जरूरत की खबर- रूम फ्रेशनर का इस्तेमाल कभी न करें: इसमें हैं टॉक्सिक केमिकल्स, रेस्पिरेटरी प्रॉब्लम्स का रिस्क, बता रहे हैं डॉक्टर

15 मिनट पहलेलेखक: शिवाकान्त शुक्ल

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हम अक्सर अपने घर और ऑफिस को महकाने के लिए रूम फ्रेशनर, परफ्यूम, खुशबूदार धूप या सुगंधित कैंडल्स का इस्तेमाल करते हैं। यह हमें एक सामान्य आदत लगती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यही ‘खुशबू’ धीरे-धीरे हमारी सेहत के लिए ‘साइलेंट किलर’ साबित हो सकती है।

दरअसल हम अपने जीवन का ज्यादा समय घर या ऑफिस जैसे बंद स्थानों में बिताते हैं, जहां की हवा कई बार बाहर की हवा से भी ज्यादा दूषित होती है। परफ्यूम, अगरबत्ती, रूम फ्रेशनर और क्लीनिंग प्रोडक्ट्स में मौजूद केमिकल्स और प्रदूषक (Pollutants) हवा में मिलकर ऑक्सीजन को टॉक्सिक बना देते हैं, जो सेहत के लिए बेहद नुकसानदायक है।

वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) की इंटरनेशनल एजेंसी फॉर रिसर्च ऑन कैंसर (IARC) ने सुगंधित प्रोडक्ट्स में पाए जाने वाले फॉर्मेल्डिहाइड केमिकल को कैंसरकारक के रूप में लिस्टेड किया है।

सुगंधित प्रोडक्ट्स का ज्यादा इस्तेमाल इनडोर एयर पॉल्यूशन बढ़ा देता है। इसका सबसे ज्यादा असर बच्चों, बुजुर्गों और पालतू जानवरों पर पड़ता है। लंबे समय तक इनका इस्तेमाल सांस संबंधी परेशानी, एलर्जी और अस्थमा अटैक जैसी समस्याएं बढ़ा सकता है।

हालांकि पर्याप्त वेंटिलेशन, नेचुरल क्लीनिंग एजेंट्स और प्राकृतिक खुशबू वाले विकल्प अपनाकर इस खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

तो चलिए, आज जरूरत की खबर में हम सुगंधित प्रोडक्ट्स में छिपे खतरों के बारे में बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि-

  • सुगंधित प्रोडक्ट्स में कौन से केमिकल्स इस्तेमाल किए जाते हैं?
  • ये केमिकल्स हमारी सेहत को कैसे नुकसान पहुंचाते हैं?
  • इनडोर एयर पॉल्यूशन से बचाव के सुरक्षित उपाय क्या हैं?

एक्सपर्ट: डॉ. अरविंद अग्रवाल, डायरेक्टर, इंटरनल मेडिसिन एंड इनफेक्शियस डिजीज, श्री बालाजी एक्शन मेडिकल इंस्टीट्यूट, दिल्ली

सवाल- सुगंधित प्रोडक्ट्स में कौन-कौन से केमिकल्स इस्तेमाल किए जाते हैं?

जवाब- रूम फ्रेशनर, परफ्यूम, कॉस्मेटिक्स, क्लीनिंग प्रोडक्ट्स और सुगंधित कैंडल्स जैसे प्रोडक्ट्स में हजारों तरह के केमिकल्स इस्तेमाल होते हैं, जो सेहत के लिए नुकसानदायक हैं। इनमें मुख्य रूप से सॉल्वेंट्स, स्टेबलाइजर्स, यूवी-एब्जॉर्बर्स, प्रिजर्वेटिव्स और डाइज शामिल होते हैं, जो इनडोर एयर पॉल्यूशन बढ़ाते हैं।

लंबे समय तक इनके संपर्क में रहने से एलर्जी, सांस की समस्या, हाॅर्मोनल इम्बैलेंस, कैंसर और न्यूरोटॉक्सिसिटी जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है। इसे नीचे दिए ग्राफिक से समझिए-

सवाल- सुगंधित प्रोडक्ट्स के ज्यादा इस्तेमाल से किस तरह की स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं?

