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Harsha Richhariya Viral Sadhvi: महाकुंभ से चर्चा में आईं सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर हर्षा रिछारिया ने धर्म का मार्ग छोड़ने का ऐलान किया है. इंस्टाग्राम वीडियो में उन्होंने लगातार विरोध और मानसिक दबाव की बात कही. हर्षा ने कहा कि मौनी अमावस्या के स्नान के बाद वह संन्यास की राह पर पूर्ण विराम लगाएंगी. उन्होंने साफ किया कि धर्म के नाम पर करोड़ों कमाने के आरोप गलत हैं और वह कर्ज में हैं. हर्षा अब फिर से अपने पुराने प्रोफेशन मॉडलिंग और एंकरिंग में लौटेंगी.
Harsha Richhariya Viral Sadhvi: ग्लैमर की दुनिया से आध्यात्मिक जीवन और अब फिर उसी दुनिया में लौटने की कहानी जितनी चौंकाने वाली है, उतनी ही चर्चा में भी है. पिछले साल प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ के दौरान साध्वी के रूप में सामने आईं हर्षा रिछारिया ने अब धर्म का रास्ता छोड़ने का ऐलान कर दिया है. सोशल मीडिया पर जारी उनके वीडियो ने एक बार फिर बहस छेड़ दी है. हर्षा का कहना है कि बीते करीब एक साल से वह लगातार विरोध, आरोप और मानसिक दबाव झेल रही थीं, जिसने उन्हें अंदर से तोड़ दिया. ( फोटो क्रेडिट इंस्टाग्राम : @sanatani_harsha_richhariya)

हर्षा रिछारिया ने इंस्टाग्राम पर साझा किए गए वीडियो में कहा कि महाकुंभ 2025 से शुरू हुई उनकी यह धार्मिक यात्रा अब खत्म हो रही है. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि मौनी अमावस्या के स्नान के बाद वह अपने धार्मिक संकल्प पर पूर्ण विराम लगाएंगी और अपने पुराने प्रोफेशन में लौट जाएंगी. हर्षा का यह बयान सामने आते ही सोशल मीडिया पर उनकी जिंदगी के हर पड़ाव को लेकर चर्चा तेज हो गई है. ( फोटो क्रेडिट इंस्टाग्राम : @sanatani_harsha_richhariya)

महाकुंभ से कैसे बनीं इंटरनेट सेंसेशन: प्रयागराज महाकुंभ के दौरान हर्षा रिछारिया निरंजनी अखाड़े की पेशवाई में साध्वी के वेश में नजर आई थीं. उनका आत्मविश्वास, बोलने का अंदाज और अलग पहचान देखते ही देखते सोशल मीडिया पर वायरल हो गई. कुछ ही दिनों में वह इंटरनेट सेंसेशन बन गईं. हालांकि इसके साथ ही उनका विरोध भी शुरू हो गया. संत समाज के एक वर्ग की आपत्तियों के बाद हर्षा को महाकुंभ बीच में ही छोड़ना पड़ा. इसके बाद उन्होंने वृंदावन से संभल तक पदयात्रा भी की, जो काफी चर्चा में रही. ( फोटो क्रेडिट इंस्टाग्राम : @sanatani_harsha_richhariya)
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लगातार विरोध और टूटता मनोबल: अपने वीडियो में हर्षा ने कहा कि धर्म के रास्ते पर चलते हुए उन्होंने कोई गलत काम नहीं किया. वह न तो चोरी कर रही थीं, न किसी अपराध में शामिल थीं और न ही किसी को नुकसान पहुंचा रही थीं. इसके बावजूद हर कदम पर उनका विरोध किया गया. उन्होंने कहा कि जो भी वह करती थीं, उसे बार बार रोका जाता था और उनके चरित्र पर सवाल उठाए जाते थे. यही वजह है कि उनका मनोबल धीरे धीरे टूटता चला गया. ( फोटो क्रेडिट इंस्टाग्राम : @sanatani_harsha_richhariya)

