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Nawada Success Story : नवादा की अजमतीया देवी ने जीविका योजना से नर्सरी खोलकर परिवार को आत्मनिर्भर बनाई हैं. आज वह वन विभाग को पौधे बेचकर सालाना 2 से 4 लाख रुपये का मुनाफा कमा रही हैं. इसके साथ ही गांव की महिलाओं को भी प्रेरणा मिल रही है.
नवादा: केंद्र और राज्य सरकारें पर्यावरण संरक्षण को लेकर लगातार बड़े स्तर पर काम कर रही हैं. इसी कड़ी में राज्यभर में पौधारोपण को बढ़ावा दिया जा रहा है. इस प्रयास के तहत वन विभाग अनुदान देकर आम लोगों को भी पौधा लगाने के लिए प्रेरित कर रहा है. ऐसे में सबसे खास बात यह है कि अब यह पहल सिर्फ हरियाली तक सीमित नहीं रह गई है. बल्कि ग्रामीण इलाकों में रोजगार और आत्मनिर्भरता का मजबूत जरिया भी बनती जा रही है. ऐसे में बिहार के नवादा जिले से ऐसी ही एक प्रेरक कहानी सामने आई है. जहां पौधशाला (नर्सरी) महिलाओं और उनके परिवारों के लिए आमदनी का साधन बन गई है. आइए समझते हैं पूरी कहानी.
महिला ने नर्सरी खोलकर बेटे को बनाया हुनरमंद
जानकारी के अनुसार, एक नर्सरी खोलने और साल भर में 20 हजार पौध तैयार करने में करीब 50 हजार रुपये की लागत आती है. इस नर्सरी में 5 प्रकार के पौधे तैयार किए जाते हैं, जिनकी सरकारी योजनाओं में काफी मांग रहती है. विभागीय दर के अनुसार सरकार 25 से 30 रुपये प्रति पौधा के हिसाब से खरीद करती है. बड़ी संख्या में पौधे तैयार होने के कारण यह काम लाभकारी साबित हो रहा है.
2 से चार लाख का हो रहा मुनाफा
अजमतीया देवी के बेटे संजीत कुमार बताते हैं कि उनकी मां को जीविका योजना से इस योजना का लाभ मिला. शुरुआत में थोड़ी मेहनत जरूर लगी, लेकिन अब नर्सरी से सालाना 2 से 4 लाख रुपये तक का मुनाफा हो जाता है. संजीत कुमार खुद से अपने पौधशाला में पौधा तैयार कर ब्लॉक स्तर पर सरकार को वन विभाग को बेचने का काम कर रहे हैं, जिससे परिवार की आमदनी में लगातार इजाफा हो रहा है.
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बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में लगभग 4 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत डेस्क, दैनिक भास्कर डिजिटल डेस्क के अनुभव के साथ 14 मई 2024 से News.in में सीनियर कंटेंट राइटर…और पढ़ें
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