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गर्मी का मौसम आते ही एसी का इस्तेमाल तेजी से बढ़ जाता है. कई लोग जल्दी ठंडक पाने के लिए एसी को 16 डिग्री पर सेट कर देते हैं, लेकिन यह आदत नुकसानदायक साबित हो सकती है. इससे न सिर्फ बिजली बिल बढ़ता है, बल्कि एसी की लाइफ और सेहत पर भी असर पड़ता है. एक्सपर्ट्स के मुताबिक सही तापमान पर एसी चलाने से बेहतर कूलिंग के साथ-साथ बिजली की बचत भी की जा सकती है.
गर्मी का मौसम शुरू होते ही एसी का उपयोग बढ़ जाता है और ज्यादातर घरों में यह जरूरत बन जाता है. अक्सर लोग बाहर से आने के बाद एसी का तापमान कम करके 16 डिग्री तक सेट कर देते हैं. हालांकि, ऐसा करने के कई नुकसान हो सकते हैं. इससे सर्विस कॉस्ट बढ़ती है और बिजली बिल भी ज्यादा आता है. एसी को 16 डिग्री पर चलाने के नुकसान क्या हैं, आइए एक्सपर्ट से समझते हैं.
एसी से जुड़े एक्सपर्ट राहुल कुमार ने बताया कि एसी को 16 डिग्री सेल्सियस पर रखने से बिजली बिल ज्यादा आता है. 16 डिग्री पर एसी चलने की वजह से लोड बढ़ जाता है, जिसके कारण बिजली खर्च भी बढ़ता है. ऐसे में कोशिश करें कि एसी को 16 डिग्री पर बिल्कुल न चलाएं.
एसी का तापमान बहुत कम रखने पर कंप्रेसर ज्यादा देर तक चलता है और इसके अन्य पार्ट्स पर भी अधिक दबाव पड़ता है. इससे एसी के जल्दी खराब होने की संभावना बढ़ जाती है. ऐसे में समय-समय पर सर्विस करानी पड़ती है, जिससे खर्च भी बढ़ता है. इसलिए कोशिश करें कि एसी का तापमान 22 डिग्री या उससे अधिक पर रखें, इससे एसी की लाइफ बढ़ सकती है.
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एसी को 16 डिग्री पर रखने से स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें हो सकती हैं. इससे गले में खराश, सर्दी-जुकाम और सिरदर्द जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं. वहीं, सामान्य तापमान पर एसी रखने से ऐसी दिक्कतों से बचा जा सकता है.
कई लोगों को लगता है कि एसी को बहुत कम तापमान, जैसे 16 डिग्री पर रखने से कमरा जल्दी ठंडा हो जाता है, लेकिन ऐसा नहीं होता। एसी अपनी तय क्षमता और स्पीड से ही कमरे को ठंडा करता है, न कि सिर्फ तापमान कम करने से उसकी कूलिंग तेज हो जाती है. ऐसे में सामान्य तापमान पर एसी चलाने से बेहतर और लंबे समय तक ठंडक मिलती है.
एसी को 24 से 26 डिग्री तापमान सबसे बेहतर और सामान्य माना जाता है. इस तापमान पर कमरा भले ही थोड़ा समय लेकर ठंडा हो, लेकिन ठंडक लंबे समय तक बनी रहती है. साथ ही ऊर्जा की खपत भी कम होती है. वहीं 16 डिग्री पर एसी चलाने से अनावश्यक बिजली की बर्बादी होती है और ऊर्जा खर्च भी ज्यादा बढ़ जाता है.
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