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Ambala News: कई बार आपने देखा होगा कि किसी के हाथ, पैर, पीठ या गर्दन पर छोटी-छोटी मुलायम गांठ-सी निकल आती है. देखने में जैसे चर्बी का छोटा सा गोला हो, लोग अक्सर इसे देखकर घबरा जाते हैं कि कहीं कैंसर तो नहीं, लेकिन घबराने की ज़रूरत नहीं है. इसे लिपोमा कहते हैं.
कई बार आपने देखा होगा कि किसी के हाथ, पैर, पीठ या गर्दन पर छोटी-छोटी मुलायम गांठ-सी निकल आती है. देखने में जैसे चर्बी का छोटा सा गोला हो, लोग अक्सर इसे देखकर घबरा जाते हैं कि कहीं कैंसर तो नहीं, लेकिन घबराने की ज़रूरत नहीं है. इसे लाइपोमा कहते हैं,ज़्यादातर मामलों में यह हानिकारक नहीं होता, बस दिखने में थोड़ा खराब लगता है.

लिपोमा असल में शरीर की अंदरूनी चर्बी का छोटा गुच्छा है, जो त्वचा के नीचे इकट्ठा हो जाता है. छूने पर ये मुलायम और रबर जैसा लगता है, आमतौर पर दर्द नहीं करता. कैंसर नहीं होता, इसीलिए जान का खतरा नहीं. हाँ, अगर बड़ा हो जाए तो कपड़े पहनने या दिखने में अजीब लगता है.<br />गाँव में लोग इसे अक्सर “गांठ” या “चर्बी का फोड़ा” कह देते हैं.

धीरे-धीरे इसका साइज बड़ा हो सकता है.

हल्दी हमारे घर की सबसे बड़ी दवा है. इसमें करक्यूमिन होता है जो सूजन और गांठ कम करता है. हल्दी पाउडर में थोड़ा नीम का तेल मिलाकर पेस्ट बना लीजिए, रोज़ एक बार गांठ पर लगाइए. धीरे-धीरे फर्क दिखने लगता है.

नीम को तो लोग “गाँव का डॉक्टर” कहते हैं. ये एंटीबैक्टीरियल और सूजन कम करने वाला होता है.दिन में 1–2 बार नीम के तेल से गांठ वाली जगह हल्की मालिश करें.इससे गांठ नरम होगी और धीरे-धीरे घट भी सकती है.

आजकल ग्रीन टी बहुत मशहूर है. इसमें एंटीऑक्सीडेंट होते हैं जो शरीर की चर्बी जलाने में मदद करते हैं. रोज़ सुबह-शाम एक कप ग्रीन टी पीने की आदत डालें.इससे शरीर का मेटाबॉलिज़्म तेज होगा और फैट का जमाव कम होगा.

अलसी छोटे-छोटे बीज हैं लेकिन ताक़त अपार है. इसमें ओमेगा-3 फैटी एसिड भरपूर है.रोज़ाना 1–2 चम्मच अलसी का पाउडर गुनगुने पानी या दूध के साथ लें.<br />चाहें तो सलाद में भी डाल सकते हैं. इससे शरीर की खराब चर्बी घटेगी.

गाँव-शहर दोनों जगह अब सेब का विनेगर मशहूर हो गया है, ये फैट को गलाने में मदद करता है. एक गिलास गुनगुने पानी में 1–2 चम्मच सिरका डालकर सुबह खाली पेट पिएँ. धीरे-धीरे शरीर में जमी चर्बी कम होगी.

अरंडी का तेल दादी-नानी के जमाने से दवा के तौर पर इस्तेमाल होता आया है. रात को सोने से पहले गांठ वाली जगह पर हल्की मालिश करें,<br />कुछ हफ़्तों में फर्क नज़र आ सकता है.

तैलीय, मसालेदार और जंक फूड कम खाइए,हरी सब्ज़ियाँ, मौसमी फल और ज्यादा पानी लीजिए.हल्की-फुल्की कसरत या पैदल चलना भी बहुत काम आता है.

अगर गांठ तेज़ी से बढ़ रही है, तो खुद इलाज न करें, तुरंत डॉक्टर से दिखाएँ,<br />अगर गांठ में दर्द, लालिमा या पस बनने लगे तो घरेलू नुस्खे छोड़ दीजिए. बहुत बड़ा लिपोमा हो तो सर्जरी ही एकमात्र उपाय है. कोई भी नया नुस्खा अपनाने से पहले थोड़ा-सा टेस्ट ज़रूर कर लें कि कहीं एलर्जी तो नहीं हो रही.
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