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Pan business ramavati chhattisgarh : अंबिकापुर के जलजली में रामावती यादव मोबाइल और यूट्यूब से पान बनाना सीखकर रोज 500 से 1000 कमा रही हैं. बच्चों की पढ़ाई के लिए आत्मनिर्भर बनीं. इलाके में खूब तारीफ होती है.
Ambikapur News : छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल जलजली जहां एक ग्रामीण महिला पेड़ के नीचे कई किस्म के पान बनाकर पर्यटकों को खिला रही है. महिला यूट्यूब से पान बनाना सीखी और घर कि परस्थितियों ने महिला को पान बेचने पर मजबूर किया. चूंकि महिला के पति मिस्त्री का काम करते हैं. ऐसे में उतने में घर सहित बच्चों को पढाना मुश्किल हो रहा था. ऐसे में महिला ने सशक्त कदम उठाया और अब पान वाली के नाम से पूरे इलाके में जाने जाती है. और महिला की कहानी प्रेरणादायक है.
परिवार की जिम्मेदारी बनी प्रेरणा
पान बनाने वाली रामावती यादव ने लोकल 18 को बताया कि घर के बढ़ते खर्चों को देखते हुए उनके मन में कुछ काम करने का विचार आया.उनके पति मिस्त्री का काम करते हैं, लेकिन आमदनी सीमित होने के कारण परिवार चलाना मुश्किल हो रहा था. इसी वजह से उन्होंने पान बेचने का निर्णय लिया.
बच्चों की पढ़ाई सबसे बड़ी प्राथमिकता
रामावती के दो बच्चे हैं, जो कमलेश्वरपुर में पढ़ाई कर रहे हैं एक दसवीं कक्षा में और दूसरा सातवीं कक्षा में, वे चाहती हैं कि उनके बच्चे पढ़-लिखकर आगे बढ़ें और बेहतर जीवन जिएं. यही सपना उन्हें लगातार मेहनत करने की प्रेरणा देता है.
मोबाइल और YouTube से सीखा हुनर
रामावती ने पान बनाना किसी ट्रेनिंग से नहीं, बल्कि घर पर ही सीखा.उन्होंने मोबाइल और YouTube की मदद लेकर इस काम को समझा और धीरे-धीरे इसमें माहिर होती गईं. कम पढ़ी-लिखी होने के बावजूद उन्होंने खुद पर भरोसा रखा और आगे बढ़ीं.
वे मीठा पान और जरदा पान बनाती हैं. पान बनाने में बंगला पत्ता, गुलकंद, गोपाल चटनी, सुपारी, नारियल चूरा, चौड़ी पत्ती, इमाम और चुना जैसी सामग्री का उपयोग करती हैं. उनके पान का स्वाद ग्राहकों को पसंद आ रहा है….
रोजाना 500 से 1000 रुपये तक की कमाई
रामावती बताती हैं कि रोजाना उनकी बिक्री लगभग 500–600 रुपये तक हो जाती है, जबकि रविवार और सोमवार को यह 1000 रुपये तक पहुंच जाती है. इस कमाई से वे किसी तरह घर का खर्च चला रही हैं.रामावती के अनुसार, उनके पति इस काम में उनका पूरा समर्थन करते हैं और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करते हैं. परिवार के सहयोग से उनका आत्मविश्वास और मजबूत हुआ है.
रामावती ने बताया कि उन्होंने यह काम करीब 3–4 महीने पहले ही शुरू किया है.इतने कम समय में ही उन्होंने अपने दम पर पहचान बना ली है और अब आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं.
About the Author
7 वर्षों से पत्रकारिता में अग्रसर. इलाहबाद विश्वविद्यालय से मास्टर्स इन जर्नालिस्म की पढ़ाई. अमर उजाला, दैनिक जागरण और सहारा समय संस्थान में बतौर रिपोर्टर, उपसंपादक औऱ ब्यूरो चीफ दायित्व का अनुभव. खेल, कला-साह…और पढ़ें
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