जवाब- दिल्ली स्थित श्री बालाजी एक्शन मेडिकल इंस्टीट्यूट के इंटरनल मेडिसिन एंड इनफेक्शियस डिजीज के डायरेक्टर डॉ. अरविंद अग्रवाल बताते हैं कि सुगंधित प्रोडक्ट्स के फ्रेगरेंस में मौजूद सिंथेटिक केमिकल्स शरीर पर कई नकारात्मक प्रभाव डालते हैं। लंबे समय तक इसके संपर्क से कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। इसे नीचे दिए ग्राफिक से समझिए-

आइए, इन पॉइंट्स के बारे में विस्तार से बात करते हैं।

आंख, गला और फेफड़ों में जलन

सुगंधित प्रोडक्ट्स में मौजूद केमिकल्स आंखों, गले और फेफड़ों की नाजुक झिल्ली को डिस्टर्ब करते हैं। इससे जलन, खांसी और सांस लेने में परेशानी हो सकती है।

माइग्रेन और सिरदर्द

अगर आपको बिना वजह बार-बार माइग्रेन या सिरदर्द होता है तो इसकी एक वजह सुगंधित प्रोडक्ट्स भी हो सकते हैं। खासतौर पर प्लग-इन एयर फ्रेशनर, फैब्रिक सॉफ्टनर, लॉन्ड्री क्रिस्टल्स, परफ्यूम और कोलोन जैसे प्रोडक्ट्स ब्रेन के सेंसेटिव नर्व रिस्पॉन्स को ट्रिगर कर सिरदर्द बढ़ा सकते हैं।

एलर्जी और अस्थमा

कई लोगों को सुगंधित प्रोडक्ट्स से एलर्जी होती है। जिन लोगों को मल्टीपल केमिकल सेंसिटिविटी (MCS) होती है, वे किसी भी तरह की खुशबू पर रिएक्ट कर सकते हैं। इससे खांसी, छींक, आंखों में जलन और सांस की नली में सूजन जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। ये शरीर के लिए एक प्रोटेक्टिव रिएक्शन होते हैं, लेकिन लंबे समय में यह अस्थमा और श्वसन संबंधी समस्याओं को बढ़ा सकते हैं।

हाॅर्मोनल इम्बैलेंस

फ्थैलेट्स और कुछ सिंथेटिक केमिकल्स शरीर के हाॅर्मोन संतुलन को प्रभावित करते हैं, जिससे प्रजनन क्षमता और मेटाबॉलिज्म पर असर पड़ सकता है।

सेक्सुअल हेल्थ पर असर

लंबे समय तक एक्सपोजर से सेक्सुअल हेल्थ प्रभावित हो सकती है। पुरुषों और महिलाओं दोनों में फर्टिलिटी संबंधी रिस्क बढ़ सकते हैं।

रेस्पिरेटरी प्रॉब्लम्स

अस्थमा या रेस्पिरेटरी प्रॉब्लम्स वाले लोगों में फ्रेगरेंस फेफड़ों में जलन पैदा करते हैं, जिससे खांसी, घरघराहट या सांस फूलना होता है। डॉ. अरविंद अग्रवाल बताते हैं कि कम मात्रा में भी एक्सपोजर से बच्चों और वयस्कों में अस्थमा का खतरा बढ़ता है।

इनडोर एयर पॉल्यूशन

सुगंधित प्रोडक्ट्स हवा में खतरनाक केमिकल्स छोड़ते हैं, जिससे घर और ऑफिस की हवा बाहर की तुलना में ज्यादा दूषित हो सकती है।

पेट्स पर असर

पेट्स एयरबोर्न केमिकल्स से ज्यादा संवेदनशील होते हैं। कुत्ते, बिल्लियां और खासकर पक्षियों में छींक, खांसी, स्किन में जलन या व्यवहार में बदलाव हो सकते हैं।

बच्चों पर असर

सुगंधित प्रोडक्ट्स के लगातार संपर्क में रहने से बच्चों में विकास संबंधी समस्याएं, व्यवहार में बदलाव और ग्रोथ में कमी देखी जा सकती है। उनकी इम्यूनिटी भी कमजोर हो सकती है, जिससे वे बार-बार बीमार पड़ने लगते हैं।

