महंत रविंद्र पुरी बोले- हरिद्वार कुंभ के लिए मेगा प्लान: कोई विरोध नहीं, सभी 13 अखाड़े साथ; प्रयागराज का रिकॉर्ड तोड़ने की तैयारी – Haridwar News

हरिद्वार में होने वाले कुंभ 2027 को लेकर अखाड़ों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रविंद्र पुरी ने कहा कि उत्तराखंड में सनातन समाज इसे उत्सव के रूप में देख रहा है, इसलिए सभी लोग हरिद्वार में दिव्य और भव्य कुंभ की प्रतीक्षा कर

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दैनिक भास्कर एप से बातचीत में महंत रविंद्र पुरी ने ये भी बताया की निरंजनी अखाड़े में कुंभ को लेकर बैठकों का सिलसिला शुरू हो चुका है और सभी अखाड़े मिलकर आयोजन को सफल बनाने के लिए आपसी समन्वय पर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि निरंजनी अखाड़े द्वारा बनाए गए जापानी महामंडलेश्वर इस बार कुंभ के आकर्षणों में शामिल रहेंगे।

अब सवाल जवाब में पढ़िए पूरी बातचीत…

महंत रविंद्र पुरी से बातचीत करते भास्कर रिपोर्टर।

सवाल: कुंभ 2027 को लेकर अखाड़ों ने क्या तैयारियां शुरू कर दी हैं? जवाब: हमारे उत्तराखंड में अब एक ही आवाज आ रही है कि कुंभ कब होगा। सभी सनातनी महीने गिन रहे हैं कि कुंभ कब आए, क्योंकि हम इसे उत्सव के रूप में मनाते हैं। हमारा मानना है कि इस बार हरिद्वार में दिव्य और भव्य कुंभ हो। जब उत्तराखंड के मुख्यमंत्री ने 13 अखाड़ों की बैठक ली, तब सभी अखाड़ों ने एक स्वर में कहा कि इस कार्य में हम मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ हैं और बहुत सुंदर कुंभ करेंगे। किसी भी अखाड़े या व्यक्ति ने कुंभ का विरोध नहीं किया।

सवाल: प्रयागराज में जो फैसले लिए गए थे, क्या वे हरिद्वार कुंभ में भी लागू होंगे? जवाब: पिछले दिनों आपने देखा कि बांग्लादेश में हिंदुओं के साथ अन्याय हुआ। लेकिन भारत में हम ऐसी सोच नहीं रखते। यहां हिंदू-मुस्लिम सब एक समान हैं और हमारे भाई-बंधु हैं। हालांकि कुछ घटनाएं जैसे जूस जिहाद, लव जिहाद और थूक जिहाद हुईं, जिनसे मन विचलित होता है। इसी कारण प्रयागराज में हमने कहा था कि कोई हमारे खाने में ऐसी चीज न मिला दे जिससे हमारा धर्म भ्रष्ट हो। 2027 कुंभ में अभी समय है। उससे पहले सभी 13 अखाड़े बैठकर तय करेंगे कि कौन-कौन से निर्णय लेने हैं और क्या उचित-अनुचित है।

सवाल: निरंजन अखाड़े द्वारा बनाए गए जापानी महामंडलेश्वर क्या इस कुंभ का आकर्षण रहेंगे? जवाब: देखिए वे एक सिद्ध महात्मा हैं और महायोगी पायलट बाबा के शिष्य हैं। उन्होंने कई दिनों तक समाधि ली है। आज दुनिया में योग की बात होती है, लेकिन वह एक्सरसाइज है। अगर असली योग देखना है तो हमारे महामंडलेश्वर को देखिए, जो समाधि लेकर आत्मा को परमात्मा से जोड़ते हैं। जब देश-दुनिया के लोग कुंभ में आएंगे और उन्हें देखेंगे, तो उन्हें पता चलेगा कि हम योग की बात करते हैं और वे समाधि तक पहुंच चुके हैं। हमारा प्रयास रहेगा कि हम उनसे सीखें और वे हमसे सीखें।

सवाल: निरंजनी अखाड़े में कुंभ को लेकर क्या तैयारियां चल रही हैं? जवाब: निरंजनी अखाड़े में कुंभ की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं और लगातार मीटिंग चल रही हैं। पहले हरिद्वार का कुंभ होगा, उसके बाद नासिक का। हमारा प्रयास रहेगा कि हरिद्वार और नासिक दोनों में सुंदर छावनी प्रवेश हो। सबसे पहले सभी साधु-संत प्रयागराज में एकत्र होंगे, क्योंकि प्रयागराज निरंजनी अखाड़े का मुख्यालय है। वहां से सभी संत हरिद्वार आएंगे और छावनी प्रवेश करेंगे। इसके बाद

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हरिद्वार में शुक्रवार को निरंजनी अखाड़े ने जापान के संत स्वामी बाला कुंभ मुनि महाराज को विधि विधान के साथ निरंजनी अखाड़े का महामंडलेश्वर बनाया। अखाड़े परिसर में आयोजित पारंपरिक पट्टाभिषेक समारोह में जगद्गुरु शंकराचार्य राजराजेश्वराश्रम महाराज और अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद एवं मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज सहित बड़ी संख्या में साधु संत मौजूद रहे। (पढ़ें पूरी खबर)

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