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- Swami Vivekananda’s Birth Anniversary Is On 12 January, Life Management Tips To Get Success, Motivational Story Of Swami Vivekanand
4 घंटे पहले
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सोमवार, 12 जनवरी को स्वामी विवेकानंद की जयंती है। स्वामी विवेकानंद के कई ऐसे किस्से हैं, जिनमें जीवन को सुखी और सफल बनाने के सूत्र बताए गए हैं। एक किस्से में स्वामी जी ने बताया है कि सफलता किन बातों पर निर्भर करती है। जानिए ये किस्सा…
एक दिन स्वामी विवेकानंद अपने आश्रम में उपदेश दे रहे थे। वहां उनके उपदेश सुनने के लिए कई लोग आए हुए थे। प्रवचन के बीच में एक व्यक्ति उठकर उनके पास आया और बोला कि स्वामी जी, मैं दिन-रात मेहनत करता हूं, पर मुझे सफलता नहीं मिलती। मैं क्यों असफल रहता हूं?
वह व्यक्ति लगातार सवाल पूछ रहा था और हर बार जब स्वामी जी कुछ समझाने की कोशिश करते, वह बीच में फिर बोलने लग जाता। उसकी बातें सुनकर स्वामी जी शांत रहे, लेकिन वे समझ गए कि ये व्यक्ति थका हुआ नहीं है, बल्कि उसका मन उलझा हुआ है।
थोड़ी देर बाद स्वामी जी ने कहा कि ठीक है, मैं आपके प्रश्नों के उत्तर दूंगा, लेकिन पहले क्या आप मेरा एक काम करेंगे?
व्यक्ति ने उत्सुकतावश पूछा कि क्या काम है?
स्वामी जी ने मुस्कुराते हुए कहा कि हमारे आश्रम में एक कुत्ता है। कृपया उसे थोड़ी देर घुमा आइए।
व्यक्ति कुत्ते को घुमाने ले गया। एक घंटे बाद वह लौट आया। खुद तो व्यक्ति कम थका था, लेकिन कुत्ता बेहद थका हुआ दिखाई दे रहा था। स्वामी विवेकानंद ने उससे पूछा कि आप दोनों साथ गए थे और साथ लौटे, लेकिन कुत्ता इतना थका क्यों है?
व्यक्ति ने समझाया कि कुत्ते को रास्ते में अन्य कुत्ते दिख जाते थे, तो वह उनके पीछे दौड़ने लगता और मुझे उसे रोकना पड़ता। फिर वह दौड़ता, मैं उसे रोकता, पूरा समय ऐसा ही चलता रहा।
स्वामी जी ने मुस्कुराते हुए कहा कि देखिए, यही आपकी भी समस्या है। आप दिनभर अनेक कामों के पीछे दौड़ते रहते हैं, ऊर्जा बर्बाद करते हैं, पर कोई काम पूरा नहीं कर पाते। जीवन में भी यही होता है। अगर आप एक समय में एक ही लक्ष्य पर ध्यान दें और पूरा प्रयास करें, तो सफलता अवश्य मिलेगी।
कुत्ते ने ज्यादा प्रयास किया, लेकिन उसकी दिशा सही नहीं थी। आपकी मेहनत सही दिशा में लगाई जाए, तो थकावट कम होती है और सफलता सुनिश्चित होती है।
व्यक्ति ने स्वामी जी से समझा कि असली मेहनत केवल तभी सफल होती है, जब उसे सही दिशा और ध्यान मिले। स्वामी विवेकानंद ने उस दिन उसे सफलता का सूत्र बताया कि एक समय में एक लक्ष्य तय करो और उसे पूरी ऊर्जा के साथ हासिल करो।
स्वामी विवेकानंद की सीख
- एक समय में एक लक्ष्य चुनें
अगर कोई व्यक्ति कई कामों को एक साथ करता है, तो उसकी ऊर्जा बिखर जाती है और कोई भी काम पूरा नहीं होता। सफलता के लिए सबसे महत्वपूर्ण है- एक प्राथमिकता तय की जाए और उसी पर पूरा ध्यान दिया जाए।
- सही दिशा में मेहनत करें
सफलता केवल मेहनत पर नहीं, बल्कि सही दिशा में काम करने पर निर्भर करती है। अगर हम बार-बार ध्यान भटकाएंगे, तो थक जाएंगे, लेकिन लक्ष्य अधूरा ही रहेगा। इसी लिए सही दिशा में काम करना चाहिए।
- समय का सही प्रबंधन करें
दिनभर के कार्यों को योजनाबद्ध तरीके से करें। हर काम के लिए निश्चित समय निर्धारित करें। इससे न केवल थकावट कम होगी, कार्य पूरे होने की संभावना बढ़ेगी।
- धैर्य और अनुशासन बनाए रखें
सफलता तुरंत नहीं मिलती। एक समय में एक लक्ष्य तय करके निरंतर प्रयास करेंगे, तो सफलता जरूर मिलेगी। अनुशासन से मेहनत का फल मिलता है।
- ध्यान और फोकस विकसित करें
तनाव से बचना चाहिए। जितना फोकस एक कार्य पर होगा, उतनी तेजी से और सफलता मिलेगी।
- परिश्रम का सही संतुलन
अधिक मेहनत करने की बजाय समझदारी से काम करना चाहिए। थकावट से बचें और अपनी ऊर्जा को सही दिशा में लगाएं।
- लगातार सीखने की कोशिश करते रहें
असफलता में सीखें और फिर उस सीख का इस्तेमाल करते हुए नया प्रयास करें। ये आदत हमारे हर प्रयास को अधिक सटीक और प्रभावी बना देती है।
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