बीमारी के लिए दावत से कम नहीं आदतें, रोजाना मामूली समझ कर रहे ज्यादातर लोग

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Unhealthy Habits: बीमार होने पर दवा का सेवन करना सही है, लेकिन इसके साथ ही बीमारी की जड़ को पहचानना भी जरूरी है. आयुर्वेद में बीमारी होने के तीन कारणों के बारे में बताया गया है, जिसकी शुरुआत रोजाना की आदतों से होती है.

जब भी शरीर बीमार होता है, तो बिना बीमारी का कारण जाने दवा लेकर खुद को ठीक कर लिया जाता है. दवा थोड़े समय तक आराम देती है और फिर कुछ समय बाद बीमारी दोबारा शरीर पर हावी हो जाती है.आयुर्वेद का मानना है कि बेहतर सेहत के लिए सिर्फ बीमारी को नहीं, बल्कि उसकी जड़ को खत्म करना जरूरी है.

अगर बीमारी की जड़ का पता चल जाए, तो बीमारी खुद-ब-खुद खत्म हो जाती है. आयुर्वेद के अनुसार,बीमारी की असली जड़ हमारे अंदर ही होती है. आयुर्वेद में रोग की जड़ को जानने के लिए तीन मुख्य कारण बताए गए हैं, जिससे कुछ आदतों को पहचानकर और उनमें सुधार लाकर रोगों से मुक्ति पाई जा सकती है.

खराब जीवनशैली
रोग की पहली जड़ है प्रज्ञापराध यानी जानबूझकर ऐसी चीजें करना जिससे बीमार होने की संभावना बढ़ जाती है. इसमें गलत खाना, भूख न लगने पर भी खाना, थकान होने पर भी आराम न करना, रोजाना गुस्सा और चिंता करना और नींद को गंभीरता से न लेना शामिल है. ये सभी कारण किसी भी स्वस्थ शरीर को बीमार कर सकते हैं और यही रोग की पहली जड़ है.

अग्नि का नाश
शरीर की पाचन अग्नि सिर्फ खाना पचाने में ही सहायक नहीं है, बल्कि ये शरीर का ऊर्जा स्रोत है. प्रज्ञापराध में की गई चीजों का सीधा असर पाचन अग्नि पर पड़ता है और खाना पचने की बजाय शरीर में सड़ने लगता है. ऐसे में कितना भी पोषण वाला खाना हो, शरीर को पर्याप्त पोषण नहीं मिल पाता और शरीर में धीरे-धीरे आम जमा होने लगता है.

दोषों का विकार
हमारे शरीर को संतुलित रखने के लिए तीन दोष होते हैं – वात, कफ और पित्त. अगर ये संतुलित हैं तो शरीर रोगों से दूर रहता है, लेकिन अग्नि के नाश और आम के जमाव से ये तीनों दोष असंतुलित हो जाते हैं और शरीर रोगों से घिर जाता है. इससे पेट के, सांस के, और हड्डियों और मांसपेशियों से जुड़े रोग परेशान करने लगते हैं और हम उन्हें सामान्य मानकर दवा लेकर ठीक हो जाते हैं.

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शारदा सिंहSenior Sub Editor

शारदा सिंह बतौर सीनियर सब एडिटर News18 Hindi से जुड़ी हैं. वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्यू पर आधारित रिपोर्ट्स बनाने में एक्सपर्ट हैं. शारदा पिछले 5 सालों से मीडिया …और पढ़ें

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बीमारी के लिए दावत से कम नहीं आदतें, रोजाना मामूली समझ कर रहे ज्यादातर लोग

Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

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