भ्रामरी प्राणायाम के फायदे(Bhramari Pranayama benefits)–
नींद में सुधार – जो लोग नींद की समस्या से परेशान रहते हैं, उनके लिए भ्रामरी प्राणायाम बेहद कारगर है. इसे करने से नींद गहरी और आरामदायक होती है.
रक्तचाप नियंत्रित करता है – उच्च रक्तचाप वाले लोग भ्रामरी प्राणायाम से ब्लड प्रेशर को नियंत्रित कर सकते हैं.
ध्यान और मानसिक स्थिरता – प्राणायाम करने से मानसिक एकाग्रता बढ़ती है और ध्यान की क्षमता भी मजबूत होती है.
भ्रामरी प्राणायाम करने का सही तरीका–
-सबसे पहले किसी शांत और हवादार जगह पर बैठ जाएं, योगा मैट या कुशन पर आसान मुद्रा में बैठना बेहतर है.
-आंखें बंद करके शरीर को पूरी तरह आराम दें.
-धीरे-धीरे गहरी सांस लें और धीरे-धीरे छोड़ते हुए गले से मधुमक्खी जैसी “हं” आवाज निकालें.
-आवाज को लंबा और स्थिर रखें, इस दौरान ध्यान सिर्फ सांस और ध्वनि पर केंद्रित करें.
-शुरुआती दिनों में 5–7 बार करें, धीरे-धीरे इसे 10–15 बार तक बढ़ाया जा सकता है.
सुबह का समय शरीर और मन को तरोताजा करने का सबसे अच्छा समय होता है. इसी दौरान प्राणायाम करने से दिनभर ऊर्जा बनी रहती है, मन शांत रहता है और नई चुनौतियों का सामना करना आसान हो जाता है. इसके अलावा, सुबह-सुबह अभ्यास करने से दिनचर्या में नियमितता आती है और योग को जीवन का हिस्सा बनाना आसान होता है.
भ्रामरी प्राणायाम एक सरल लेकिन शक्तिशाली अभ्यास है, जो मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य दोनों के लिए लाभकारी है. इसे सुबह-सुबह नियमित रूप से करने से न केवल तनाव और चिंता कम होती है, बल्कि ऊर्जा, ध्यान और ताजगी भी बढ़ती है. इसलिए अगर आप अपनी दिनचर्या में योग शामिल करना चाहते हैं, तो भ्रामरी प्राणायाम से शुरुआत करना सबसे बेहतर तरीका है.