मैं सीता नहीं हूं जो बार बार अग्नि परीक्षा दूं: हर्षा रिछारिया की यह लाइन सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा चर्चा में रही. उन्होंने कहा कि वह माता सीता नहीं हैं जो बार बार अग्नि परीक्षा दें. उनके मुताबिक, हमारे समाज में किसी महिला का विरोध करना और उसके चरित्र पर सवाल उठाना सबसे आसान काम है. उन्होंने कहा कि बिना किसी गलती के भी उन्हें खुद को साबित करने के लिए मजबूर किया गया. ( फोटो क्रेडिट इंस्टाग्राम : @sanatani_harsha_richhariya)

धर्म से कमाई के आरोपों को किया खारिज: हर्षा ने यह भी साफ किया कि उन पर लगाए गए आरोप कि उन्होंने धर्म के नाम पर करोड़ों रुपये कमाए, पूरी तरह गलत हैं. उन्होंने कहा कि लोग सोचते हैं कि उन्होंने बहुत पैसा बना लिया, जबकि सच्चाई यह है कि आज वह आर्थिक तंगी से गुजर रही हैं. हर्षा के मुताबिक, इस समय वह कर्ज में हैं और मानसिक रूप से भी काफी परेशान रही हैं. ( फोटो क्रेडिट इंस्टाग्राम : @sanatani_harsha_richhariya)

संन्यास से पहले कैसी थी जिंदगी: धर्म के रास्ते पर चलने से पहले हर्षा रिछारिया मॉडलिंग और एंकरिंग की दुनिया में सक्रिय थीं. वह न सिर्फ देश में बल्कि विदेशों में भी एंकरिंग कर रही थीं और अच्छी कमाई कर रही थीं. उन्होंने खुद कहा कि उस समय वह अपने काम से खुश थीं और आत्मनिर्भर जीवन जी रही थीं. लेकिन संन्यास के बाद उन्हें न सिर्फ आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा, बल्कि विवाद और विरोध भी सहना पड़ा. ( फोटो क्रेडिट इंस्टाग्राम : @sanatani_harsha_richhariya)

सोशल मीडिया फॉलोअर्स में जबरदस्त उछाल: महाकुंभ से पहले हर्षा के इंस्टाग्राम पर करीब 6.67 लाख फॉलोअर्स थे. 14 जनवरी 2025 को एक ही दिन में उनके फॉलोअर्स 10 लाख के पार पहुंच गए. महाकुंभ खत्म होते होते यह संख्या करीब 15 लाख हो गई और फिलहाल उनके फॉलोअर्स करीब 17 लाख के आसपास बताए जा रहे हैं. उनकी लोकप्रियता ने जहां उन्हें पहचान दी, वहीं विवाद भी साथ लेकर आया. ( फोटो क्रेडिट इंस्टाग्राम : @sanatani_harsha_richhariya)

परिवार को बताया सबसे बड़ा धर्म: अपने वीडियो के आखिर में हर्षा रिछारिया ने युवाओं को एक अहम संदेश दिया. उन्होंने कहा कि परिवार से जुड़ा रहना ही सबसे बड़ा धर्म है. उन्होंने सलाह दी कि लोग घर पर रहकर भी ईश्वर की पूजा कर सकते हैं और परिवार के साथ जुड़ाव बनाए रखें. ( फोटो क्रेडिट इंस्टाग्राम : @sanatani_harsha_richhariya)

अब आगे क्या: हर्षा ने साफ कर दिया है कि मौनी अमावस्या के स्नान के बाद वह धर्म के रास्ते को अलविदा कह देंगी और अपने पुराने प्रोफेशन यानी मॉडलिंग और एंकरिंग में लौटेंगी. उनके इस फैसले को लेकर जहां कुछ लोग समर्थन कर रहे हैं, वहीं कुछ लोग सवाल भी उठा रहे हैं. ( फोटो क्रेडिट इंस्टाग्राम : @sanatani_harsha_richhariya)

कुल मिलाकर, हर्षा रिछारिया की कहानी आज के दौर की उस सच्चाई को सामने लाती है, जहां किसी व्यक्ति की निजी आस्था, पहचान और फैसलों पर समाज खुलकर राय देता है. रैम्प की चमक, संन्यास की शांति और अब फिर वापसी, यह सफर जितना चौंकाने वाला है, उतना ही सोचने पर मजबूर करने वाला भी है. ( फोटो क्रेडिट इंस्टाग्राम : @sanatani_harsha_richhariya)
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