4 दोस्तों का कमाल! 2 कमरे से शुरू की मशरूम की खेती, ऐसे बिजनेस को बनाया सफल

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Bikaner Four FriendS Success Story: बीकानेर के चार दोस्तों ने मिलकर “बीकानेर मशरूम कंपनी” शुरू कर महज दो महीनों में पहचान बना ली है. दो कमरों से शुरू हुआ यह स्टार्टअप अब स्थानीय बाजार और होटलों तक पहुंच चुका है. स्वामी केशवानंद कृषि विश्वविद्यालय से ट्रेनिंग लेने के बाद युवाओं ने ओएस्टर मशरूम की खेती शुरू की. फिलहाल 250 बैग के साथ उत्पादन किया जा रहा है. यह मशरूम 200 से 300 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है. कम लागत में शुरू हुआ यह बिजनेस अब युवाओं के लिए प्रेरणा बन रहा है

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बीकानेर. शहर के चार दोस्तों ने अपनी सोच और मेहनत के दम पर एक नया उदाहरण पेश किया है. बचपन के इन दोस्तों ने मिलकर “बीकानेर मशरूम कंपनी” की शुरुआत की और महज दो माह में ही अपने ओएस्टर मशरूम बिजनेस को पहचान दिलानी शुरू कर दी है. मुक्ताप्रसाद नगर स्थित एक मकान के दो कमरों से शुरू हुआ यह छोटा सा स्टार्टअप अब स्थानीय बाजार और होटलों तक अपनी पहुंच बना रहा है. कम संसाधनों में शुरू हुआ यह प्रयास अब युवाओं के लिए प्रेरणा बनता जा रहा है.

चार दोस्तों की यह पहल दिखाती है कि अगर सही दिशा और मेहनत हो, तो छोटा सा आइडिया भी बड़े अवसर में बदल सकता है. चेतन वर्मा, मोनू सुथार, हेमंत मारु और उनके एक अन्य साथी ने इस व्यवसाय की शुरुआत एक साधारण विचार से की थी. चेतन वर्मा बताते हैं कि कुछ महीने पहले दोस्तों ने साथ बैठकर मशरूम की सब्जी खाई, जिसके बाद मशरूम के बारे में चर्चा शुरू हुई. धीरे-धीरे उन्होंने इसके स्वास्थ्य लाभ और बाजार संभावनाओं के बारे में जानकारी जुटाई और फिर इसे व्यवसाय के रूप में अपनाने का निर्णय लिया.

ट्रेनिंग के बाद शुरू की मशरूम की खेती

इस दिशा में आगे बढ़ते हुए सभी दोस्तों ने स्वामी केशवानंद कृषि विश्वविद्यालय से मशरूम उत्पादन की ट्रेनिंग ली. प्रशिक्षण के बाद उन्होंने ओएस्टर मशरूम की खेती शुरू की, जिसे बटन मशरूम की तुलना में अधिक पौष्टिक और स्वास्थ्यवर्धक माना जाता है.  चेतन बताते हैं कि पहले वे ऑप्टिकल का व्यवसाय करते थे, लेकिन अब पूरी तरह मशरूम उत्पादन में जुट गए हैं. फिलहाल इन युवाओं ने करीब 250 मशरूम बैग लगाए हैं, जिनकी देखभाल काफी सावधानी से की जाती है. मशरूम उत्पादन के लिए 25 से 30 डिग्री तापमान और 70 प्रतिशत से अधिक आर्द्रता बनाए रखना जरूरी होता है. इसके लिए दिन में तीन से चार बार पानी का स्प्रे किया जाता है, जिससे बैग का वातावरण संतुलित बना रहता है. मशरूम को बैग से बाहर निकलने में करीब 25 से 30 दिन का समय लगता है.

बीकानेर के कई होटलों में दे रहे हैं सप्लाई

मोनू सुथार बताते हैं कि दो कमरों (10×12 फीट) में यह पूरी खेती की जा रही है और दिन में कई बार मशरूम की ग्रोथ पर नजर रखी जाती है. वहीं हेमंत मारु के अनुसार, अभी से 10 किलो से अधिक के ऑर्डर मिल चुके हैं और बीकानेर की कई बड़ी होटलों में सप्लाई शुरू हो चुकी है. ओएस्टर मशरूम की कीमत की बात करें तो इसे रिटेल में करीब 300 रुपये प्रति किलो और थोक में 200 रुपये प्रति किलो बेचा जा रहा है. यह मशरूम न केवल स्वादिष्ट होता है, बल्कि इसमें विटामिन डी, जिंक, आयरन और एंटीऑक्सीडेंट्स प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं. यह एंटी-डायबिटिक गुणों से भी भरपूर माना जाता है.

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दीप रंजन सिंह 2016 से मीडिया में जुड़े हुए हैं. हिंदुस्तान, दैनिक भास्कर, ईटीवी भारत और डेलीहंट में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. 2022 से News18 हिंदी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. एजुकेशन, कृषि, राजनीति, खेल, लाइफस्ट…और पढ़ें

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