इंसानों के लिए अमृत और जानवरों के लिए जहर, कई रोगों में रामबाण है यह बेहद खूबसूरत पौधा

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Ballia news: इंसानों के लिए अमृत यह पौधा पालतू जानवरों के लिए सुरक्षित नहीं माना जाता हैं. कुत्तों, बिल्लियों और घोड़ों पर इसका विषैला प्रभाव पड़ सकता है. अतः यदि घर में पालतू जानवर हैं, तो इसे उनकी पहुंच से दूर रखें. हमेशा ध्यान रखें कि, प्राकृतिक चीजें भी गलत उपयोग के कारण लाभ की जगह हानिकारक भी हो सकती हैं

डायन्थस चिनेंसिस में जीवाणुरोधी और सूजनरोधी तत्व पाए जाते हैं, जो इसे मूत्र पथ के संक्रमण, खासकर सिस्टाइटिस जैसी समस्याओं में लाभकारी बनाते है. इसके औषधिय गुण शरीर में बैक्टीरिया से लड़ने में सहायक हो सकते हैं. आयुर्वेद में इसे प्राकृतिक सहायक औषधि के रूप में भी देखा जाता है.

यह पौधा मूत्रवर्धक गुणों के लिए भी जाना जाता है. गुर्दे की पथरी या मूत्र रुकावट जैसी परेशानियों में पारंपरिक रूप से इसका इस्तेमाल किया जाता रहा है. यह मूत्र प्रणाली को सक्रिय करने में बेहद लाभकारी और गुणकारी है. शरीर से अतिरिक्त तरल पदार्थ बाहर निकालने में मदद मिलने की बात भी कही जाती है. हालांकि, सही मात्रा और तरीके की जानकारी बहुत जरूरी है.

फेमस आयुर्वेदाचार्य सात साल अनुभवी डॉ. प्रियंका सिंह के अनुसार, यह पाचन संबंधी परेशानियों में भी उपयोगी है. गैस, कब्ज और पेट के कीड़ों जैसी समस्याओं में इसका प्रयोग लाभदायक माना गया है. इसके कृमिनाशक गुणों की चर्चा आयुर्वेदिक ग्रंथों में मिलती है. हालांकि आधुनिक वैज्ञानिक पुष्टि सीमित है, फिर भी लोक चिकित्सा में इसका भरोसा बना हुआ है.

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यह केवल आंतरिक ही नहीं, बल्कि बाहरी उपयोग में भी खास है. इसके फूल और पत्तियों का लेप त्वचा की जलन, सूजन या हल्के चकत्तों पर लगाया जा सकता है. प्राकृतिक ठंडक देने वाला प्रभाव इसे घरेलू उपचारों में जगह दिलाता है. यह हल्के जुकाम या सांस की तकलीफ में भी सहायक साबित होती हैं.

आश्चयर्जनक, इंसानों के लिए अमृत यह पौधा पालतू जानवरों के लिए सुरक्षित नहीं माना जाता हैं. कुत्तों, बिल्लियों और घोड़ों पर इसका विषैला प्रभाव पड़ सकता है. अतः यदि घर में पालतू जानवर हैं, तो इसे उनकी पहुंच से दूर रखें. हमेशा ध्यान रखें कि, प्राकृतिक चीजें भी गलत उपयोग के कारण लाभ की जगह हानिकारक भी हो सकती हैं.

खूबसूरती और सजावट की दुनिया में डायन्थस चिनेंसिस किसी स्टार से कम नहीं है. इसके सफेद, गुलाबी और लाल रंग के चमकीले फूल बगीचे को जीवंत कर देते हैं. जी हां कम पानी में भी पनपने की क्षमता इसे अलग पहचान देती है. छोटे गमलों से लेकर बड़े गार्डन बेड तक, हर जगह यह आसानी से उगाया जा सकता है. यहीं नहीं, मधुमक्खियां और तितलियां भी इसकी ओर आकर्षित होती हैं.

डायन्थस चिनेंसिस खूबसूरती और गुणों अनोखा मेल है. यह पौधा न केवल आंखों को सुकून देता है, बल्कि परंपरागत मान्यताओं में सेहत का साथी भी माना जाता है. सही जानकारी और सावधानी के साथ इसका उपयोग किया जाए, तो यह घर और बगीचे दोनों की शान बढ़ा सकता है. हालांकि, यह एक औषधि है, इसलिए आयुर्वेद एक्सपर्ट की सलाह से ही इसका सेवन करें.

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