Last Updated:
Rudranshi Singh Inda Success Story: राजस्थान के मेवाड़ क्षेत्र की बेटी रुद्रांशी सिंह इंदा ने अपनी मेहनत और जिद से प्रेरणा सफलता हासिल की है. सातवें प्रयास में उन्होंने भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बनाकर अपने सपने को साकार किया. लगातार असफलताओं के बावजूद वे हार नहीं मानी और कड़ी मेहनत जारी रखी. आखिरकार उनकी लगन रंग लाई और वह सेना में अधिकारी बन गईं. उनकी सफलता से परिवार और पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है. रुद्रांशी की यह सफल युवा, खासकर बेटियों के लिए प्रेरणा बनकर सामने आई है.
मेवाड़ की बेटियां आज हर क्षेत्र में अपने हुनर और मेहनत के दम पर नई पहचान बना रही हैं. इसी कड़ी में मेवाड़ की बेटी रूद्रांशी सिंह इंदा ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट के पद पर कमीशन प्राप्त किया है. उन्होंने 7 मार्च 2026 को चेन्नई स्थित ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी में 11 महीने का कठिन प्रशिक्षण पूरा करने के बाद भारतीय सेना के जज एडवोकेट जनरल (JAG) विभाग में लेफ्टिनेंट के रूप में सेवा शुरू की है. उनकी इस उपलब्धि से पूरे मेवाड़ क्षेत्र में गर्व और खुशी का माहौल है.
रूद्रांशी सिंह इंदा शुरू से ही पढ़ाई और नेतृत्व क्षमता में आगे रही हैं. उन्होंने वर्ष 2015 में 10वीं कक्षा 9.2 सीजीपीए के साथ उत्तीर्ण की थी। उस दौरान वह अपने स्कूल के टैगोर हाउस की कैप्टन भी रहीं.उनकी नेतृत्व क्षमता के चलते उसी वर्ष टैगोर हाउस ने हाउस ट्रॉफी भी जीती थी. इसके बाद वर्ष 2017 में उन्होंने 12वीं कक्षा 86.6 प्रतिशत अंकों के साथ पास की। 12वीं में उन्होंने भौतिकी, रसायन शास्त्र, गणित और शारीरिक शिक्षा विषयों का अध्ययन किया.इस दौरान उन्हें स्कूल की हेड गर्ल बनने का भी अवसर मिला.
स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय के यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ लॉ से बीकॉम-एलएलबी की पढ़ाई की और प्रथम श्रेणी में डिग्री हासिल की.इसके बाद उन्होंने दिल्ली की नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी से इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स एंड मैनेजमेंट विषय में एलएलएम किया.पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने रिसर्च एसोसिएट, लीगल एडवाइजर और शिक्षक के रूप में भी काम किया. साथ ही वह लगातार केंद्र और राज्य सरकार की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी करती रहीं.
Add News18 as
Preferred Source on Google
रूद्रांशी का सपना बचपन से ही सशस्त्र बलों में सेवा देने का था.उन्होंने इसके लिए कई प्रयास किए. एक बार उन्हें भारतीय नौसेना के लिए भी सिफारिश मिल चुकी थी, लेकिन कुछ अंकों से सीट छूट गई थी. हालांकि उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार प्रयास जारी रखा. आखिरकार अपने सातवें प्रयास में उन्हें भारतीय सेना के लिए चयनित होने का अवसर मिला.
वर्ष 2025 में उन्होंने जज एडवोकेट जनरल (JAG) शाखा की मेरिट सूची में ऑल इंडिया रैंक 4 हासिल कर बड़ी सफलता प्राप्त की. इसके बाद चेन्नई स्थित ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी में 11 महीने का प्रशिक्षण पूरा कर उन्होंने 7 मार्च 2026 को भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट के रूप में कमीशन प्राप्त किया.
रूद्रांशी सिंह इंदा की इस उपलब्धि से न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे मेवाड़ क्षेत्र का नाम रोशन हुआ है.उनकी सफलता आज की युवा पीढ़ी, खासकर बेटियों के लिए एक प्रेरणा बनकर सामने आई है कि अगर लक्ष्य बड़ा हो और मेहनत सच्ची हो तो कोई भी सपना पूरा किया जा सकता है.
.