेवन करने से भी लाभ होगा.
एस्ट्रोजन बूस्टिंग फूड्स- कई बार लो एस्ट्रोजन लेवल के कारण ब्रेस्ट साइज नहीं बढ़ पाता है. इसे बूस्ट करने के लिए आप डाइट में सोयाबीन, फ्लैक्ससीड, तिल, मेथी शामिल करें.
हरी पत्तेदार सब्जियां- आयरन और विटामिन से भरपूर होती हैं, इसका रेगुलर सेवन करें.
फल- पपीता, स्ट्रॉबेरी, अनार भी खाना है हेल्दी.
डाइट में गुड फैट शामिल करने से ब्रेस्ट टिशू को सही पोषण मिलता है, जिससे ब्रेस्ट साइज में सुधार हो सकता है.
पुश-अप्स- चेस्ट मसल्स को टोन करके ब्रेस्ट को लिफ्ट देती है.
चेस्ट प्रेस- डंबल या पानी की बोतल से करें.
वॉल प्रेस- दीवार के सहारे पुश-अप जैसी एक्सरसाइज करें.
डंबल फ्लाई- लेटकर हाथों को फैलाना और बंद करना.
एक्सरसाइज ब्रेस्ट टिशू को बड़ा नहीं करती, लेकिन मसल्स को मजबूत बनाकर उन्हें भरा और लिफ्टेड लुक देती है.
ऑलिव ऑयल या बादाम तेल से मसाज करें प्रतिदिन 10-15 मिनट.
मेथी का तेल एस्ट्रोजन स्तर को बढ़ाने में सहायक होता है.
गोलाकार दिशा में हल्के हाथों से मसाज करें, ताकि ब्लड सर्कुलेशन बेहतर हो.
बहुत टाइट ब्रा न पहनें.
योगासन जैसे भुजंगासन, गोमुखासन, धनुरासन करें.
तनाव कम करें और पर्याप्त नींद लें.
नोट: इन हेल्दी लाइफस्टाइल रूटीन को 10-12 वर्ष की उम्र से करना शुरू कर दें तो लाभ अधिक दिख सकता है. परिणाम समय लेते हैं, तुरंत बदलाव की उम्मीद न करें. हार्मोनल समस्या या बहुत कम वजन की स्थिति में डॉक्टर से जांच करवाएं. किसी भी तरह की सर्जरी कराने या हार्मोनल दवाओं को लेने से पहले एक्सपर्ट की राय जरूर लें. इंटरनेट पर उपलब्ध कई क्रीम या पिल्स का दावा झूठा होता है. इनसे हार्मोनल साइड इफेक्ट हो सकते हैं, इसलिए इन्हें इस्तेमाल करने से पहले सतर्क रहें. हमेशा याद रखें कि प्राकृतिक रूप से ब्रेस्ट साइज बढ़ाना एक धीमी लेकिन सुरक्षित प्रक्रिया है.