नगर निगम बनाम मंडी समिति: 29 साल के बकाया ₹36.55 लाख टैक्स पर छिड़ी रार, सतना में बड़ा कानूनी विवाद

सतना के दो विभागों कृषि उपज मंडी समिति सतना और नगर पालिक निगम के बीच संपत्तिकर को लेकर बड़ा मामला सामने आया है। नगर निगम ने मंडी समिति की संपत्तियों प …और पढ़ें

Publish Date: Mon, 22 Dec 2025 10:58:10 AM (IST)Updated Date: Mon, 22 Dec 2025 10:58:10 AM (IST)

नगर निगम बनाम मंडी समिति(फाइल फोटो)

नईदुनिया प्रतिनिधि, सतना। जिले के दो विभागों कृषि उपज मंडी समिति सतना और नगर पालिक निगम के बीच संपत्तिकर को लेकर बड़ा मामला सामने आया है। नगर निगम ने मंडी समिति की संपत्तियों पर वर्ष 1997 से मार्च 2026 तक का 36 लाख 55 हजार 972 रुपये संपत्तिकर एवं अन्य संलग्न कर बकाया बताते हुए भुगतान का नोटिस जारी किया है। नोटिस मिलते ही मंडी समिति ने इस मांग को कानूनन असंवैधानिक बताते हुए कर भुगतान से इनकार कर दिया है।

नगर निगम के राजस्व अधिकारी द्वारा 12 नवंबर 2025 को जारी पत्र में वार्ड क्रमांक 13 स्थित ए ग्रेड कृषि उपज मंडी की संपत्तियों पर 29 वर्षों का कर बकाया बताते हुए 15 दिवस के भीतर राशि जमा करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही नगर निगम अधिनियम 1956 के तहत कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। यह मामला अब कानूनी व्याख्या और अधिकार क्षेत्र के बीच फंसा हुआ है। यदि नगर निगम अपने रुख पर कायम रहता है, तो यह विवाद उच्च स्तर तक पहुंच सकता है, जिसका असर प्रदेश की अन्य मंडी समितियों पर भी पड़ सकता है।

मंडी ने दिया उच्चतम न्यायालय के आदेश का हवाला

नगर निगम के राजस्व अधिकारी द्वारा बकाया संपत्तिकर के नोटिस के जवाब में कृषि उपज मंडी समिति ने नगर निगम की मांग को खारिज करते हुए मंडी समिति की सभी संपत्तियों को कर से छूट मिलने की बात कही है। इसके लिए मंडी समिति ने Supreme Court of India के आदेश का हवाला दिया है। अपने जवाब में मंडी समिति ने 18 दिसंबर को नगर निगम को पत्र लिखकर स्पष्ट किया कि मध्यप्रदेश कृषि उपज मंडी अधिनियम 1972 की धारा 9(3) के अनुसार मंडी समिति द्वारा अर्जित एवं मंडी प्रांगण के प्रयोजन के लिए उपयोग की जा रही भूमि नगर निगम की सीमा में शामिल नहीं मानी जाती। ऐसे में उस पर संपत्तिकर या अन्य कर अधिरोपित नहीं किया जा सकता। मंडी समिति ने अपने पक्ष में माननीय सर्वोच्च न्यायालय के 14 अक्टूबर 2008 के निर्णय (सिविल अपील क्रमांक 1921/2006) का हवाला भी दिया है, जिसमें नगर निगम द्वारा मंडी समितियों पर संपत्तिकर लगाए जाने की याचिका को खारिज करते हुए मंडी समिति के पक्ष में निर्णय दिया गया था।

47.12 एकड़ भूमि कृषि उपज मंडी प्रांगण के रूप में अधिसूचित

राज्य शासन की अधिसूचनाओं के अनुसार कुल 47.12 एकड़ भूमि (35.12 एकड़ वर्ष 1977 में एवं 12 एकड़ वर्ष 2008 में) कृषि उपज मंडी प्रांगण के रूप में अधिसूचित है और समस्त निर्माण उसी अधिसूचित भूमि पर किए गए हैं। मंडी समिति के सहायक संचालक एवं सचिव करूणेश तिवारी ने नगर निगम से आग्रह किया है कि मंडी समिति सतना को संपत्तिकर एवं अन्य संलग्न करों से मुक्त किया जाए। इस पत्र की प्रतिलिपि राज्य कृषि विपणन बोर्ड भोपाल, नगर निगम आयुक्त सतना एवं क्षेत्रीय कार्यालय रीवा को भी भेजी गई है।

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