Amazing War Stories: युद्ध की तमाम कहानियां आपने सुनी होंगी लेकिन शायद ही कभी किसी ऐसे युद्ध के बारे में सुना हो, जो कुत्तों के दम पर लड़ा गया हो. ये कारनामा हुआ था, आज से करीब 500 साल पहले, जब स्पेन ने नई दुनिया में अपने साम्राज्य का विस्तार शुरू किया. उस वक्त लड़ने के आधुनिक साधन नहीं हुआ करते थे, सेना के पास सिर्फ तलवारें, तोपें, घोड़े और बंदूकें ही थे. हालांकि उन्होंने अपने साथ एक ऐसा असाधारण हथियार रखा हुआ है, जिसे देखकर दुश्मनों का खून जम जाता था.
उसके पास जो हथियार मौजूद था, वो जिंदा था. ये युद्ध के लिए पाले गए कुत्ते थे लेकिन ये आम कुत्ते नहीं थे. जब वे युद्ध के मैदान में खड़े होते थे, तो घोड़े-हाथियों से भी ज्यादा खतरनाक साबित होते थे. इनका डील-डौल ऐसा था कि देखने वाले शेर समझ बैठते थे. ये थे यूरोप से लाए गए विशालकाय, आक्रामक और जानलेवा नस्लें, जो इंसान को फाड़कर खा जाएं. स्पेनिश सेनाओं ने इन्हें सैनिकों की तरह ट्रेनिंग दी और जंग के मैदान में उन्हें उतार दिया.
न गोले न बारूद दगे, बहीं खून की नदियां
स्पेनिश एलानो और बुलमास्टिफ जैसे खतरनाक नस्ल के कुत्ते, उन जगहों पर भी पहुंच जाते थे, जहां तलवारें नहीं पहुंच पाती थीं और घोड़े लड़खड़ा जाते थे. जहां के खूंखार कुत्ते दौड़ते थे, अपने पीछे खौफ, चीखें और मौत छोड़ जाते थे. इन कुत्तों का इस्तेमाल सिर्फ लड़ने के लिए नहीं बल्कि डर को हथियार बनाने की रणनीति के तहत किया जाता था. दरअसल स्थानीय लोग छोटे, शांत और इंसानों के साथ रहने वाले जानवरों को जानते थे लेकिन जब उनके सामने पहली बार ये भयानक, दांत निकालकर झपटते विशाल कुत्ते आए, तो उन्हें लगा
ये कुत्ते नहीं बल्कि शेर हैं.
स्पेनिश कुत्तों ने तबाही मचा दी
पेरू की सेना के कर्नल और लेखक कार्लोस एनरिक फ्रेयर कहते हैं – ‘कुत्ता सिर्फ जानवर नहीं था, वह एक पूरी युद्ध प्रणाली था. उसकी ट्रेनिंग, उसका आकार और उसे नियंत्रित करने वाला इंसान, सब मिलकर एक हथियार बन जाते थे.’ फ्रेयर का उपन्यास ‘लैंड ऑफ डॉग्स’ इतिहास की यही पुरानी परतें खोलता है. ये कहानी है एक ऐसे डॉग ट्रेनर की है, जो पेरू विजय के दौरान स्पेनिश सेना के कुत्तों को लड़ाई के लिए तैयार करता है और उनसे एक गहरा रिश्ता भी बना लेता है.
कुत्ता सिर्फ जानवर नहीं था, वह एक पूरी युद्ध प्रणाली था. उसकी ट्रेनिंग, उसका आकार और उसे नियंत्रित करने वाला इंसान, सब मिलकर एक हथियार बन जाते थे.
कैसे खुला आदमखोर कुत्तों का रहस्य?
इस इतिहास पर दस्तावेज बहुत कम हैं और तस्वीरें तो न के बराबर हैं. हालांकि टुम्बेस की यात्रा के दौरान फ्रेयर को पुराने इतिहासकारों की किताबें मिलीं. फ्रेयर ने लिखा है – ‘उन किताबों में कुत्तों के नाम थे, उनकी विशेषताएं थीं और यह भी कि कैसे वे आए और पूरे इलाकों का सफाया कर दिया.’ स्पेन के शुरुआती सैन्य अभियानों में इन कुत्तों की भूमिका बेहद निर्णायक थी. विजेता वास्को नुएन्येस डी बाल्बोआ, जुआन पोंस डी लियोन और इंका साम्राज्य को रौंदने वाला फ्रांसिस्को पिजारो, इन सभी के साथ कुत्ते थे.
स्पेन की सेना का बड़ा हथियार थे कुत्ते
बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक अमेजन की खोज के दौरान स्पेनवासी अपने साथ 2000 से ज्यादा कुत्ते ले गए थे. फ्रेयर बताते हैं कि घोड़े कम थे, बंदूकें सीमित थीं लेकिन कुत्ते हर जगह जा सकते थे. कुत्तों का इस्तेमाल सिर्फ लड़ाई में ही नहीं होता था, उन्हें सजा देने के हथियार के रूप में भी खूब इस्तेमाल किया गया. मेक्सिको के एक मामले में एक स्थानीय नेता को धर्म का पालन न करने और पुरानी परंपराएं निभाने के आरोप में कुत्तों से मरवाने और जिंदा जलाने की सजा दी गई. इतिहासकार इन कुत्तों का जो वर्णन करते हैं, वो बेहद डरावना है –
- इन कुत्तों की आंखें पीली, जबड़े कांपते थे और शरीर हांफता हुआ रहता था.
- उनके शरीर पर जगुआर जैसे धब्बे थे, जिन्हें देखकर कोई भी इन्हें चीता या तेंदुआ समझ बैठे.
- ये कुत्ते इतने ज्यादा खूंखार थे कि हर वक्त इनकी जीभ बाहर निकली हुई होती थी और लार टपकता था.
- इनका पेट बिल्कुल पतला और झुर्रीदार होता है लेकिन फुर्ती जबरदस्त होती थी.
कैसे कुत्तों ने अपना दर्जा खो दिया ?
जैसे-जैसे समय बदला, स्पेन को जमीनें और मजदूर चाहिए थे. साम्राज्य को चलाने के लिए इंसानों की जरूरत थी और कुत्तों का इंसानों को मारकर खा जाना खतरा बन गया. खुद स्पेन के लोग भी खौफ में आ गए, ऐसे में स्पेन की राजशाही ने कुत्तों को खत्म करने का आदेश दे दिया गया. हालांकि जो सैनिक कुत्तों के जरिये लड़ाई लड़ रहे थे और उन्हें ट्रेन करते थे, उनके बीच एक रिश्ता बन चुका था. फ्रेयर लिखते हैं कि कई सैनिक अपने कुत्ते नहीं छोड़ पाए. हालांकि धीरे-धीरे कुत्तों ने यहां हथियार का दर्जा खो दिया था तो उन्हें सुरक्षा और चौकसी में लगाया गया. इतिहास की वो कहानी पन्नों में दफन हो गई कि कुत्तों ने एक साम्राज्य को कैसे जीत दिलाई.
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