कैसा जाएगा आज का पूरा दिन, यह तय करता है सुबह का नाश्ता, समझिए ‘सेकंड मील इफेक्ट’ का पूरा गणित

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पहला खाना या नाश्ता सिर्फ दिन की शुरुआत नहीं करता, बल्कि पूरा दिन बनाता या बिगाड़ता है. अगर आप भी डायबिटीज, पीसीओडी या वजन घटाने की कोशिश कर रहे हैं तो यह छोटा-सा बदलाव आपके लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है. सेलिब्रिटी न्यूट्रिशनिस्ट पूजा मखीजा नाश्ते के महत्व पर बात करती हैं.

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जानिए, आपका हेल्दी नाश्ता कैसा होना चाहिए. (AI)

पहला खाना या नाश्ता सिर्फ दिन की शुरुआत नहीं करता, बल्कि पूरा दिन बनाता या बिगाड़ता है. अगर आप भी डायबिटीज, पीसीओडी या वजन घटाने की कोशिश कर रहे हैं तो यह छोटा-सा बदलाव आपके लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है. सेलिब्रिटी न्यूट्रिशनिस्ट पूजा मखीजा नाश्ते के महत्व पर बात करती हैं. पूजा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर पोस्ट कर नाश्ते का पूरा गणित समझाया. उन्होंने लिखा, “सेकंड मील इफेक्ट” यानी सुबह जो खाते हैं, उसका असर सिर्फ सुबह तक नहीं रहता बल्कि लंच, शाम का स्नैक और रात के खाने में भी आपका ब्लड शुगर कैसे बढ़ेगा, ये उसी से तय होता है.”

ब्रेकफास्ट कैसा होना चाहिए

सेलिब्रिटी न्यूट्रिशनिस्ट पूजा मखीजा सरल तरीके से समझाते हुए बताया, “अगर आप सुबह मीठी चीजें (ब्रेड-जैम, बिस्किट, कॉर्नफ्लेक्स, जूस) खाते हैं तो दोपहर के खाने के बाद आपका शुगर लेवल 50 प्रतिशत तक ज्यादा बढ़ सकता है. नाश्ता बिल्कुल स्किप कर दिया तो दिन भर कमजोरी, चिड़चिड़ापन और अचानक मीठा खाने की तलब लग सकती है. लेकिन सुबह प्रोटीन और फाइबर वाली चीजें खाई तो पूरे दिन एनर्जी रहती है, दिमाग शांत रहता है और भूख भी देर से लगती है.”

रिसर्च का दिया हवाला

पूजा ने साल 1988 की रिसर्च वोल्वर एट अल, अमेरिकन जर्नल ऑफ क्लिनिकल न्यूट्रिशन का हवाला देते हुए अपनी बात स्पष्ट की. जिसमें साबित हुआ कि लो जीआई वाला नाश्ता करने से लंच के बाद ब्लड शुगर का स्पाइक लगभग 50 प्रतिशत तक कम हो जाता है. उन्होंने यह भी बताया कि सुबह के समय नाश्ते में क्या लेना चाहिए?

सेहतमंद रहने के लिए हेल्दी नाश्ता

सेहतमंद रहने के लिए उबले अंडे, हल्का ऑमलेट, दलिया, सादा दही या फल के साथ ग्रीक योगर्ट, मूंग दाल का चीला ले सकते हैं. इसके साथ ही बेसन या मिक्स दाल का पराठा, जो कम तेल में सेंका गया हो, वह भी ले सकते हैं. आमतौर पर ज्यादा तेल-घी से बने खाने, मीठी और मैदे, सूजी से बने व्यंजन को इग्नोर करना चाहिए. यह स्वास्थ्य के लिए अहितकर होते हैं.

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Lalit Kumar

ललित कुमार को पत्रकारिता के क्षेत्र में 8 साल से अधिक का अनुभव है. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की थी. इस दौरान वे मेडिकल, एजुकेशन और महिलाओं से जुड़े मुद्दों को कवर किया करते थे. पत्रकारिता क…और पढ़ें

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कैसा जाएगा आज का पूरा दिन, तय करता है सुबह का नाश्ता, समझिए सेकंड मील ‘इफेक्ट’

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