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Success Story : इंफोसिस की करोड़ों रुपये की जॉब छोड़कर नंदू शर्मा ने फोल्ड पेंटिंग में करियर बनाया है. उनकी रामायण और हनुमान चालीसा की पेंटिंग्स विदेशों तक मशहूर है. वह यूनेस्को अवार्ड विजेता भी हैं. वह पेंटिंग में असली सोने का इस्तेमाल करते हैं.
नई दिल्ली : इंफोसिस में नौकरी करने का सपना हर किसी का होता है. क्योंकि इंफोसिस में एक बार नौकरी लग गई, तो मान लीजिए आपका लाखों करोड़ों का पैकेज तय है. आपकी जिंदगी पटरी पर आ जाती है, लेकिन राजस्थान के भीलवाड़ा के रहने वाले नंदू शर्मा ने इंफोसिस में नौकरी छोड़कर ऐसी अनोखी कला को अपनाया, जिसकी डिमांड आज विदेश तक है. उन्होंने फोल्ड पेंटिंग और कहानी वाली पेंटिंग्स बनानी शुरू की, जिसमें इन्होंने रामायण और हनुमान चालीसा को शब्दों और चित्रों के साथ 3-4 महीने की कड़ी मेहनत के बाद चादर पर उकेरा. देखने वाले इसे सातवां अजूबा कहते हैं. लोग देखकर इनकी पेंटिंग से हैरान हो जाते हैं. इन्होंने 18 लाख रुपए की पेंटिंग अमेरिका के लॉस एंजेलिस के गवर्नर के लिए बनाया था. नंदू शर्मा यूनेस्को अवार्ड और नेशनल अवार्ड से भी सम्मानित हो चुके हैं.
इंफोसिस में थे सॉफ्टवेयर डेवलपर
नंदू शर्मा इन दिनों दिल्ली आए हुए हैं. उनसे लोकल 18 की टीम ने खास बातचीत की. उन्होंने बताया कि 1998 से लेकर 2000 तक उन्होंने इंफोसिस में नौकरी की. इंफोसिस में वह सॉफ्टवेयर डेवलपर थे. वहां पर इनका पैकेज काफी ज्यादा था. उन्होंने कंप्यूटर साइंस से बीटेक किया हुआ है. उनका सपना था कि किसी बड़ी कंपनी में सीईओ के पद को अपनाना, लेकिन किस्मत ने कुछ और तय कर रखा था. हालात कुछ ऐसे बने की उन्हें वापस अपने घर आना पड़ा.
यहां घर आने के बाद उन्होंने अपने एक और आर्टिस्ट मित्र जिनका नाम कल्याण जोशी है. उनके कहने पर उनके लिए एक वेबसाइट बनाई थी. उस वेबसाइट को बनाते-बनाते इन्होंने तमाम कला के बारे में जानकारी हासिल की. फिर उनसे और उनके पिता जो की पद्मश्री हैं, उनसे सीखा और फिर आर्टिस्ट बन गए और आज वह जहां हैं, वहां बहुत खुश हैं. उन्होंने बताया कि आज राष्ट्रपति भवन, राज भवन और प्रधानमंत्री आवास से लेकर कई बड़ी जगहों पर उन्होंने अपना आर्टवर्क किया है. देश-विदेश तक के मंत्रियों और नेताओं के साथ ही बिजनेसमैन तक से मुलाकात उनकी होती है. लोग उनकी पेंटिंग की डिमांड करते हैं. वह सबके लिए पेंटिंग बनाते हैं.
पेंटिंग में करते हैं असली सोने का इस्तेमाल
नंदू शर्मा ने बताया कि उनकी पेंटिंग में चाहे रामायण हो, हनुमान चालीसा हो या फिर किसी भी देवी देवता की हो. वह उसमें जो मुकुट या सोने के गहने होते हैं. वो सब असली सोने से बनाए जाते हैं. उन्होंने बताया कि उनकी पत्नी यूरोपियन हैं. उनको भी इस आर्ट का शौक है और इन्होंने अपनी पत्नी को भी इस आर्ट को सिखा दिया है और यूरोप के लोग इस आर्ट को काफी पसंद करते हैं. उन्होंने बताया कि वर्तमान में उनकी पत्नी शिवाजी की पेंटिंग बना रही हैं. उन्होंने कहा कि हमारे देश में इस कला को बढ़ावा मिलना चाहिए. क्योंकि यही हमारे देश की पहचान है.
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बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में लगभग 4 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत डेस्क, दैनिक भास्कर डिजिटल डेस्क के अनुभव के साथ 14 मई 2024 से News.in में सीनियर कंटेंट राइटर…और पढ़ें
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