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दतिया जिले से कांग्रेस के विधायक राजेंद्र भारती के मामले को लेकर पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर पर सवाल खड़े किए थे. जिसके बाद नरेंद्र सिंह तोमर ने आज सिलसिलेवार तरीके से सबका जवाब दिया है. नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा है कि विधानसभा से जो कार्रवाई की गई है, वह नियम अनुसार की गई है.
नरेंद्र सिंह तोमर ने जीतू पटवारी के आरोपों का दिया जवाब
Narendra Singh Tomar: दतिया के विधायक राजेंद्र भारती को तीन साल की सजा होने के बाद उनकी विधानसभा से भी सदस्यता खत्म कर दी गई. अब इसी पर मध्य प्रदेश में घमासान मचा हुआ है, जहां कांग्रेस इसे बदले की राजनीति बता रही है. वहीं बीजेपी की तरफ से कहा गया है कि कानून के दायरे में रहकर कार्रवाही की गई है. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर पर निशाना साधा था, जिस पर अब उनका जबाव सामने आया है.
मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि दतिया से निर्वाचित विधायक राजेन्द्र भारती को विशेष जिला न्यायालय द्वारा तीन वर्ष के कारावास एवं 1 लाख रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई है. इस आदेश के उपरांत माननीय सर्वोच्च न्यायालय के 10 जुलाई, 2013 के आदेश का पालन करते हुए राजेन्द्र भारती की सदस्यता शून्य कर दी गई है. इस आदेश का पालन करते हुए विधानसभा सचिवालय ने एक स्थान रिक्त होने का गजट नोटिफिकेशन जारी किया है.
विधि सम्मत हुई कार्रवाई: नरेंद्र सिंह तोमर
उन्होंने कहा कि लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 8 (3) का प्रावधान है कि यदि किसी व्यक्ति का दोषसिद्ध होने पर दो वर्ष या उससे अधिक की कारावास की सजा दी जाती है, तो वह दोषसिद्धि की तिथि से ही अयोग्य हो जाता है. राजेंद्र भारती के मामले में 3 वर्ष की सजा होने से यह प्रावधान पूरी तरह लागू होता है तथा विधायक की सीट स्वतः रिक्त हो जाती है. यह कार्रवाई विधि सम्मत हुई है.
बताया क्यों आधी रात को खोला गया था सचिवालय
नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष के रूप में उन्होंने सदैव दलगत राजनीति से ऊपर उठ कर कार्य किया है. विधानसभा के प्रमुख सचिव अरविंद शर्मा गुरुवार रात दिल्ली से लौटे थे. वे गुरुवार रात को आवश्यक शासकीय कार्य करने के लिए सचिवालय आए थे. साथ में उनका स्टाफ भी था. रविवार 5 अप्रैल को विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष माननीय यज्ञदत्त शर्मा जी की जयंती मनाई जानी है. शुक्रवार 3 अप्रैल को गुड फ्राडडे तथा 4 अप्रैल को शनिवार का अवकाश है. इस कारण सचिवालय 5 अप्रैल के आयोजन की तैयारी कर रहा था.
नरेंद्र सिंह तोमर ने पहले के दिए उदाहरण
नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि यह पहला मामला नहीं है जब यह कार्रवाई हुई है. पूर्व में भी आशा रानी सिंह की सदस्यता उन्हें 10 वर्ष की सजा होने पर इसी आधार समाप्त की गई थी. 2019 में प्रह्लाद लोधी की भी सदस्यता इसी प्रकार 2 वर्ष की सजा होने पर समाप्त की गई थी फिर वह हाई कोर्ट से स्थगन ले आए थे, तो उनकी सदस्यता बहाल की गई थी.
जीतू पटवारी ने नरेंद्र सिंह तोमर को दी थी नसीहत
जीतू पटवारी ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर का दायित्व यह है कि विधायकों को रक्षा करें, भाजपा की नहीं. नरोत्तम मिश्रा पर पैड न्यूज का मामला लंबित है. कोई निर्णय नहीं हुआ है. निर्मला स्प्रे की सदस्यता को लेकर लगातार डिले कर रहे हैं. विपक्ष के विधायकों के साथ अन्याय और अत्याचार हो रहा है. भाजपा भ्रष्टाचार का कैंसर बन गई है, जबतक भाजपा खत्म नहीं होगी. तब तक जनता को राहत नहीं मिलेगी.
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