अचानक तेज हवाएं चलने लगीं, जिसके बाद देखते ही देखते घरों की छतें उड़ने लगीं और पेड़ गिरने लगे। इस आपदा से ग्रामीण दहशत में आ गए और कई परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शरण लेनी पड़ी। हालांकि, इस घटना में जनहानि की कोई सूचना नहीं है, लेकिन आर्थिक नुकसान काफी बड़ा माना जा रहा है।
Publish Date: Thu, 04 Sep 2025 06:02:36 PM (IST)
Updated Date: Thu, 04 Sep 2025 06:16:23 PM (IST)
HighLights
- राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी मौके पर पहुंचीं।
- प्रभावितों से मिलकर दिलाया है भरोसा।
- प्रशासन ने नुकसान का किया जायजा।
सतना। जिला के सिंहपुर क्षेत्र में बुधवार की शाम आए चक्रवाती तूफान ने तबाही मचा दी। उसरार इलाके में तेज आंधी और तूफानी हवाओं ने करीब 60 घरों को अपनी चपेट में ले लिया। कई घरों की खपरैल उड़ गई, जबकि कुछ मकानों को भारी क्षति पहुंची है। तूफान के चलते पेड़ धराशायी हो गए और कई जगहों पर मार्ग अवरुद्ध हो गया। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, शाम अचानक तेज हवाएं चलने लगीं, जिसके बाद देखते ही देखते घरों की छतें उड़ने लगीं और पेड़ गिरने लगे। इस आपदा से ग्रामीण दहशत में आ गए और कई परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शरण लेनी पड़ी। हालांकि, इस घटना में जनहानि की कोई सूचना नहीं है, लेकिन आर्थिक नुकसान काफी बड़ा माना जा रहा है।

पीडि़तों के बीच पहुंची राज्यमंत्री
घटना की जानकारी मिलते ही राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी सिंहपुर क्षेत्र के उसरार गांव पहुंचीं। उन्होंने प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और उन्हें ढाढ़स बंधाया। प्रतिमा बागरी ने कहा कि सरकार हर संभव मदद उपलब्ध कराएगी और प्रभावित परिवारों को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा। वहीं, प्रशासनिक अमला भी मौके पर पहुंचा और नुकसान का प्राथमिक आकलन किया। ग्रामीणों को तिरपाल, भोजन और तत्काल राहत सामग्री उपलब्ध कराने की तैयारी शुरू कर दी गई है। पीड़ित परिवारों को आपदा प्रबंधन के नियमों के अनुसार आर्थिक सहायता दी जाएगी।

कई साल में पहली बार आया तूफान
ग्रामीणों ने बताया कि पिछले कई वर्षों में इस तरह का तूफान क्षेत्र में पहली बार आया है, जिसने एक साथ इतने बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचाया हो। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते प्रशासन स्थायी समाधान के उपाय करे तो भविष्य में इस तरह की आपदाओं के असर को कम किया जा सकता है।

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