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Sikar News: सर्दियों की ठंड में घर पर बनी गर्मागर्म मिठास! राजस्थानी पारंपरिक आटे का शीरा न सिर्फ बच्चों को पसंद आता है, बल्कि थके हुए शरीर को ऊर्जा और गर्माहट भी देता है. सिर्फ कुछ देसी सामग्री — घी, आटा, शक्कर और पानी — से तैयार यह शीरा, इलायची और बादाम-पिस्ता के साथ सजा कर हर मौके को खास बना देता है.
गेहूं आटे का उपयोग आमतौर पर रोटियां बनाने के लिए किया जाता है. लेकिन क्या आपको पता है इसके उपयोग से हलवा भी बनाया जाता है. पुराने समय में राजस्थान में जब स्वादिष्ट मिठाइयों के लिए अधिक ऑप्शन नहीं होते थे उसे समय त्योहार और विशेष अवसर पर आटे का शीरा बनाया जाता था. यह राजस्थान का एक पारंपरिक व्यंजन है. खासतौर पर यह सर्दी के मौसम में अधिक बनता था. आज भी ग्रामीण क्षेत्रों में बुजुर्गों के लिए इसे बनाया जाता है.

आटे का शीरा एक तरह से राजस्थानी पारंपरिक मिठाई है. यह मिठाई न केवल स्वाद में लाजवाब होती है, बल्कि शरीर को ऊर्जा और गर्माहट भी देती है. फूड ब्लॉगर कल्पना शर्मा ने कहा कि आटे का शीरा बनाने के लिए अधिक सामग्री की जरूरत नहीं होती है. खास तौर पर इसका स्वाद बच्चों को अधिक पसंद आता है. ऐसे में जब घर में जब कुछ मीठा खाने की इच्छा हो और समय कम हो, तब आटे का शीरा आसानी से बना सकते हैं. यह देसी घी में बनने के कारण ताकत बढ़ाने वाला माना जाता है.

फूड ब्लॉगर कल्पना शर्मा ने बताया कि आटे का शीरा कमजोर शरीर, थकान और सर्दी-जुकाम के मौसम में बेहद फायदेमंद होता है. पुराने समय में इसे प्रसूता महिलाओं और मेहनत करने वाले लोगों को खास तौर पर खिलाया जाता था. आज भी इसकी खुशबू और स्वाद इसे हर घर की पसंदीदा मिठाई बनाए हुए है. इसे बनाने के लिए गेहूं का आटा 1 कप, देसी घी ¾ कप, शक्कर ¾ कप, पानी 3 कप और सजाने के लिए बादाम व पिस्ता(कटे हुए) की आवश्यकता होती है. चाहें तो खुशबू के लिए इलायची पाउडर भी थोड़ा-सा डाल सकते हैं.
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फूड ब्लॉगर कल्पना शर्मा ने बताया कि इसे बनाने के लिए सबसे पहले एक कढ़ाही या भारी तले का पैन गैस पर रखें और उसमें भरपूर मात्रा में शुद्ध देसी घी डालकर मध्यम आंच पर गर्म करें. इसके बाद जब घी हल्का गर्म हो जाए, तब उसमें धीरे-धीरे गेहूं का आटा डालें. अब आंच धीमी कर दें और लगातार कलछी से चलाते हुए आटे को भूनें. फिर आटे को अच्छी तरह भूनना बहुत जरूरी होता है, क्योंकि कच्चा आटा शीरे के स्वाद को खराब कर सकता है. भूनते समय आटे का रंग धीरे-धीरे हल्का सुनहरा हो जाएगा और घी अलग दिखाई देने लगेगा, तभी आटा पूरी तरह भुना माना जाता है.

इसके बाद जब आटा सही तरह से भुन जाए, तब गैस की आंच धीमी ही रखें और अब इसमें थोड़ा-थोड़ा करके पानी डालना शुरू करें. पानी डालते समय लगातार चलाते रहना बहुत जरूरी है, ताकि शीरे में गांठें न बनें और मिश्रण एकसार बना रहे. फिर पानी मिलते ही आटा फूलने लगेगा और मिश्रण गाढ़ा होता जाएगा. अब इसमें स्वादानुसार शक्कर डालें और अच्छी तरह मिलाएं. शक्कर धीरे-धीरे पिघलेगी और आटे के साथ मिलकर शीरे को चिकना और मुलायम बना देगी.

फिर जब शक्कर पूरी तरह घुल जाए और शीरा गाढ़ा होकर कढ़ाही के किनारे छोड़ने लगे, तब इसमें इलायची पाउडर डालें और अच्छे से मिला दें. इलायची डालने से शीरे की खुशबू और स्वाद दोनों बढ़ जाते हैं. अब गैस बंद कर दें और ऊपर से कटे हुए बादाम, पिस्ता या काजू डालकर शीरे को सजा दें. इस तरह राजस्थानी तरीके से आटे का शीरा बनकर तैयार हो जाएगा.
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