मुंबई3 मिनट पहले
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चंद्रशेखरन पहली बार अक्टूबर 2016 में टाटा सन्स के बोर्ड में शामिल हुए थे।
एन चंद्रशेखरन अब 2032 तक टाटा सन्स के चेयरमैन बने रहेंगे। ये पहली बार है जब कंपनी अपनी रिटायरमेंट पॉलिसी से हट रही है। चंद्रशेखरन अभी चेयरमैन के तौर पर दूसरा कार्यकाल कर रहे हैं, जो 2027 में खत्म हो रहा था।
अब ट्रस्टीज ने चंद्रशेखरन को टाटा सन्स के चेयरमैन के तौर पर तीसरा पांच साल का कार्यकाल दे दिया है। 2032 में 70 साल की उम्र में वे रिटायर होंगे। चंद्रशेखरन पहली बार अक्टूबर 2016 में टाटा सन्स के बोर्ड में शामिल हुए थे, चार महीने बाद जनवरी 2017 में उन्हें चेयरमैन बनाया गया था।
टाटा ग्रुप में टाटा संस की 66% हिस्सेदारी
टाटा ग्रुप की स्थापना जमशेदजी टाटा ने 1868 में की थी। यह भारत की सबसे बड़ी मल्टीनेशनल कंपनी है, 10 अलग-अलग बिजनेस में इसकी 30 कंपनियां दुनिया के 100 से ज्यादा देशों में कारोबार करती हैं।
टाटा संस टाटा कंपनियों की प्रिंसिपल इन्वेस्टमेंट होल्डिंग और प्रमोटर है। टाटा संस की 66% इक्विटी शेयर कैपिटल टाटा के चैरिटेबल ट्रस्ट के पास हैं, जो एजुकेशन, हेल्थ, आर्ट एंड कल्चर और लाइवलीहुड जनरेशन के लिए काम करता है।
2023-24 में टाटा ग्रुप की सभी कंपनियों का टोटल रेवेन्यू 13.86 लाख करोड़ रुपए था। यह 10 लाख से ज्यादा लोगों को रोजगार देती है। इसके प्रोडक्ट्स सुबह से शाम तक हमारी जिंदगी में शामिल है। कंपनी चाय पत्ती से लेकर घड़ी, कार और एंटरटेनमेंट सर्विसेज देती है।