हार्ट और मेटाबॉलिक डिजीज

लंबे समय तक इन प्रोडक्ट्स के एक्सपोजर से हार्ट डिजीज, टाइप-2 डायबिटीज, लिवर फंक्शन में गड़बड़ी और मेमोरी लॉस जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। ये केमिकल्स शरीर के हार्मोनल और मेटाबॉलिक सिस्टम को भी प्रभावित करते हैं।

कैंसर का खतरा

फ्रेगरेंस में मौजूद फॉर्मेल्डिहाइड और कुछ वोलेटाइल ऑर्गेनिक कंपाउंड्स (VOCs) को कैंसर का प्रमुख कारण माना गया है। लंबे समय तक इनके इनहेलेशन से लंग्स, लिवर और स्किन कैंसर का खतरा बढ़ सकता है।

सवाल- सुगंधित प्रोडक्ट्स से होने वाले खतरों को कैसे कम किया जा सकता है?

जवाब- पूरी तरह से इसका इस्तेमाल रोक पाना मुश्किल है, लेकिन कुछ सावधानियां बरतकर इनके खतरों को काफी हद तक कम किया जा सकता है। इसे नीचे दिए ग्राफिक से समझिए-

सवाल- क्या घर पर नेचुरल एयर फ्रेशनर बनाया जा सकता है?

जवाब- हां, घर पर नेचुरल एयर फ्रेशनर बनाना आसान, सस्ता और सेहत के लिए सुरक्षित तरीका है। अलग-अलग रूम और जरूरत के अनुसार आप इसे बना सकते हैं। जैसेकि-

साइट्रस और मिंट स्प्रे: 3/4 कप पानी में 2 टेबलस्पून रबिंग अल्कोहल, 10 ड्रॉप ऑरेंज और 8 ड्रॉप पेपरमिंट एसेंशियल ऑयल मिलाएं। स्प्रे बोतल में डालकर किचन या अन्य जगह हल्का छिड़कें। यह खाना बनाने की गंध को दूर करता है और फ्रेशनेस देता है।

लैवेंडर और कैमोमाइल मिस्ट: 3/4 कप पानी में 2 टेबलस्पून वेनिला एक्सट्रैक्ट, 10 ड्रॉप लैवेंडर और 5 ड्रॉप कैमोमाइल एसेंशियल ऑयल मिलाएं। स्प्रे बोतल में डालकर सोने से पहले कमरे में हल्का छिड़कें।

स्पाइसी सिनेमन ब्लेंड: 3/4 कप पानी में 2 टेबलस्पून वेनिला एक्सट्रैक्ट, 6 ड्रॉप ऑरेंज, 5 ड्रॉप सिनेमन और 5 ड्रॉप क्लोव एसेंशियल ऑयल मिलाएं। स्प्रे करके लिविंग रूम या अन्य जगह ताजगी लाएं।

टी ट्री और लेमन स्प्रे: 3/4 कप पानी में 2 टेबलस्पून वेनिला एक्सट्रैक्ट, 4 ड्रॉप टी ट्री, 8 ड्रॉप लेमन और 6 ड्रॉप यूकेलिप्टस एसेंशियल ऑयल मिलाएं। यह गंध और नमी को कंट्रोल करता है।

जेल एयर फ्रेशनर: 2 टेबलस्पून अनफ्लेवर्ड जेलीटिन को 1 कप उबलते पानी में घोलें। इसमें 2 टीस्पून नमक और 15 ड्रॉप पसंदीदा एसेंशियल ऑयल मिलाएं। यह धीरे-धीरे खुशबू छोड़ता है।

बेकिंग सोडा और एसेंशियल ऑयल: एक छोटे जार बेकिंग सोडा में 25 ड्रॉप एसेंशियल ऑयल मिलाएं। छेद वाले ढक्कन से ढकें। धीरे-धीरे खुशबू फैलती रहती है।

ये होममेड एयर फ्रेशनर केमिकल मुक्त और इकोफ्रेंडली होते हैं। साथ ही घर में नेचुरल खुशबू देने में मदद करते हैं।

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