डिंडौरी के जंगल में 1 महीने से बाघिन का मूवमेंट: 12 मवेशियों का किया शिकार, रेंजर बोले-वन विभाग की टीम कर रही निगरानी – Dindori News

डिंडौरी वन परिक्षेत्र के जंगल में पिछले एक महीने से एक बाघिन का मूवमेंट देखा जा रहा है।

डिंडौरी वन परिक्षेत्र के जंगल में पिछले एक महीने से एक बाघिन का मूवमेंट देखा जा रहा है। इससे ग्रामीणों में दहशत हैं और जंगल की ओर जाने से कतरा रहे हैं। वन विभाग की टीम लगातार मुनादी कराकर ग्रामीणों से जंगल में न जाने की अपील कर रही है।

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12 से अधिक मवेशियों का बाघिन किया शिकार

बाघिन के कारण ग्रामीणों को अपने मवेशियों को घरों में ही बांधकर रखना पड़ रहा है। अब तक बाघिन एक दर्जन से अधिक मवेशियों का शिकार कर चुकी है। गोपालपुर, गोरखपुर, रामहेपुर, रानी बुढार, नेवसा, बिझौरा, भरवई और देवकरा सहित आसपास के जंगलों में बाघिन की मौजूदगी दर्ज की गई है।

बाघिन की निगरानी के लिए 6 निगरानी दल गठित

रेंजर अतुल सिंह ने बताया कि बाघिन की निगरानी के लिए 6 निगरानी दल बनाए गए हैं, जो 24 घंटे उसके मूवमेंट पर नजर रख रहे हैं। बाघिन की लोकेशन ट्रैक करने के लिए जंगल में ट्रैप कैमरे भी लगाए गए हैं।

बिझौरा गांव के बैसाखू धुर्वे ने बताया कि उनकी आजीविका जंगल पर निर्भर करती है और खेत भी जंगल में ही हैं। पिछले एक महीने से वे जंगल की तरफ नहीं जा पा रहे हैं। अगर जाते भी हैं, तो समूह में।

उन्हें डर है कि मवेशियों को चराने ले जाने पर बाघिन उन पर हमला न कर दे। गांव में ही लगभग 6 मवेशियों का शिकार हो चुका है, जिससे रात में लोगों का घूमना-फिरना बंद हो गया है।

12 से अधिक मवेशियों का बाघिन का शिकार किया है।

ग्रामीणों ने जंगल में सुनी बाघिन की आवाज

अनिल धुर्वे ने एक घटना का जिक्र करते हुए बताया कि उनके चाचा का एक भैंसा जंगल में मवेशियों के साथ चरने गया था, जिसे बाघिन ने घायल कर दिया था। कुत्तों के भौंकने पर बाघिन उसे छोड़कर भाग गई। वन विभाग की टीम ने डॉक्टर को बुलाकर भैंसे का इलाज कराया। कुछ ग्रामीणों ने कल शाम को भी जंगल में बाघिन की आवाज सुनी है।

रेंजर बोले-टीम बाघिन की हर गतिविधि पर नजर रख रही है

रेंजर अतुल सिंह ने संभावना जताई कि बाघिन बांधवगढ़ नेशनल टाइगर रिजर्व से डिंडौरी के जंगलों में आई है। वन विभाग की टीम उसकी हर गतिविधि पर लगातार नजर बनाए हुए है। जैसे ही किसी शिकार की जानकारी मिलती है, टीम तत्काल मौके पर पहुंचकर सर्वे पंचनामा और मुआवजे की कार्यवाही करती है। साथ ही, शिकारियों पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है।

ग्रामीण अकेले खेतों, जंगलों में जाने से डर रहे हैं।

ग्रामीण अकेले खेतों, जंगलों में जाने से डर रहे हैं।

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