भिंड जिले के फूप क्षेत्र में बुधवार सुबह माइनिंग विभाग ने अवैध रेत कारोबार पर बड़ी कार्रवाई करते हुए आधा दर्जन (6) धर्मकांटों पर जमा रेत को जब्त कर लिया है। जब्त की गई रेत को भिंड शहर के एक निजी ठेकेदार को सौंपे जाने की बात सामने आई है, जिससे कार्रवाई पर सवाल भी खड़े हो रहे हैं। इस कार्रवाई के बाद डंपर चालकों और रेत कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मचा हुआ है और मामले में आगे की कार्रवाई जारी है। जानकारी के अनुसार, भिंड-इटावा मार्ग पर चंबल पुल से ओवरलोड रेत से भरे डंपरों के निकलने पर मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश प्रशासन ने प्रतिबंध लगा रखा है। इसके चलते डंपर चालक धर्मकांटों पर वजन कराने के दौरान अपनी अतिरिक्त रेत को वहीं उतार देते थे। यह रेत सस्ते दामों में स्थानीय स्तर पर बेची जाती थी। बिना रॉयल्टी के यूपी में खपाते थे माफिया धर्मकांटों पर जमा इस रेत को बाद में रेत माफिया बिना रॉयल्टी के खरीदकर उत्तरप्रदेश (यूपी) में खपा देते थे। इस अवैध कारोबार से हर महीने लाखों रुपये की रेत की ब्लैक मार्केटिंग की जा रही थी। सूत्रों के मुताबिक, इस पूरे नेटवर्क की जानकारी संबंधित विभागों और स्थानीय पुलिस को भी थी। नए अधिकारी के आने पर हुई कार्रवाई, लेन-देन की भी चर्चा कथित सांठगांठ के चलते लंबे समय से इस अवैध कारोबार पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही थी। हाल ही में पदस्थ नए माइनिंग अधिकारी द्वारा इस व्यवस्था पर सख्ती दिखाई गई है। कार्रवाई के पीछे कारणों को लेकर भी इलाके में चर्चाएं तेज हैं। धर्मकांटा संचालकों से जुड़े लोगों का दावा है कि नए अधिकारी के आने के बाद व्यवस्थाओं में बदलाव की कोशिश की गई और लेन-देन को लेकर सहमति नहीं बनने पर यह कार्रवाई की गई है। माइनिंग अधिकारी बोले- कार्रवाई जारी है इस संबंध में माइनिंग अधिकारी पंकज ध्वज मिश्रा से संपर्क किया गया तो उन्होंने केवल इतना कहा, “अवैध रेत जब्ती की कार्रवाई जारी है।” उन्होंने मामले में अधिक जानकारी देने से इंकार कर दिया और खुद को व्यस्त बताते हुए फोन काट दिया। जब्त रेत निजी ठेकेदार को सौंपे जाने से इस कार्रवाई और विभागीय पारदर्शिता पर भी कई सवाल खड़े हो गए हैं। .