नीमच में भाटखेड़ा फंटे से डुंगलावदा तक 106 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे फोरलेन सीसी रोड प्रोजेक्ट को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया है। इस परियोजना के कारण महू रोड पर स्थित प्राचीन माधोपुरा बालाजी मंदिर का लगभग 10 से 15 फीट हिस्सा सड़क की जद में आने की आशंका है। पिछले दो दिनों से मंदिर के उत्तर दिशा में पुलिया चौड़ीकरण का कार्य जारी है। भक्तों और स्थानीय निवासियों का आरोप है कि मंदिर वर्तमान सड़क से लगभग 8 फीट नीचे है और निर्माण कार्य सीधे मंदिर परिसर की बाउंड्री से सटकर किया जा रहा है। इससे मंदिर के अस्तित्व पर संकट मंडरा रहा है। इस मामले को लेकर सर्व हिंदू समाज के साथ-साथ मऊ रोड, सरदार पटेल बस्ती, तिलक बस्ती और टैगोर बस्ती के निवासियों ने विरोध दर्ज कराया है। उन्होंने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर डिप्टी कलेक्टर चंद्र सिंह धार्वे को कलेक्टर के नाम एक ज्ञापन सौंपा। क्षेत्रवासियों के अनुसार, माधोपुरा बालाजी मंदिर लगभग 200 वर्ष पुराना है और लाखों परिवारों की आस्था का केंद्र है। मंदिर परिसर में बालाजी के साथ-साथ भगवान भोलेनाथ, माता संतोषी, गणेशजी और साईं बाबा के भी प्राचीन मंदिर स्थापित हैं। श्रद्धालुओं ने प्रशासन को एक वैकल्पिक सुझाव भी दिया है। उनका कहना है कि जिस तरफ पुलिया का विस्तार किया जा रहा है, उसके ठीक सामने पर्याप्त खाली जगह उपलब्ध है। यदि सड़क और पुलिया का निर्माण इस रिक्त स्थान पर किया जाता है, तो मंदिर सुरक्षित रहेगा और परियोजना में कोई तकनीकी बाधा भी नहीं आएगी। भक्तों ने प्रशासन से तत्काल प्रभाव से मंदिर की ओर हो रहे पुलिया निर्माण को रोकने और इसे दूसरी दिशा में स्थानांतरित करने की मांग की है। इससे एक दिन पहले भी क्षेत्रवासियों ने नीमच विधायक दिलीप सिंह परिहार के बंगले पर पहुंचकर अपनी मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा था। .