सर्दियों में गरमागरम दाल का स्वाद ही अलग होता है. अगर बात हो पंचमेल दाल की, तो यह न सिर्फ स्वादिष्ट होती है बल्कि पोषण से भी भरपूर होती है. राजस्थान और उत्तर भारत में यह दाल खासतौर पर पसंद की जाती है. इसमें पांच अलग-अलग दालों का मेल होता है, जो प्रोटीन, फाइबर और मिनरल्स का बेहतरीन स्रोत है. आइए जानते हैं इसे बनाने का आसान तरीका.
पंचमेल दाल में इस्तेमाल होने वाली दालें
अरहर (तूर) दाल – 2 बड़े चम्मच
मूंग दाल – 2 बड़े चम्मच
मसूर दाल – 2 बड़े चम्मच
चना दाल – 2 बड़े चम्मच
उड़द दाल – 2 बड़े चम्मच
सामग्री
दालें – कुल 1 कप (ऊपर दी गई पांचों दालें)
प्याज – 1 मध्यम (बारीक कटा)
टमाटर – 2 मध्यम (बारीक कटे)
अदरक-लहसुन पेस्ट – 1 बड़ा चम्मच
हरी मिर्च – 2 (कटी हुई)
हल्दी – ½ छोटी चम्मच
लाल मिर्च पाउडर – 1 छोटी चम्मच
धनिया पाउडर – 1 छोटी चम्मच
नमक – स्वादानुसार
घी – 2 बड़े चम्मच
जीरा – ½ छोटी चम्मच
हींग – चुटकीभर
गरम मसाला – ½ छोटी चम्मच
हरा धनिया – सजावट के लिए
पानी – जरूरत अनुसार
बनाने की विधि
दाल तैयार करें:
पांचों दालों को अच्छी तरह धोकर 30 मिनट के लिए भिगो दें. फिर इन्हें प्रेशर कुकर में 3 कप पानी, हल्दी और नमक डालकर 3-4 सीटी तक पकाएं.
तड़का तैयार करें:
एक कढ़ाई में घी गरम करें. जीरा और हींग डालें. फिर प्याज डालकर सुनहरा होने तक भूनें.
अदरक-लहसुन पेस्ट और हरी मिर्च डालकर 1 मिनट भूनें.
अब टमाटर डालें और मसाले (धनिया पाउडर, लाल मिर्च) डालकर तब तक पकाएं जब तक मसाला तेल न छोड़ दे.
दाल मिलाएं:
पकी हुई दाल को मसाले में डालें. जरूरत हो तो पानी डालकर मनचाही गाढ़ी या पतली दाल तैयार करें.
5-7 मिनट तक धीमी आंच पर उबालें. अंत में गरम मसाला और हरा धनिया डालें.
परोसने का तरीका
गरमागरम पंचमेल दाल को घी की बूंदों के साथ परोसें. साथ में बाजरे की रोटी, चावल या तंदूरी रोटी हो तो स्वाद दोगुना हो जाएगा.
फायदे
पांचों दालों का मेल प्रोटीन और फाइबर से भरपूर है.
सर्दियों में यह शरीर को ऊर्जा देता है और पाचन को बेहतर बनाता है.
घी और मसालों का तड़का स्वाद और पोषण दोनों बढ़ाता है.
पंचमेल दाल एक पारंपरिक और पौष्टिक डिश है, जो सर्दियों में खाने का मजा बढ़ा देती है. इसे बनाना आसान है और यह हर उम्र के लोगों के लिए फायदेमंद है.
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