Morning Yoga: सुबह-सुबह उठकर क्‍यों करना चाहिए भ्रामरी प्राणायाम! जानें जबरदस्‍त फायदे, अभ्‍यास का तरीका

Bhramari Pranayama Fayde Tarika: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में मानसिक शांति और तनाव से दूर रखना  किसी चुनौती से कम नहीं है. ऐसे में योग को दिनचर्या में शामिल करना बेहद जरूरी हो गया है. खासकर सुबह-सुबह उठकर किया गया योग हमारे शरीर और मन दोनों के लिए कई तरह के लाभ पहुंचाता है. इनमें से एक बेहद प्रभावी योगाभ्यास है भ्रामरी प्राणायाम, जिसे करना आसान है और इसके जबरदस्त फायदे भी मिलते हैं. बता दें कि भ्रामरी प्राणायाम को ‘हनीबी प्राणायाम’ भी कहा जाता है, क्योंकि इसे करते समय गर्दन और गले से निकलने वाली आवाज मधुमक्खी की ‘हमिंग’ जैसी लगती है. यह न केवल मन को शांत करता है, बल्कि शरीर में एनर्जी भी दिनभर बनाए रखता है.

भ्रामरी प्राणायाम के फायदे(Bhramari Pranayama benefits)–

तनाव और चिंता कम करता है – रोज सुबह भ्रामरी प्राणायाम करने से दिमाग बेहतर तरीके से काम करता है और तनाव भी दूर होता है. यह मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी बेहद लाभकारी है.
नींद में सुधार – जो लोग नींद की समस्या से परेशान रहते हैं, उनके लिए भ्रामरी प्राणायाम बेहद कारगर है. इसे करने से नींद गहरी और आरामदायक होती है.

सांस की क्षमता बढ़ाता है – इसका नियमित अभ्यास करें तो फेफड़ों की क्षमता बढ़ती है, जिससे श्वसन तंत्र मजबूत होता है और शरीर में ऑक्सीजन का संचार बेहतर होता है.
रक्तचाप नियंत्रित करता है – उच्च रक्तचाप वाले लोग भ्रामरी प्राणायाम से ब्लड प्रेशर को नियंत्रित कर सकते हैं.
ध्यान और मानसिक स्थिरता – प्राणायाम करने से मानसिक एकाग्रता बढ़ती है और ध्यान की क्षमता भी मजबूत होती है.

भ्रामरी प्राणायाम करने का सही तरीका–
-सबसे पहले किसी शांत और हवादार जगह पर बैठ जाएं, योगा मैट या कुशन पर आसान मुद्रा में बैठना बेहतर है.
-आंखें बंद करके शरीर को पूरी तरह आराम दें.
-धीरे-धीरे गहरी सांस लें और धीरे-धीरे छोड़ते हुए गले से मधुमक्खी जैसी “हं” आवाज निकालें.
-आवाज को लंबा और स्थिर रखें, इस दौरान ध्यान सिर्फ सांस और ध्वनि पर केंद्रित करें.
-शुरुआती दिनों में 5–7 बार करें, धीरे-धीरे इसे 10–15 बार तक बढ़ाया जा सकता है.

सुबह-सुबह क्यों करें भ्रामरी प्राणायाम?
सुबह का समय शरीर और मन को तरोताजा करने का सबसे अच्छा समय होता है. इसी दौरान प्राणायाम करने से दिनभर ऊर्जा बनी रहती है, मन शांत रहता है और नई चुनौतियों का सामना करना आसान हो जाता है. इसके अलावा, सुबह-सुबह अभ्यास करने से दिनचर्या में नियमितता आती है और योग को जीवन का हिस्सा बनाना आसान होता है.

भ्रामरी प्राणायाम एक सरल लेकिन शक्तिशाली अभ्यास है, जो मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य दोनों के लिए लाभकारी है. इसे सुबह-सुबह नियमित रूप से करने से न केवल तनाव और चिंता कम होती है, बल्कि ऊर्जा, ध्यान और ताजगी भी बढ़ती है. इसलिए अगर आप अपनी दिनचर्या में योग शामिल करना चाहते हैं, तो भ्रामरी प्राणायाम से शुरुआत करना सबसे बेहतर तरीका है.

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