खांसी में आराम देती है मुलेठी, लेकिन इसका ज्यादा सेवन बढ़ा सकता है हार्ट रिस्क! जानें सही तरीका

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Mulethi Health Benefits: मुलेठी को अक्सर लोग तुरंत राहत देने वाली प्राकृतिक औषधि समझकर बेझिझक इस्तेमाल करते हैं, लेकिन इसकी सही मात्रा और गलत सेवन के गंभीर प्रभाव बहुत कम लोग जानते हैं. यही कारण है कि इसका उपयोग करने से पहले इसके फायदे और नुकसान समझना जरूरी है. इस खबर में जानिए इसका सही मात्रा में सेवन ओर बरतने वाले सावधानियां.

Mulethi Health Benefits: मुलेठी एक ऐसी पुरानी औषधीय जड़ी-बूटी है जिसका इस्तेमाल भारतीय घरों में पीढ़ियों से होता आ रहा है. गले की खराश, खांसी, पेट दर्द या हल्की सूजन जैसी परेशानियों में यह तुरंत आराम देने के लिए मशहूर है. इसकी मीठी स्वाद वाली जड़ दादी-नानी के नुस्खों का अहम हिस्सा रही है. लेकिन हर प्राकृतिक चीज की तरह मुलेठी भी तभी फायदेमंद है जब इसे सही मात्रा में लिया जाए. जरूरत से ज्यादा सेवन करने पर यह शरीर के लिए नुकसानदेह भी बन सकती है. इसलिए इसकी सही मात्रा, फायदे और खतरे के बारे में जानना बहुत जरूरी है.

मुलेठी में क्या होता है जो इसे औषधि बनाता है
लोकल 18 से बातचीत में डॉ. राजकुमार (D.U.M) बताते हैं कि मुलेठी में कई औषधीय गुण पाए जाते हैं जिनमें glycyrrhizin सबसे प्रमुख तत्व है. यही तत्व मुलेठी का मीठा स्वाद देता है और शरीर को राहत पहुंचाने का काम करता है. आयुर्वेद में इसे गले की सूजन, खांसी, एसिडिटी, मुंह की जलन, अल्सर और पाचन संबंधी दिक्कतों में लाभकारी माना जाता है. कम मात्रा में लिया गया मुलेठी का टुकड़ा या चूर्ण शरीर को बैलेंसिंग इफेक्ट देता है. इससे पेट शांत रहता है, खांसी में आराम मिलता है और गले की जकड़न कम होती है. लेकिन समस्या तब बढ़ती है जब लोग तेज आराम के चक्कर में इसे जरूरत से ज्यादा मात्रा में लेने लगते हैं.
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कितनी मात्रा सुरक्षित है और कब नुकसान?
डॉ. राजकुमार बताते हैं कि मुलेठी की सुरक्षित मात्रा एक दिन में 2 से 5 ग्राम तक मानी जाती है. इसे चाय, काढ़े या साधारण पाउडर के रूप में लिया जा सकता है. लेकिन अगर कोई इस मात्रा से अधिक मुलेठी लेने लगे तो शरीर में glycyrrhizin बढ़ने लगता है और इसके दुष्प्रभाव दिखाई देने लगते हैं. सबसे पहले ब्लड प्रेशर तेजी से बढ़ सकता है. कुछ लोगों के पैरों, चेहरे या शरीर में सूजन आने लगती है. लगातार ज्यादा मात्रा में सेवन करने पर शरीर में सोडियम बढ़ने और पोटैशियम कम होने की समस्या होती है. पोटैशियम की कमी से कमजोरी, तेज धड़कन, थकान, चक्कर, दर्द और मांसपेशियों में खिंचाव जैसी दिक्कतें बढ़ सकती हैं. कई मामलों में अधिक मात्रा में मुलेठी का सेवन दिल पर भी असर डाल सकता है.

रोजाना मुलेठी लेने वाले लोग क्यों गलती करते हैं
मौसम बदलते ही कई लोग गले में खराश आते ही मुलेठी की गोलियां चूसने लगते हैं. कई दिनों तक ऐसा करना शरीर के लिए हानिकारक साबित हो सकता है. इसी तरह दिन में एक-दो कप मुलेठी वाली चाय ठीक है, लेकिन अगर कोई इसे बार-बार पीने लगे तो दुष्प्रभाव बढ़ सकते हैं. गर्भवती महिलाओं को मुलेठी का सेवन बहुत कम मात्रा में और डॉक्टर की सलाह से ही करना चाहिए क्योंकि अधिक सेवन हार्मोनल बदलाव ला सकता है. जिन लोगों को पहले से हाई बीपी, हार्ट प्रॉब्लम या किडनी की समस्या है, उन्हें मुलेठी का उपयोग बेहद सावधानी से करना चाहिए.

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Seema Nath

सीमा नाथ पांच साल से मीडिया के क्षेत्र में काम कर रही हैं. मैने शाह टाइम्स, उत्तरांचल दीप, न्यूज अपडेट भारत के साथ ही लोकल 18 ( नेटवर्क 18) में काम किया है. वर्तमान में मैं News 18 (नेटवर्क 18) के साथ जुड़ी हूं…और पढ़ें

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खांसी में आराम देती है मुलेठी, लेकिन इसका ज्यादा सेवन बढ़ा सकता है हार्ट रिस्क

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