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Mahua Lata Recipe: सर्दियों में महुआ का लाटा एनर्जी, दर्द और गठिया से राहत देने वाला देसी सुपरफूड है. इसे बनाकर महीने भर आराम से का सकते हैं. रीवा की उर्मिला तिवारी से जानिए इसकी रेसिपी और फायदे क्या हैं.
Rewa News: पहले सर्दी का मौसम आते ही हर घर में महुआ भूजते थे. भुनी अलसी या तिल के साथ भुना महुआ कूटते थे. महीना भर के लिए महुआ का लाटा कुट के रख लेते थे. ताकि गठिया बात जैसे रोगों के दर्द से निजात मिल जाए. अब लोग थोड़ा भूल से रहे हैं. इसका नाश्ता भी सेहतमंद होता है. ये कहना है रीवा की रहने वाली उर्मिला तिवारी का.
उर्मिला बताती हैं कि जब हम छोटे थे तब हमारे यहां मां महुआ भून के रख लेती थीं, जब पिता जी खेत का काम करते थे तो वहीं लाटा लेकर चले जाते थे और उसी को खाते थे. महुआ का लाटा खाकर पानी पी लेते थे जिससे पानी भी पीने में अच्छा लगता था. पुराने जमाने के लोग कहते हैं कि ऐसे खाली पेट पानी नहीं पी सकते हैं अगर थोड़ा सा महुआ अलसी और तिल का लाटा हो तो पानी पीने में भी मजा आता है. यह शुद्ध चीज होती है महुआ को कई तरह से बघेलखंड में खाते हैं जैसा कि महुआ का लाटा और महुआ की काठी, महुआ के पुआ यह चीजें बनती हैं. महुआ मीठा होता है, इस कारण गुड़ चीनी की जरूरत नहीं होती है और खाने में भी अच्छा होता है.
कैसे बनाएं महुआ का लाटा?
पहले महुआ को कढ़ाई में या मिट्टी के बर्तन में भून लें. अलसी भी भून लें, तिल डाल रहे हो तो उसे भी भून लें और गर्म-गर्म ही अच्छे से कूट लें. फिर इसे एक डब्बे में भर कर रख लें. महीने भर इसे आराम से खा सकते हैं.
सर्दियों में वरदान से कम नहीं
उर्मिला बताती हैं कि सर्दी के मौसम में महुआ से बना लाटा कई बीमारियों में रामबाण इलाज होता है, क्योंकि आयुर्वेद के अनुसार महुआ बात, पित्त, और कफ निवारक होता है. ये लकवा और गठिया बात के मरीजों के लिए रामबाण है. इसे बनाना बहुत आसान भी है, बस कूटते समय थोड़ी मेहनत लगती है, लेकिन बघेलखंड की ये देसी रेसिपी स्वाद और सेहत का खजाना है
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Dallu Slathia is a seasoned digital journalist with over 7 years of experience, currently leading editorial efforts across Madhya Pradesh and Chhattisgarh. She specializes in crafting compelling stories across …और पढ़ें