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इंदौर में 80 वर्षीय बुजुर्ग ने मिठाई न खाने देने से नाराज होकर रेलवे स्टेशन पर आत्महत्या की कोशिश की. जीआरपी जवान चेतन नरवरे ने पटरी से खींचकर उनकी जान बचाई. ये घटना समाज को एक संदेश भी दे रही है. जानें…
जीआरपी ने बुजुर्ग को परिजनों के हवाले किया.
रिपोर्ट: मिथिलेश गुप्ता
इंदौर: मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर से बेहद अनोखा और भावुक कर देने वाकया सामने आया है. यहां 80 वर्षीय बुजुर्ग शिखर चंद्र जैन ने ट्रेन के आगे कूदकर सुसाइड करने की कोशिश की. इसके पीछे की जो वजह सामने आई उसने सबको हैरान कर दिया. दरअसल, शिखर चंद्र को मिठाई का बड़ा शौक है. लेकिन, बीते कई सालों से वह डायबिटीज से पीड़ित हैं. ऐसे में डॉक्टरों की सलाह पर परिवार ने उनके मीठे खाने पर रोक लगा दी. परिवार की इस रोक-टोक से नाराज होकर उन्होंने जान देने का निर्णय ले लिया.
घटना इंदौर रेलवे स्टेशन की है. शिखर चंद्र ने ट्रेन के सामने कूदकर अपनी जीवन लीला समाप्त करने की योजना बनाई थी. वे ऑटो से बड़ा गणपति इलाके से स्टेशन पहुंचे और प्लेटफॉर्म नंबर 3 पर पहुंचकर अवंतिका एक्सप्रेस के आने का इंतजार करने लगे. जैसे ही ट्रेन प्लेटफॉर्म से गुजरने लगी, शिखर चंद्र पटरी पर जाकर लेट गए. मौत से महज कुछ सेकंड की दूरी थी, लेकिन तभी जीआरपी के जवान चेतन नरवरे की नजर उन पर पड़ गई. चेतन ने बिना देर किए प्लेटफॉर्म से पटरी पर छलांग लगाई और बुजुर्ग को खींचकर बचा लिया.
मुझे मिठाई नहीं खाने देते…
चेतन नरवरे ने बुजुर्ग को सुरक्षित थाने ले जाकर पूछताछ की. बुजुर्ग ने बताया, “मेरी उम्र हो चुकी है, मन में थोड़ी चिंता और तनाव रहता है. मुझे मिठाई बहुत पसंद है, लेकिन परिवार वाले नहीं खाने देते. इसी से नाराज होकर मैंने सुसाइड करने का फैसला किया.” उनकी जेब से एक छोटी डायरी मिली, जिसमें पोते रत्नेश का नंबर लिखा था.
भागा-भागा आया पोता, गले लगा लिया…
पुलिस ने रत्नेश को फोन किया, जो तुरंत स्टेशन पहुंचा. दादा को देखते ही रत्नेश ने उन्हें गले लगा लिया और कहा, “हम चाहते हैं कि आप हमारे साथ रहें, इसलिए मीठा नहीं खाने देते. डॉक्टर ने डायबिटीज के कारण मना किया है.” इसके बाद रत्नेश दादा को घर ले गया.
वहीं, जीआरपी जवान चेतन नरवरे की सराहना हो रही है. वहीं, विशेषज्ञों का कहना है कि बुजुर्गों में डिप्रेशन और सुसाइड की प्रवृत्ति बढ़ रही है, जिसे रोकने के लिए परिवार को उनकी भावनाओं का सम्मान करना चाहिए.
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एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें
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