गोभी का अचार… ठंड जाने से पहले बना लें, फिर पूरे साल खाएं, नहीं होगा खराब! दीदी की अनोखी रेसिपी

Gobhi Ka Achar: ठंड का सीजन अब जा रहा है. इसी के साथ देसी, बड़ी और सस्ती फूलगोभी का सीजन भी चला जाएगा. इसलिए अब भी मौका है. आप गोभी का अचार बनाकर उसका स्वाद चख लें. इस मौसम में बाजारों में मिलने वाली गोभी न सिर्फ ताजी और सस्ती होती है, बल्कि गुणवत्ता में भी बेहतरीन मानी जाती है. हाथ से कूटे गए मसालों, राई के तीखेपन और धूप में पकाने की पारंपरिक विधि से तैयार किया गया गोभी का अचार विंध्य अंचल में सर्दियों के भोजन का अहम हिस्सा माना जाता है. दरअसल, गोभी के अचार बनाने की ये रेसिपी कुछ खास है. जानें…

विंध्य क्षेत्र में आज भी अचार बनाने की परंपरा जीवित है. महिलाएं घर के आंगन में बैठकर मसालों को सिल-बट्टे पर कूटती हैं. धूप में अचार पकाया जाता है. यही वजह है कि विंध्य क्षेत्र में बनने वाला गोभी का अचार अपने खास स्वाद और लंबे समय तक टिके रहने के लिए जाना जाता है. यह अचार न सिर्फ खाने का स्वाद बढ़ाता है, बल्कि ठंड के मौसम में शरीर को गर्म रखने और पाचन को दुरुस्त करने में भी मदद करता है. खास बात ये कि ये अचार लंबे समय टिका भी रहता है, जो इसके मजे को दोगुना कर देता है.

कम तेल वाला अचार
सीधी की रहने वाली गृहणी प्रियंका सिंह ने लोकल 18 को बताया, सर्दियों में मिलने वाली ताजी फूलगोभी से बना अचार स्वाद के साथ सेहत के लिहाज से भी बेहद फायदेमंद होता है. यह अचार कम तेल में तैयार किया जाता है, जिससे यह हल्का रहता है और आसानी से पच जाता है. घर में बनाए गए अचार में मसालों की मात्रा संतुलित रहती है, जिससे बच्चे, बुजुर्ग और युवा सभी इसे आराम से खा सकते हैं.

पहले उबालो फिर सुखाओ
प्रियंका सिंह के अनुसार, गोभी का अचार बनाने के लिए एक किलो कड़ी और ताजी फूलगोभी ली जाती है. इसे मध्यम आकार के टुकड़ों में तोड़कर अच्छी तरह धोया जाता है. बेहतर स्वाद और सुरक्षित भंडारण के लिए गोभी को हल्का ब्लांच किया जाता है. उबलते पानी में थोड़ा नमक और हल्दी डालकर गोभी को दो से तीन मिनट तक रखा जाता है. फिर पानी छानकर सूती कपड़े पर फैलाकर पूरी तरह सुखाया जाता है.

ऐसे बनेगा अचार का मसाला
इसके बाद पीली या काली सरसों, सौंफ, मेथी दाना और अजवाइन को हल्का भूनकर दरदरा पीस लिया जाता है. सरसों के तेल को धुआं निकलने तक गर्म कर ठंडा किया जाता है, ताकि उसका कड़वापन खत्म हो जाए. सूखी गोभी में तैयार मसाला, हल्दी, लाल मिर्च, कश्मीरी मिर्च, नमक और अमचूर पाउडर मिलाकर ऊपर से ठंडा सरसों का तेल डाला जाता है.

एक साल तक स्टोर करें!
तैयार अचार को साफ और सूखे कांच के जार में भरकर दो से तीन दिन धूप में रखा जाता है. नमी से बचाव सबसे जरूरी है, क्योंकि पानी की एक बूंद भी अचार को खराब कर सकती है. प्रियंका सिंह ने दावा किया कि सही तरीके से बनाया और स्टोर किया गया गोभी का अचार छह महीने से लेकर एक साल तक सुरक्षित रहता है. वहीं, स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. आरपी परौहा के अनुसार, गोभी का अचार पाचन सुधारने, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और शरीर को गर्म रखने में सहायक होता है. विटामिन-सी से भरपूर यह अचार सर्दी-जुकाम से बचाव करता है और रोजमर्रा के भोजन का स्वाद भी दोगुना कर देता है.

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