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मीरा तिवारी की सफलता उन सभी लोगों के लिए प्रेरणा है जो छोटे स्तर से व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं. सही सोच, निरंतर मेहनत और गुणवत्तायुक्त उत्पाद किसी भी काम को बड़ी सफलता में बदल सकते हैं. आइए पढ़ते है इनकी कहानी…
उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले के विकासखंड वजीरगंज की एक महिला अपने घर पर मिक्स अचार बनाकर लाखों का इनकम कर रही हैं. महिला बताती हैं कि उन्होंने पहले छोटे स्तर पर अचार का व्यवसाय शुरू किया था. फिर सोचा कि क्यों न इस बिजनेस को बढ़ाया जाए, और उन्होंने इसे विकसित किया. इस समय उनके मिक्स अचार के बिजनेस से उन्हें लाखों का इनकम हो रहा है. उन्होंने बताया कि उनके मिक्स अचार की मांग काफी रहती है और इसे साल के 12 महीने बनाया जाता है.

लोकल 18 से बातचीत के दौरान मीरा तिवारी बताती हैं कि शुरुआत में वह सिर्फ अपने परिवार के लिए अचार बनाती थीं. उनके हाथ का बना अचार स्वाद और खुशबू में इतना बेहतरीन था कि रिश्तेदार और पड़ोसी बार-बार उनसे अचार मांगने लगे. धीरे-धीरे उन्होंने सोचा कि क्यों न इस हुनर को व्यवसाय में बदला जाए. इसके बाद उन्होंने घर पर ही छोटे पैमाने पर मिक्स अचार बनाकर बेचना शुरू किया. शुरुआत में वह रोजाना 2–3 किलो अचार तैयार करती थीं. आसपास के लोग भी अचार की गुणवत्ता की तारीफ करने लगे और धीरे-धीरे ऑर्डर मिलने लगे.

कुछ ही महीनों में उनका आत्मविश्वास बढ़ा और उन्होंने व्यवसाय को बड़ा बनाने का निर्णय लिया. इसके लिए उन्होंने साफ-सफाई, पैकिंग और स्वाद पर विशेष ध्यान देना शुरू किया. अचार को ग्लास जार और अच्छी क्वालिटी वाले पैकेट में पैक किया जाने लगा, जिससे ग्राहकों का भरोसा बढ़ा और अचार की मांग तेजी से बढ़ने लगी. उन्होंने अलग-अलग प्रकार के मिक्स अचार बनाना शुरू किया, जैसे मिर्च, नींबू, आम, गाजर-गोभी-शलगम और स्पेशल सीजनल मिक्स अचार.
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मीरा तिवारी बताती हैं कि उनके व्यवसाय को आगे बढ़ाने में सोशल मीडिया ने भी बड़ी भूमिका निभाई. उन्होंने अपने अचार की फोटो और वीडियो व्हाट्सएप, फेसबुक और इंस्टाग्राम पर साझा करना शुरू किया. इससे दूर-दराज से भी ऑर्डर मिलने लगे। अब हालात यह हैं कि उन्हें गांव के अलावा ब्लॉक और जिले के कई इलाकों से लगातार ऑर्डर मिलते रहते हैं.

मीरा तिवारी बताती हैं कि उनके मिक्स अचार की सबसे खास बात इसका घरेलू स्वाद और पूरी तरह प्राकृतिक सामग्री का उपयोग है. वह बताती हैं कि अचार में न तो कोई केमिकल डाला जाता है और न ही बाजार वाला प्रिजर्वेटिव इस्तेमाल होता है. यही कारण है कि उनके अचार की मांग पूरे 12 महीने बनी रहती है. लोग इसे शौक से खरीदते हैं और अक्सर दोबारा भी ऑर्डर करते हैं.

मीरा तिवारी बताती हैं कि वह अपने घर में ही एक छोटा सा यूनिट चलाती हैं, जहां 10 से 12 महिलाएं काम करती हैं. इससे न केवल उन्हें कमाई हो रही है, बल्कि गांव की अन्य महिलाओं को भी रोजगार मिल रहा है. वह बताती हैं कि पहले वह घर के खर्च चलाने के लिए दूसरों पर निर्भर थीं, लेकिन आज वह अपने पैरों पर खड़ी हैं और परिवार की आर्थिक स्थिति काफी अच्छी हो चुकी है.

इस समय उनकी मासिक कमाई लाखों में पहुंच चुकी है. वह आगे चलकर अपने अचार को बड़े ब्रांड के रूप में लॉन्च करना चाहती हैं और सरकारी योजनाओं की मदद लेकर कारोबार बढ़ाने की योजना भी बना रही हैं.
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