शरद पूर्णिमा पर त्रैलोक्य भ्रमण पर निकलती हैं मां लक्ष्मी, रात में इन जगहों पर जलाएं दीप

आज 6 अक्टूबर को शरद पूर्णिमा मनाई जा रही है. इसे कोजागरी पूर्णिमा या रास पूर्णिमा भी कहते हैं. मान्यता है कि इसी दिन मां लक्ष्मी का अवतरण हुआ था. इसलिए आज के दिन रात्रि के समय मां लक्ष्मी की पूजा-अर्चना की जाती है.

शरद पूर्णिमा को लेकर यह भी कहा जाता है आज चंद्रमा अपनी 16 कलाओं से परिपूर्ण होकर अमृत वर्षा करता है और आज रात्रि मां लक्ष्मी पृथ्वीलोक का भ्रमण करती हैं. इसलिए आज शाम के समय कुछ जगहों पर दीप जलाने का महत्व है.

शरद पूर्णिमा को लेकर यह भी कहा जाता है आज चंद्रमा अपनी 16 कलाओं से परिपूर्ण होकर अमृत वर्षा करता है और आज रात्रि मां लक्ष्मी पृथ्वीलोक का भ्रमण करती हैं. इसलिए आज शाम के समय कुछ जगहों पर दीप जलाने का महत्व है.

आज भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी का पूजन करें और खीर का खीर भोग लगाकर रात्रि में खुले आसमान के नीचे रखें. मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु की पूजा में घी का दीप जरूर जलाएं.

आज भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी का पूजन करें और खीर का खीर भोग लगाकर रात्रि में खुले आसमान के नीचे रखें. मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु की पूजा में घी का दीप जरूर जलाएं.

शुभता के लिए आज शरद पूर्णिमा पर सूर्यास्त के बाद शाम के समय घी का दीप जलाकर घर के मुख्य द्वार पर रखना भी शुभ होता है. इससे घर पर मां लक्ष्मी का आगमन होता है.

शुभता के लिए आज शरद पूर्णिमा पर सूर्यास्त के बाद शाम के समय घी का दीप जलाकर घर के मुख्य द्वार पर रखना भी शुभ होता है. इससे घर पर मां लक्ष्मी का आगमन होता है.

शरद पूर्णिमा पर आज रात ईशान कोण में मां लक्ष्मी की पूजा करें और दो घी के दीपक जलाकर मां लक्ष्मी के दाहिनी तरफ रखें.

शरद पूर्णिमा पर आज रात ईशान कोण में मां लक्ष्मी की पूजा करें और दो घी के दीपक जलाकर मां लक्ष्मी के दाहिनी तरफ रखें.

शरद पूर्णिमा पर शाम के समय तुलसी के पौधे के पास घी का दीपक जलाकर रखना शुभ होता है. इससे घर पर सकारात्मक ऊर्जा का संचार बढ़ता है.

शरद पूर्णिमा पर शाम के समय तुलसी के पौधे के पास घी का दीपक जलाकर रखना शुभ होता है. इससे घर पर सकारात्मक ऊर्जा का संचार बढ़ता है.

शरद पूर्णिमा पर खुले में दीप दान करने का महत्व है. आज शरद पूर्णिमा की अमृतमयी रात में घी का दीप जालकर घर के आंगन, मंदिर के प्रांगण, नदी- सरोवर आदि में रखें.

शरद पूर्णिमा पर खुले में दीप दान करने का महत्व है. आज शरद पूर्णिमा की अमृतमयी रात में घी का दीप जालकर घर के आंगन, मंदिर के प्रांगण, नदी- सरोवर आदि में रखें.

Published at : 06 Oct 2025 05:13 PM (IST)

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