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बाबा महाकाल के गर्भगृह को लेकर विवाद अब सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे तक पहुंच चुका है, जहां इंदौर के रहने वाले चर्चित शास्त्री की याचिका पर कोर्ट को फैसला देना है. फिलहाल भक्त बाबा महाकाल के गर्भगृह से दूर हैं और उन्हें प्रवेश की अनुमति नहीं है.
Ujjain Mahakaleshwar Temple: उज्जैन का महाकाल मंदिर हिंदुओं की आस्था का बड़ा केंद्र है. यहां हर साल लाखों भक्त बाबा महाकाल के दर्शन करने पहुंचते हैं. अभी भक्तों को उज्जैन में बाबा महाकाल के गर्भगृह में प्रवेश नहीं दिया जा रहा है, जबकि ताकतवर और प्रभावशाली लोगों को बिना रोक-टोक गर्भगृह में जाने दिया जा रहा है. इसी को लेकर विवाद गहरा गया है, जिस पर अब सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है.
सभी भक्तों के लिए एक जैसी व्यवस्था लागू करने की बात
इंदौर के रहने वाले वकील चर्चित शास्त्री ने अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है. मंदिर प्रशासन VIP और प्रभावशाली लोगों को गर्भगृह में जाने की अनुमति दे रहा है, लेकिन आम श्रद्धालुओं को इससे दूर रखा जा रहा है. गर्भगृह में जाने से भक्तों को रोकना समानता के अधिकार और धार्मिक स्वतंत्रता के खिलाफ है. याचिका में सभी भक्तों के लिए एक जैसी व्यवस्था लागू करने की बात कही गई है.
श्रद्धालुओं का बाबा महाकाल के गर्भगृह में प्रवेश है बंद
महाकाल मंदिर के गर्भगृह में जुलाई 2023 के बाद भक्तों का प्रवेश बंद कर दिया गया है, क्योंकि तब सावन की भारी भीड़ को देखते हुए ये बड़ा फैसला लिया गया था. फिर कुछ समय बाद पुरानी व्यवस्था लागू करने की बात थी. लेकिन करीब ढाई साल बीत जाने के बाद भी सभी भक्त गर्भगृह से दूर हैं.
जानें की भक्तों की मांग
भक्त अभी गणेश मंडपम और नंदी हॉल से ही बाबा महाकाल के दर्शन करते हैं, जबकि दूर-दूर से आए भक्तों के मन में बाबा महाकाल को एक बार स्पर्शन करने इच्छा रहती है. भक्तों की मांग है कि उन्हें गर्भगृह में प्रवेश दिया जाए. ताकि वह भी बाबा महाकाल के करीब से दर्शन कर सकें.
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