Agency:एजेंसियां
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Old Treasure found in forest: वैज्ञानिकों को एक जंगल के अंदर कुछ ऐसा मिला, जिसे देखकर वो चौंक पड़े. कुछ पुरानी चीजें खोज रहे साइंटिस्ट्स के हाथ ऐसा खजाना लगा, जिस पर बने निशान ने इसकी कीमत और भी ज्यादा बढ़ा दी.
Hidden Treasure Found: सोचिए अगर कहीं चलते-फिरते कोई ऐसा खजाना आपके हाथ लग जाए, जो सिर्फ कीमती नहीं बल्कि ऐतिहासिक भी हो, तो कैसा होगा? ऐसा किसी एक शख्स के साथ नहीं, बल्कि कुछ आर्कियोलॉजिस्ट्स के साथ हुआ है, जिन्होंने सदियों पुराने सिक्के ढूंढ निकाले हैं. पोलैंड के उत्तर-पूर्वी हिस्से में स्थित Knyszyńska Forest Landscape Park में पुरातत्वविदों को 69 दफन सिक्के मिले हैं. इनमें 1 सोने का और 68 चांदी के सिक्के शामिल हैं.
ये जगह एक शांत, सुरक्षित जंगल क्षेत्र है और यह खोज सीधे 1600 के दशक की व्यापारिक गतिविधियों से जुड़ी मानी जा रही है. इस खुदाई का नेतृत्व पुरातत्वविद ह्यूबर्ट लेपियोंका ने किया, जिनका काम पुराने व्यापार मार्गों और स्थानीय इतिहास पर केंद्रित है. इस क्षेत्र का इतिहास बताता है कि 16वीं–17वीं सदी में यहां से लकड़ी और जंगल से मिलने वाला सामान बड़ी मात्रा में डच व्यापारियों को भेजा जाता था. यह लकड़ी जहाज बनाने में काम आती थी.
सिक्कों की खास बात
संग्रहालय के अनुसार सबसे नया सिक्का 1634 का है, इसलिए माना जा रहा है कि इन्हें इसी समय के आसपास जमीन में छिपाया गया होगा. इस खजाने में 1633 का डच सोने का डुकट, पोलिश और स्वीडिश छोटे चांदी के सिक्के ( poltorak, trojak, szostak) मिले. यह मिश्रण बताता है कि उस समय अलग-अलग देशों के सिक्के एक साथ प्रचलन में थे और व्यापार बहुत सक्रिय था.
सिक्के जमीन में क्यों छिपाए गए?
17वीं सदी में लगातार युद्ध, डकैती और अस्थिरता के कारण लोग अपना धन जमीन में छिपा देते थे. पोलैंड के इस हिस्से में उस समय स्वीडिश आक्रमण जैसे बड़े संघर्ष चल रहे थे, इसलिए कई लोग खतरे के समय अपनी बचत दफन कर देते थे. अक्सर वे लौट नहीं पाते थे और यह आज छोटे टाइम कैप्सूल की तरह मिल जाते हैं. उस दौर में डच जहाजों में इस्तेमाल होने वाली लकड़ी का बड़ा हिस्सा बाल्टिक देशों और पोलैंड के जंगलों से आता था. यहां से लकड़ी, तारकोल, शहद, लोहे और दूसरे जंगल उत्पाद नदी के रास्ते बंदरगाहों तक भेजे जाते थे. इनके साथ धन भी चलता था- यही वजह है कि यह खजाना ठीक इन्हीं व्यापार मार्गों पर मिला.
आगे वैज्ञानिक क्या करेंगे?
अब सिक्कों को साफ करके उनकी तारीखें और निशान पढ़ेंगे. मिट्टी और राख की परतों से पता लगाएंगे कि खजाना कब और कैसे दफन हुआ. आसपास मिले अन्य धातु के टुकड़ों से पता लगाएंगे कि उस समय वहां कैसी गतिविधियां होती थीं. स्थानीय विशेषज्ञों का मानना है कि सिक्कों का मालिक कोई व्यापारी या जंगल में काम करने वाला व्यक्ति रहा होगा. यह खोज न सिर्फ एक पुराना खजाना है बल्कि यह बताती है कि कैसे सदियों पहले पोलैंड के जंगल और यूरोप के व्यापार एक-दूसरे से जुड़े हुए थे.
News18 में Offbeat डेस्क पर कार्यरत हैं. इससे पहले Zee Media Ltd. में डिजिटल के साथ टीवी पत्रकारिता भी अनुभव रहा है. डिजिटल वीडियो के लेखन और प्रोडक्शन की भी जानकारी . टीवी पत्रकारिता के दौरान कला-साहित्य के सा…और पढ़ें
News18 में Offbeat डेस्क पर कार्यरत हैं. इससे पहले Zee Media Ltd. में डिजिटल के साथ टीवी पत्रकारिता भी अनुभव रहा है. डिजिटल वीडियो के लेखन और प्रोडक्शन की भी जानकारी . टीवी पत्रकारिता के दौरान कला-साहित्य के सा… और पढ़ें
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