मेटा ने फेसबुक, वॉट्सऐप और मैसेंजर पर नए स्कैम डिटेक्शन टूल्स किए लॉन्च

आजकल ऑनलाइन ठगी के मामले बहुत बढ़ गए हैं. फेक जॉब ऑफर, फ्रेंड रिक्वेस्ट से पैसे मांगना, या अकाउंट लिंक करने के बहाने धोखा देना, ये सब आम मामले होते जा रहे हैं. इसी को रोकने के लिए मेटा (जिसके पास फेसबुक, वॉट्सऐप और इंस्टाग्राम हैं) ने 11 मार्च 2026 को नए एंटी-स्कैम टूल्स लॉन्च किए हैं. ये टूल्स यूजर्स को ऐसे स्कैम से जुड़ी चीजों पर पहले ही अलर्ट करते हैं, ताकि धोखा खाने से पहले बचाव हो सके.

कंपनी का कहना है कि स्कैमर्स अब बहुत चालाक हो गए हैं. वे अकाउंट बनाकर तुरंत गलत काम नहीं करते, बल्कि धीरे-धीरे ट्रस्ट बनाते हैं. इसलिए ये नए फीचर्स पहले से ही चेतावनी देंगे.

फेसबुक को कैसे मिलेगी सुरक्षा?

फेसबुक पर अब संदिग्ध फ्रेंड रिक्वेस्ट आने पर अलर्ट मिलेगा. अगर कोई रिक्वेस्ट ऐसे अकाउंट से आ रही है जिसमें बहुत कम म्यूचुअल फ्रेंड्स हैं या लोकेशन अलग देश की दिख रही है, तो स्क्रीन पर वार्निंग आएगी. यह आपको सोचने का मौका देगा कि क्या इसे एक्सेप्ट करना है या ब्लॉक कर देना चाहिए. यह फीचर अभी टेस्टिंग में है और धीरे-धीरे सभी यूजर्स को मिलेगा. इससे फेक प्रोफाइल से होने वाली ठगी कम होगी, जैसे कोई अनजान व्यक्ति दोस्त बनकर पैसे मांगता है, तो आपको रिक्वेस्ट को एक्सेप्ट करने से पहले ही अलर्ट मैसेज मिलेगा.

वॉट्सऐप में डिवाइस लिंकिंग वार्निंग

टेक क्रंच की रिपोर्ट के अनुसार, वॉट्सऐप पर कई स्कैम होते हैं. स्कैमर्स आपको फोन करते हैं या मैसेज भेजकर कहते हैं कि “टैलेंट कॉम्पिटिशन जीत गए हो” या “अकाउंट वेरिफाई करो” और फिर QR कोड स्कैन करवाते हैं या फेक वेबसाइट पर फोन नंबर डलवाते हैं. इससे आपका अकाउंट उनके डिवाइस से लिंक हो जाता है और वे आपके मैसेज पढ़ सकते हैं या आपके नाम से ठगी कर सकते हैं. अब वॉट्सऐप नए वार्निंग सिस्टम से बचाएगा. अगर कोई लिंकिंग रिक्वेस्ट संदिग्ध लगेगी (जैसे व्यवहार से पता चले), तो अलर्ट आएगा  कि “यह रिक्वेस्ट संदिग्ध है, स्कैम हो सकता है”. इससे यूजर्स पहले ही रुक जाएंगे और सोच-सझकर ही अगल स्टेप लेंगे.

मैसेंजर पर एडवांस्ड स्कैम डिटेक्शन

मैसेंजर में अब और ज्यादा देशों में एडवांस्ड स्कैम डिटेक्शन शुरू हो रहा है. अगर किसी नए कॉन्टैक्ट से चैट में स्कैम के पैटर्न दिखें, जैसे फेक जॉब ऑफर, इन्वेस्टमेंट स्कीम या पैसे मांगना, तो अलर्ट आएगा. मैसेंजर एक मैसेज से पूछेगा- “क्या आप हाल के मैसेज AI को रिव्यू के लिए शेयर करना चाहते हैं?” अगर आप हां कहें, तो AI चैट देखकर बताएगा कि स्कैम है या नहीं. अगर स्कैम पकड़ा गया, तो कंपनी कॉमन स्कैम्स की जानकारी देगी और ब्लॉक/रिपोर्ट करने की सलाह देगी. यह फीचर मार्च 2026 में और देशों में रोलआउट हो रहा है.

1.09 करोड़ अकाउंट्स क्यों हुए बंद?

मेटा ने बताया कि पिछले साल उन्होंने 15.9 करोड़ से ज्यादा स्कैम ऐड्स हटाए, जिनमें से 92% किसी रिपोर्ट से पहले ही पकड़ लिए गए. साथ ही फेसबुक और इंस्टाग्राम पर 1.09 करोड़ अकाउंट्स बंद किए जो क्रिमिनल स्कैम सेंटर्स से जुड़े थे. कंपनी AI का इस्तेमाल करके फेक सेलिब्रिटी प्रोफाइल, ब्रांड इंपर्सनेशन और डिसेप्टिव लिंक्स भी पकड़ रही है. ये टेक्स्ट, इमेज और कंटेक्स्ट एनालाइज करके काम करते हैं.

 यूजर्स के लिए क्यों है जरूरी?

भारत में जहां वॉट्सऐप सबसे ज्यादा इस्तेमाल होता है, वहां ये फीचर्स बहुत काम आएंगे. लाखों लोग रोज ठगी का शिकार होते हैं. इस कदम से अब ऐप खुद ही पहले चेतावनी देंगे, तो बचाव आसान हो जाएगा. इस बात का पहले से ही अलर्ट मिल जाएगा कि कोई संदिग्ध मैसेज आ सकता है तो तुरंत रिपोर्ट करने का समय मिलेगा. साथ ही, अनजान लिंक्स या QR कोड पर क्लिक करने से लोग बच जाएंगे. मेटा का कहना है कि ये टूल्स यूजर्स को सुरक्षित रखने के लिए हैं और वे पुलिस व इंडस्ट्री पार्टनर्स के साथ मिलकर स्कैमर्स पर कार्रवाई भी कर रहे हैं.

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