बुरहानपुर में डॉग की बर्थडे पार्टी! मावले परिवार मानता है तीसरा बेटा, केक-मिठाई बांटी

Last Updated:

बुरहानपुर में राजेश और छाया मावले ने अपने पालतू कुत्ते शेरू का छठा जन्मदिन बड़ी धूमधाम से मनाया. इसका वीडियो वायरल हो रहा है. शेरू को तीसरा बेटा मानकर “शेरू राजेश मावले” नाम दिया है. परिवार ने शेरू को स्टाइलिश ड्रेस, चश्मा पहनाकर तिलक लगाया और केक काटा. परिवार ने डांस किया. मोहल्ले में मिठाई बांटी. शेरू के खानपान और देखभाल पर रोज 200 रुपये खर्च होते हैं. वह परिवार का सुख-दुख का साथी है. पशु प्रेम की यह मिसाल चर्चा में है.

Zoom

बुरहानपुर में डॉग के बर्थडे पार्टी का वीडियो वायरल हो रहा है.

बुरहानपुर. शहर के चर्चित मावले परिवार ने अपने पालतू कुत्ते शेरू का छठवां जन्मदिन ऐसे मनाया, मानो घर के छोटे नवाब की सालगिरह हो. आकर्षक ड्रेस, स्टाइलिश चश्मा और खास सजावट के बीच शेरू ने केक काटा, परिवार ने तालियां बजाईं और डांस फ्लोर पर जमकर ठुमके लगाए. परिवार के मुखिया राजेश मावले और छाया मावले ने शेरू को सगे बेटे का दर्जा देते हुए उसका नाम “शेरू राजेश मावले” रखा है और उसे परिवार का तीसरा बेटा घोषित कर दिया है. उनका कहना है कि यह डॉग नहीं, दिल का टुकड़ा है. सुख-दुख का साथी है, संकट में ढाल और घर की सुरक्षा का सिपाही भी है. बुरहानपुर में अब पालतू शेरू के जन्मदिन की हर तरफ चर्चा है.
यह जश्न सिर्फ एक पार्टी नहीं बल्कि पशु प्रेम की मिसाल है. राजेश मावले और छाया मावले ने शेरू को 10-15 दिन की उम्र में गोद लिया था. तब से वह परिवार का अभिन्न अंग बन गया.

हर त्योहार पर शेरू के लिए नए कपड़े आते हैं, जैसे बच्चों के लिए. जन्मदिन पर विशेष ड्रेस, बेल्ट, चश्मा और फूल-माला के साथ तिलक लगाकर केक काटा गया. मोहल्ले में मिठाई और केक बांटे गए. शेरू के दोस्तों (अन्य पालतू कुत्तों) को भी पार्टी दी गई. राजेश मावले कहते हैं कि शेरू रोजाना 200 रुपये का खर्चा करता है, लेकिन यह खर्च खुशी से किया जाता है. वह हर सदस्य को प्रेम करता है, बुलाने पर दौड़ा चला आता है. परिवार मानता है कि शेरू भगवान का वरदान है जो दुख सहन कर परिवार की मुसीबत टाल देता है. यह कहानी पालतू जानवरों के प्रति निश्छल प्रेम और परिवार में उनकी जगह को रेखांकित करती है.

शेरू का छठवां जन्मदिन: शाही अंदाज में सेलिब्रेशन
बुरहानपुर के इस परिवार ने शेरू के छठे जन्मदिन को भव्य बनाया. घर को गुब्बारों, लाइट्स और थीम बेस्ड डेकोरेशन से सजाया गया. शेरू को स्टाइलिश आउटफिट, सनग्लास और स्पेशल बेल्ट पहनाया गया. केक पर उसका नाम “शेरू राजेश मावले” लिखा था. परिवार के सदस्यों ने मिलकर केक काटा और शेरू को फीड किया. डांस फ्लोर पर शेरू भी खुशी से उछल-कूद करता रहा. यह जश्न मोहल्ले भर में फैला जहां लोगों ने शेरू को बधाई दी.

परिवार में शेरू की जगह: तीसरा बेटे की, सबका प्‍यारा है 
राजेश और छाया मावले शेरू को अपने तीन बेटों में से एक मानते हैं. उनका नाम आधिकारिक तौर पर “शेरू राजेश मावले” है. छाया बताती हैं कि शेरू हर बात समझता है. जब कोई दुख होता है तो वह पास आकर सांत्वना देता है. संकट में वह घर की रक्षा करता है. परिवार के हर त्योहार पर शेरू को भी नए कपड़े और गिफ्ट मिलते हैं. यह प्रेम दिखाता है कि पालतू जानवर परिवार का हिस्सा कैसे बन सकते हैं.

शेरू के साथ रोजमर्रा का जीवन और खर्च
राजेश मावले बताते हैं कि शेरू पर रोजाना करीब 200 रुपये खर्च होते हैं. अच्छा खाना, देखभाल और स्वास्थ्य जांच शामिल है. जन्मदिन पर विशेष शॉपिंग की जाती है. शेरू के फ्रेंड्स (गली के अन्य कुत्ते) को भी पार्टी में शामिल किया जाता है. पूरे मोहल्ले में मिठाई बांटी जाती है. यह परंपरा कई सालों से चली आ रही है.

पालतू प्रेम की मिसाल: बुरहानपुर में चर्चा
शेरू की पार्टी सोशल मीडिया और लोकल स्तर पर वायरल हो गई. लोग इसे पशु प्रेम का बेहतरीन उदाहरण मान रहे हैं. राजेश मावले कहते हैं कि पशु का निश्छल प्रेम सिर्फ पालक ही समझ सकते हैं. शेरू ने परिवार को एकजुट रखा है. यह कहानी हमें सिखाती है कि जानवर भी भावनाएं रखते हैं और परिवार में उनकी अहम भूमिका हो सकती है. बुरहानपुर में अब शेरू एक सेलिब्रिटी बन गया है.

About the Author

Sumit verma

सुमित वर्मा, News18 में 4 सालों से एसोसिएट एडीटर पद पर कार्यरत हैं. बीते 3 दशकों से सक्रिय पत्रकारिता में अपनी अलग पहचान रखते हैं. देश के नामचीन मीडिया संस्‍थानों में सजग जिम्‍मेदार पदों पर काम करने का अनुभव. प…और पढ़ें

.

Share me..

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *